महाशिवरात्रि पर दतिया में पुलिस की अनोखी पहल, थाना प्रभारी शाकिर अली खान ने कांवड़ियों को परोसी खीर
दतिया जिले में महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर सामाजिक सौहार्द और भाईचारे की एक दिल छू लेने वाली तस्वीर सामने आई। सनकुआं धाम जाने वाले कांवड़ियों की सेवा के लिए भगुवापुरा थाना परिसर में भंडारे का आयोजन किया गया, जिसकी अगुवाई थाना प्रभारी शाकिर अली खान ने अपने पूरे पुलिस स्टाफ के साथ मिलकर की।
कांवड़ियों की सेवा में जुटी पुलिस
महाशिवरात्रि पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु सेंवढ़ा स्थित सनकुआं धाम की ओर कांवड़ यात्रा पर निकले थे। इसी दौरान भगुवापुरा थाना परिसर में पुलिस ने भंडारा लगाकर कांवड़ियों के लिए विश्राम और प्रसाद की व्यवस्था की। थाना प्रभारी शाकिर अली खान स्वयं आगे आए और श्रद्धालुओं को प्रेमपूर्वक खीर प्रसाद परोसते नजर आए।

पुलिसकर्मियों ने भी पूरे मनोयोग से भोजन वितरण, पानी और अन्य व्यवस्थाओं को संभाला, जिससे श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो।
"हर-हर महादेव" के जयकारों के बीच झूमे थाना प्रभारी
भंडारे के दौरान माहौल उस समय और अधिक भावुक व उत्साहपूर्ण हो गया, जब "हर-हर महादेव" के जयकारों और भक्ति संगीत की धुनों पर थाना प्रभारी शाकिर अली खान कांवड़ियों के साथ झूमते और थिरकते दिखाई दिए। इस दृश्य ने वहां मौजूद लोगों का दिल जीत लिया और हर किसी ने पुलिस की इस पहल की सराहना की।
कांवड़ियों और स्थानीय लोगों ने की सराहना
कांवड़ियों ने कहा कि एक मुस्लिम थाना प्रभारी द्वारा इस तरह सेवा करना सच्चे भाईचारे और सांप्रदायिक सौहार्द का जीवंत उदाहरण है। स्थानीय लोगों का कहना है कि दतिया पुलिस की यह पहल धार्मिक आस्था के सम्मान के साथ-साथ समाज में एक सकारात्मक संदेश भी देती है कि इंसानियत और सेवा सबसे बड़ा धर्म है।
सामाजिक समरसता की मजबूत मिसाल
महाशिवरात्रि पर थाना परिसर में आयोजित इस भंडारे ने दतिया में गंगा-जमुनी तहज़ीब को और मजबूत किया। पुलिस और समाज के बीच विश्वास बढ़ाने वाली इस पहल ने दिखाया कि त्योहार केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि समाज को जोड़ने का अवसर भी होते हैं।
प्रशासनिक सहयोग और व्यवस्था
भंडारे के दौरान पुलिस ने सुरक्षा और यातायात व्यवस्था भी संभाली, ताकि कांवड़ यात्रा सुचारु रूप से चल सके। श्रद्धालुओं ने पुलिस की तत्परता और सेवा भावना की प्रशंसा करते हुए कहा कि ऐसे प्रयास समाज में सद्भाव और विश्वास को बढ़ाते हैं।
कुल मिलाकर, महाशिवरात्रि के इस अवसर पर दतिया में आयोजित यह भंडारा सामाजिक एकता, भाईचारे और मानवता की प्रेरक कहानी बन गया, जिसने यह संदेश दिया कि धर्म और सेवा का असली अर्थ लोगों को जोड़ना है।












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