MP News: दामोदर यादव "मंडल" का IAS संतोष वर्मा पर सरकार की कार्रवाई के खिलाफ आंदोलन का ऐलान
Damodar Yadav MP News: आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) के राष्ट्रीय कोर कमेटी सदस्य दामोदर सिंह यादव 'मंडल' ने IAS अधिकारी संतोष वर्मा पर राज्य सरकार की ताजा कार्रवाई को "जातिगत दबाव का नतीजा" बताते हुए पूरे प्रदेश में आंदोलन की घोषणा कर दी है।
वर्मा के विवादास्पद बयान के बाद सरकार ने उन्हें कृषि विभाग से हटाने और बर्खास्तगी की सिफारिश करने का फैसला लिया है, जिसे यादव ने "आदिवासी अधिकारी को ब्राह्मण समाज के दबाव में बलि चढ़ाने" का प्रयास करार दिया। यादव ने कहा कि वर्मा ने कुछ गलत नहीं कहा, बल्कि RSS प्रमुख मोहन भागवत भी समान बातें करते हैं।

दामोदर सिंह यादव 'मंडल' ने IAS अधिकारी संतोष वर्मा पर राज्य सरकार की ताजा कार्रवाई को "जातिगत पूर्वाग्रह का खुला प्रमाण" बताते हुए तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि वर्मा को कृषि विभाग से ट्रांसफर कर "पूल" में डालना (यानी बिना काम के अटैच करना) और उनके खिलाफ बर्खास्तगी की कार्रवाई तेज करना सरकार के "दोहरे चरित्र" को उजागर करता है। यादव ने SC-ST-माइनॉरिटी संगठनों से अपील की कि वे समय पर आंदोलन करें, वरना स्पष्टीकरण दें कि कौन "मनुवादियों" के खिलाफ है।
यह बयान 11 दिसंबर को सामान्य प्रशासन विभाग की बर्खास्तगी सिफारिश के ठीक एक दिन बाद आया है। यादव ने कहा कि मुख्यमंत्री मोहन यादव OBC के 27% आरक्षण का समर्थन करते हैं, लेकिन आदिवासी अधिकारी वर्मा पर कार्रवाई से उनका "दोहरा चरित्र" साफ हो गया।
यह ऐलान दतिया के इंदरगढ़ में 6 दिसंबर की 'संविधान बचाओ रैली' के ठीक 6 दिन बाद आया है, जहां सांसद चंद्रशेखर आजाद ने वर्मा का समर्थन किया था। यादव ने रैली को "बहुजन क्रांति की शुरुआत" बताते हुए 2028 विधानसभा चुनाव में "संविधानवादी सरकार" बनाने का संकल्प दोहराया। वनइंडिया हिंदी की विशेष रिपोर्ट में जानिए पूरा मामला।
दामोदर यादव का पूरा बयान
प्रेस कॉन्फ्रेंस में दामोदर सिंह यादव ने कहा, "जैसे ही हमें पता चला कि IAS अधिकारी संतोष वर्मा के खिलाफ सरकार कार्रवाई कर रही है - पहला, उन्हें कृषि विभाग से ट्रांसफर कर दिया गया, अब पूल में डाल दिया यानी उनके पास कोई काम नहीं बचा। दूसरा, उनके खिलाफ बर्खास्तगी की कार्रवाई तेज कर दी गई। मैं दो बातें स्पष्ट कहना चाहता हूं। पहली, हमारा आरोप सही साबित हो गया कि यह सरकार एक जाति विशेष के हिसाब से चलती है और मनु विधान लागू करना चाहती है। दूसरी, जब मोहन यादव OBC के 27% आरक्षण का समर्थन की बात करते हैं, तो फिर इस तरह की कार्रवाई उनका दोहरा चरित्र दिखाती है।"
यादव ने SC-ST-माइनॉरिटी संगठनों से अपील की, "मैं अपने SC-ST-माइनॉरिटी सभी समाज के संगठनों से कहना चाहता हूं कि अगर जो भी आंदोलन करना है, वह समय से करो जिससे सरकार पर दबाव बना सके। नहीं तो स्पष्टीकरण दो कि कौन इन मनुवादियों के खिलाफ है।"
IAS संतोष वर्मा का विवाद: बयान से शुरू हुई राजनीतिक आग
सब कुछ 23 नवंबर 2025 को भोपाल में अखिल भारतीय अनुसूचित जाति-जनजाति अधिकारी एवं कर्मचारी संघ (AJJAKS) की प्रांतीय बैठक से शुरू हुआ। वर्मा, जो हाल ही में AJJAKS के प्रदेश अध्यक्ष बने थे, ने आरक्षण को आर्थिक आधार पर देने की बहस के बीच कहा: "परिवार में एक ही व्यक्ति को आरक्षण मिलना चाहिए, जब तक कोई ब्राह्मण अपनी बेटी को मेरे बेटे से शादी न कर दे या उसके साथ संबंध न बनाए।"
यह बयान वीडियो में रिकॉर्ड हो गया और सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। ब्राह्मण समाज ने इसे "जातिवादी और महिलाओं का अपमान" बताते हुए भोपाल, ग्वालियर, सिंगरौली, नर्मदापुरम और रायसेन में विरोध प्रदर्शन किए। 65 ब्राह्मण संगठनों ने मुख्यमंत्री मोहन यादव के निवास पर 14 दिसंबर को घेराव की घोषणा की।
सरकार की कार्रवाई: शो-कॉज से बर्खास्तगी की सिफारिश
27 नवंबर को सामान्य प्रशासन विभाग ने वर्मा को शो-कॉज नोटिस जारी किया। नोटिस में कहा गया: "आपके बयान से सामाजिक सद्भाव बिगड़ा और वैमनस्य पैदा हुआ। यह AIS (कंडक्ट) रूल्स 1968 के उल्लंघन है।"
वर्मा ने जवाब दिया, लेकिन सरकार ने इसे "असंतोषजनक" पाया। 11 दिसंबर को GAD ने केंद्रीय सरकार को पत्र भेजकर बर्खास्तगी की सिफारिश की। मुख्य सचिव कैलाश चंद्र मीणा ने कहा, "वर्मा ने फर्जी दस्तावेजों से प्रमोशन लिया था। बयान से सामाजिक सद्भाव प्रभावित हुआ।" वर्मा को कृषि विभाग से हटाकर GAD पूल में अटैच कर दिया गया।
दामोदर यादव का आंदोलन ऐलान: "जातिगत दबाव में आदिवासी को बलि चढ़ा रही सरकार"
दामोदर सिंह यादव ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, "संतोष वर्मा पर सरकार की कार्रवाई ब्राह्मण समाज के दबाव का नतीजा है। वर्मा ने गलत कुछ नहीं कहा। RSS प्रमुख मोहन भागवत भी रोटी-बेटी संबंधों की बात करते हैं। तो वर्मा पर बवाल क्यों? सिर्फ इसलिए कि वे आदिवासी वर्ग से हैं? यह जातिगत सोच का प्रमाण है। अगर वर्मा को निशाना बनाया जाएगा, तो ASP-भीम आर्मी उनके पक्ष में लड़ेगी। हम पूरे प्रदेश में आंदोलन करेंगे - प्रदर्शन, धरना, रैलियां।"
यादव ने इंदरगढ़ रैली का जिक्र करते हुए कहा, "चंद्रशेखर आजाद के बयान को गलत तरीके से पेश किया गया। उन्होंने कहा था कि हर घर से संतोष वर्मा जैसे लोग निकलेंगे, कितनों को मारोगे? यह सामाजिक समरसता का संदेश था।"
इंदरगढ़ रैली का असर: "2028 में संविधानवादी सरकार बनाएंगे"
यादव ने रैली को "बहुजन क्रांति" बताया: "हजारों लोग जुटे। BJP और कांग्रेस चिंतित हैं। हम 2028 में मध्य प्रदेश में संविधानवादी सरकार बनाएंगे। संविधान बचाने, पाखंड-जातिवाद मिटाने की शपथ ली गई।"
डबरा नवग्रह मंदिर पर आरोप: "धर्म के नाम पर भूमाफिया गिरी"
यादव ने डबरा में नवग्रह मंदिर को "आस्था के साथ खिलवाड़" बताया: "धीरेंद्र शास्त्री के संरक्षण में पूर्व गृह मंत्री ने सरकारी जमीन (सुगर मिल लीज) हड़प ली। सरकार मंदिर निर्माण रोकें, वरना हाईकोर्ट जाएंगे और भूमाफिया-अधिकारियों की साठगांठ उजागर करेंगे।"
धीरेंद्र शास्त्री पर तंज: "बंगाल में हिंदुत्व माहौल बनाने गए"
यादव ने शास्त्री की बंगाल यात्रा को "चुनावी साजिश" कहा: "विधानसभा चुनाव से पहले हिंदुत्व का माहौल बनाते हैं। दम है तो हिंदू राष्ट्र यात्रा का दूसरा चरण घोषित करें। हम गैर-संवैधानिक यात्रा एक कदम नहीं चलने देंगे।"
ग्वालियर मारपीट कांड: "NSA लगवाएंगे"
यादव ने ग्वालियर बेहट थाना में कुशवाहा व्यक्ति पर मारपीट को "जातिगत अत्याचार" बताया: "जाति के आधार पर अत्याचार बर्दाश्त नहीं। चाहे मेरी जाति का हो, NSA लगवाएंगे। SP से कड़ी कार्रवाई की मांग।"
ASP का उभार, BJP-कांग्रेस पर दबाव
यादव का आंदोलन ऐलान ASP को मजबूत करेगा। ग्वालियर-चंबल में OBC-दलित वोट (67%) निर्णायक हैं। BJP ने इसे "जातिवाद" कहा, कांग्रेस ने चुप्पी साधी।
विश्लेषक: "ASP का उभार कांग्रेस को सबसे ज्यादा नुकसान पहुंचाएगा।"
आंदोलन की हुंकार, 2028 का संकेत
दामोदर यादव का ऐलान IAS वर्मा मामले को बहुजन आंदोलन का चेहरा बना रहा है। क्या सरकार झुकेगी या टकराव बढ़ेगा? वनइंडिया हिंदी नजर बनाए हुए है।
(रिपोर्ट: वनइंडिया हिंदी, भोपाल ब्यूरो)












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