मारपीट मामले में सजा के ऐलान के बाद बोले दिग्विजय- मुझे राजनीतिक दबाव में फंसाया गया
मारपीट के मामले में इंदौर डिस्ट्रिक्ट कोर्ट ने कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह सहित 6 आरोपियों को 1 साल जेल और 5 हजार रुपए के जुर्माने की सजा सुनाई है।
भोपाल, 26 मार्च। 11 साल पुराने मारपीट के एक मामले में इंदौर की जिला कोर्ट के सजा के ऐलान के बाद कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने ट्वीट कर कहा कि इस पूरे प्रकरण में दर्ज हुई एफआईआर में मेरा नाम नहीं था। राजनीतिक दबाव में बाद में इसमें मेरा नाम जोड़ा गया, मुझे सजा दी गई।
उन्होंने कहा कि मैं अहिंसा वादी व्यक्ति हूं हिंसक गतिविधियों का सदैव विरोध करता रहा हूं। ADJ Court का आदेश है उच्च न्यायालय में अपील करेंगे। मैं ना भाजपा संघ से डरा हूं ना कभी डरूं चाहे कितने ही झूठे प्रकरण बना दें और कितनी ही सजा दे दी जाए।
बता दें कि इंदौर जिला कोर्ट ने 11 साल पुराने मारपीट से जुड़े एक मामले में फैसला सुनाते हुए पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह और पूर्व सांसद प्रेमचंद गुड्डू समेत 6 लोगों को 1 साल की जेल और 5-5 हजार रुपए जुर्माने की सजा सुनाई है। वहीं तीन आरोपियों को सबूतों के अभाव में बरी कर दिया गया। हालांकि सभी दोषियों को देश शाम 25-25 हजार रुपए के मुचलके पर जमानत भी दे दी गयी। इससे पहले मीडिया से बातचीत में दिग्विजय सिंह ने इस मामले को झूठा बताया था।

इंदौर जिला कोर्ट के कोर्ट नंबर 30 के न्यायाधीश मुकेश नाथ ने 11 साल पुराने मारपीट से जुड़े मामले में अपना फैसला सुनाया। यह मामला 17 जुलाई 2011 का है तब उज्जैन में भारतीय जनता युवा मोर्चा ने एक कार्यक्रम में शामिल होने आए दिग्विजय सिंह और कांग्रेस के अन्य नेताओं को काले झंडे दिखाए थे, जिसके बाद दिग्विजय सिंह और कांग्रेस के अन्य नेताओं ने उनके साथ मारपीट की थी। इस मारपीट में भारतीय जनता युवा मोर्चा के अमय आप्टे गंभीर रूप से घायल हो गए थे, जिसके बाद कांग्रेस के नेताओं पर जानलेवा हमले की कोशिश करने का मामला दर्ज हुआ था।
यह भी पढ़ें: हनी सिंह की बॉडी में आया अब तक का सबसे बड़ा बदलाव, फोटो देख लड़कियां बोलीं- Wow
9 लोगों को बनाया गया था आरोपी
इस मामले में पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह समेत, पूर्व सांसद प्रेमचंद गुड्डू, महेश परमार, दिलीप चौधरी, असलम लाला, जय सिंह दरबार, अनंत नारायण मीणा, मुकेश भाटी और हेमंत चौहान को आरोपी बनाया गया था। कोर्ट ने साक्ष्यों के अभाव में मुकेश भाटी, हेमंत चौहान और महेश परमार को बरी कर दिया है, जबकि अन्य को एक साल की जेल के साथ 5-5 हजार रुपए के जुर्माने की सजा सुनाई गई है।












Click it and Unblock the Notifications