MP News: कांग्रेस का बड़ा ऐलान, सरकार बनी तो मुस्लिम विधायक आरिफ मसूद बनेंगे डिप्टी CM, जीतू पटवारी का बयान
MP News: बिहार विधानसभा चुनावों की सरगर्मियों के बीच मध्य प्रदेश में भी राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जितू पटवारी ने शुक्रवार को एक कार्यक्रम के दौरान बड़ा ऐलान किया कि यदि 2028 के विधानसभा चुनावों में कांग्रेस सरकार बनाती है, तो भोपाल के मुस्लिम विधायक आरिफ मसूद को उपमुख्यमंत्री बनाया जा सकता है।
इस बयान ने न सिर्फ पार्टी के अंदर उत्साह भर दिया, बल्कि विपक्षी बीजेपी को भी तीखा जवाब देने का मौका दे दिया। बीजेपी विधायक रामेश्वर शर्मा ने पटवारी के बयान को 'शेखचिल्ली के हसीन सपने' करार देते हुए कहा कि कांग्रेस के 40-50 विधायक भी ठीक से नहीं हैं, और आरिफ मसूद का हाल भी पटवारी जैसा हो सकता है। यह बयानबाजी मध्य प्रदेश की राजनीति में जातिगत समीकरणों और सत्ता की दौड़ को और गर्म कर रही है।

कार्यक्रम में पटवारी का ऐलान: 'समय और परिस्थिति बनी तो आरिफ मसूद डिप्टी सीएम'
भोपाल में 'जश्न तहरीके आजादी याद करो उलमा की कुर्बानी' नामक कार्यक्रम आयोजित किया गया था, जो आजादी के आंदोलन में उलेमाओं की भूमिका को याद करने के लिए था। इस कार्यक्रम में मंच पर कांग्रेस के नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार भी मौजूद थे। पटवारी ने संबोधन के दौरान कहा, "समय और परिस्थिति बनीं तो भोपाल के विधायक आरिफ मसूद उपमुख्यमंत्री बन सकते हैं।" यह बयान देते ही मंच पर बैठे आरिफ मसूद हाथ जोड़कर मुस्कुराते नजर आए, जबकि दर्शक दीर्घा में बैठी जनता ने जोरदार तालियां बजाईं।
पटवारी का यह बयान न सिर्फ मुस्लिम समुदाय को पार्टी के प्रति मजबूत करने का प्रयास है, बल्कि यह भी संकेत देता है कि वे खुद मुख्यमंत्री पद के दावेदार के रूप में खुद को स्थापित करना चाहते हैं। कार्यक्रम के बाद सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल हो गया, जहां यूजर्स इसे 'कांग्रेस की समावेशी राजनीति' बता रहे हैं। एक एक्स पोस्ट में लिखा गया, "कांग्रेस का यह कदम मुस्लिम वोट बैंक को मजबूत करेगा।" हालांकि, कुछ यूजर्स ने इसे 'जल्दबाजी का ऐलान' करार दिया।
आरिफ मसूद भोपाल मध्य विधानसभा क्षेत्र से कांग्रेस के विधायक हैं। वे पार्टी के वरिष्ठ नेता हैं और मुस्लिम समुदाय में उनकी अच्छी पकड़ मानी जाती है। मसूद ने पहले भी पार्टी के लिए कई महत्वपूर्ण भूमिकाएं निभाई हैं, लेकिन यह पहली बार है जब उन्हें उपमुख्यमंत्री जैसे बड़े पद का संकेत दिया गया है।
बीजेपी का तीखा पलटवार: 'झूठ बोले कौवा काटे, मुसलमानों को पीएम बना दो'
पटवारी के बयान पर बीजेपी ने तुरंत प्रतिक्रिया दी। हुजूर विधानसभा क्षेत्र से बीजेपी विधायक रामेश्वर शर्मा ने कहा, "झूठ बोले कौवा काटे, झूठ ही तो बोलना है। कांग्रेस के 40-50 विधायक ढंग के हैं ही नहीं, और अगले चुनाव तक कितने बचेंगे, इसकी कोई गारंटी नहीं। एक-दो मुसलमान हैं, उनको तो उपमुख्यमंत्री नहीं, प्रधानमंत्री बना दो। जनता तुम्हें बनने देगी तब न।"
शर्मा ने आगे पटवारी पर निशाना साधते हुए कहा, "अपने मुंह मियां मिट्ठू बनने के लिए शेखचिल्ली के हसीन सपने देख रहे हैं। जैसा तुम्हारा हाल हुआ जीतू पटवारी जी, हो सकता है जिसको तुम डिप्टी सीएम बना रहे हो, उसका भी वही हाल हो जाए।" शर्मा का यह बयान कांग्रेस के अंदरूनी कलह और पटवारी के हालिया विवादों (जैसे किसान प्रदर्शन में FIR) का जिक्र करता प्रतीत होता है। बीजेपी प्रवक्ताओं ने इसे 'वोटबैंक की राजनीति' बताते हुए कहा कि कांग्रेस सत्ता के लालच में जाति-धर्म का कार्ड खेल रही है।
रामेश्वर शर्मा मध्य प्रदेश बीजेपी के आक्रामक चेहरों में से एक हैं। वे अक्सर कांग्रेस पर तंज कसते रहते हैं, जैसे हाल ही में राहुल गांधी के आरएसएस वाले बयान पर उन्होंने कहा था कि 'आरएसएस को हराना शेखचिल्ली का सपना है।'
बिहार चुनावों का असर एमपी पर, कांग्रेस की रणनीति
यह बयान बिहार विधानसभा चुनावों के बीच आया है, जहां एनडीए और महागठबंधन उपमुख्यमंत्री पदों को लेकर नामों का ऐलान कर रहे हैं। मध्य प्रदेश में 2028 के चुनावों से पहले कांग्रेस अपनी बेंच स्ट्रेंथ मजबूत करने की कोशिश में लगी है। पटवारी ने हाल ही में पचमढ़ी में जिला अध्यक्षों के ट्रेनिंग कैंप का आयोजन किया था, जहां पार्टी ने 'एकता और समावेश' पर जोर दिया।
कांग्रेस की नई कार्यकारिणी में भी कमलनाथ और दिग्विजय सिंह के करीबियों को जगह दी गई है, जो गुटबाजी के आरोपों के बावजूद पार्टी को एकजुट करने का प्रयास है। पटवारी का यह ऐलान उमंग सिंघार जैसे अन्य दावेदारों के लिए भी संदेश है कि वे खुद को सीएम कैंडिडेट के रूप में पोजिशन कर रहे हैं। विपक्षी बीजेपी इसे कमजोरी बता रही है, जबकि कांग्रेस इसे 'सामाजिक न्याय' का हिस्सा मान रही है।
सोशल मीडिया पर बहस: 'समावेशी राजनीति' vs 'वोटबैंक गेम'
एक्स पर इस मुद्दे पर बहस छिड़ गई है। एक पोस्ट में लिखा, "कांग्रेस का मुस्लिम प्रेम फिर शुरू, लेकिन जनता कब तक बेवकूफ बनेगी?" दूसरे यूजर ने कहा, "आरिफ मसूद जैसे नेता को मौका देना सही है, बीजेपी तो ऊंच-नीच की राजनीति करती है।" वीडियो क्लिप्स लाखों बार देखे जा चुके हैं, और विपक्षी कार्यकर्ता #JituPatwariSapne जैसे हैशटैग चला रहे हैं।
क्या होगा आगे? कांग्रेस की एकता पर सवाल, बीजेपी को फायदा?
यह बयान मध्य प्रदेश कांग्रेस के लिए दोहरी तलवार साबित हो सकता है। एक ओर यह अल्पसंख्यक वोटों को एकजुट करेगा, दूसरी ओर बीजेपी इसे 'ध्रुवीकरण' का मुद्दा बना सकती है। राजनीतिक विश्लेषक कहते हैं कि पटवारी का यह दांव 2028 से पहले पार्टी में गुटबाजी को कम करने का प्रयास है, लेकिन शर्मा जैसे नेताओं के जवाब से सियासी तापमान बढ़ गया है। सवाल यह है कि क्या कांग्रेस का यह 'समावेशी फॉर्मूला' कामयाब होगा, या बीजेपी इसे 'शेखचिल्ली के सपनों' में बदल देगी?












Click it and Unblock the Notifications