मध्य प्रदेश उपचुनावः शिवराजगढ़ में दिग्गी की ललकार
भोपाल। मध्य प्रदेश में इसी माह तीन सीटों पर होने वाले उपचुनाव में शिवराज और दिग्विजय अपनी-अपनी पार्टी के लिए चुनावी अभियान कभी भी शुरू कर सकते हैं। कांग्रेस लिए जहां तीन में से एक सीट जीतना पार्टी की लाज बचाने के बराबर होगा तो वहीं भाजपा के शिवराज सिंह के लिए व्यापमं घोटाले से धूमिल हुई मध्य प्रदेश भाजपा की छवि को वापस साफ करना।

देश पर सबसे ज्यादा बार राज करने वाली कांग्रेस सरकार के लिए मध्य प्रदेश की तीन सीटों का महत्व लोकसभा में भाजपा के सामने करारी हार झेलने के बाद और भी बढ़ गया है। हो सकता है कि सोनिया गांधी भी मध्य प्रदेश का करें। मध्य प्रदेश की तीन विधानसभा सीटों पर चुनाव 21 अगस्तको हेंगे। इसमें कांग्रेस के दिग्गज नेता मैदान में नजर आएंगे।
यह हैं होंगे मैदान में
कांग्रेस की ओर से वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह, सांसद कमलनाथ और ज्योतिरादित्य सिंधिया मैदान 12 अगस्त को जनता को संबोधित करेंगे। वहीं भाजपा की ओर से मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, कांग्रेस से भाजपा में शामिल हुए विधायक संजय पाठक जैसे दिग्गज नेता कमान संभालेंगे। भाजपा के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान 13 अगस्त को जनता को संबोधित करने मैदान पर उतरेंगे। भाजपा ने कांग्रेस मध्य प्रदेश के उपचुनाव को गंभीरता लिया है इसका उदाहरण यही है कि कांग्रेस उपचुनाव से पहले प्रचार की कमान अपने वरिष्ठ नेताओं पर छोड़ दी है।
भाजपा को है यह डर
दरअसल, मध्य प्रदेश नगर पालिका व नगर पंचायत की कुल तीन सीटों पर हुए उपचुनाव में कांग्रेस की ही जीत हुई है। जिसके बाद भाजपा की जीत पर संशय मंडरा रहा है। इसी के मद्देनजर भाजपा ने अपनी कमर कस ली है।












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