प्रशासनिक अमले के साथ CM शिवराज बाढ़ प्रभावित टूटी झुग्गियों में पहुंचे, अधिकारियों को दिए सख्त निर्देश
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान विदिशा में गरीबों की टूटी झोपड़ियों में पहुंचे, जिसे बाढ़ ने पूरी तरह तबाह कर दिया था।
विदिशा, 31 अगस्त। रायसेन, विदिशा में भीषण बाढ़ के बाद बाढ़ प्रभावित लोगों को राहत पहुंचाने के लिए मुख्यमंत्री शिवराज खुद प्रशासन के साथ जमीन पर उतर गए हैं।इस दौरान मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान गरीबों की टूटी झोपड़ियों में पहुंचे, जिसे बाढ़ ने पूरी तरह तबाह कर दिया। मुख्यमंत्री के साथ उनका प्रशासनिक गमला भी साथ में था। इस दौरान मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को सख्त निर्देश देते हुए कहा है कि गरीब बाढ़ प्रभावित लोगों की मदद में किसी भी प्रकार की लापरवाही ना की जाए। सीएम ने कहा कि उस दिन मैं विदिशा आया था, कलेक्ट्रेट में बैठक की थी और युद्ध स्तर पर काम शुरू करने के निर्देश दिए थे। पहला काम मलबा हट जाए, दवाई छिड़क दें ताकी बीमारियां ना हों, पीने के साफ पानी की व्यवस्था हो जाए।

ग्रामीण भाई यदि परेशान हैं तो मैं चैन से कैसे बैठ सकता हूँ : CM
इस दौरान सीएम ने कहा कि विदिशा, रायसेन, सागर, मुरैना, भिण्ड, नर्मदापुरम, श्योपुर सहित अनेक जिलों के गांवों में बाढ़ ने कहर ढाया है। बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का मैंने दौरा किया है, कई मकान मलबे के ढेर रह गए, घर का सामान और खेतों में फसल खराब हो गई। अगर आप यहां परेशान थे तो मैं भी वहां आपके लिए लगा था।
सीएम ने कहा कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का मैंने दौरा किया है, कई मकान मलबे के ढेर रह गये, घर का सामान और खेतों में फसल खराब हो गई। जहां पानी के बढ़ने की आशंका थी, वहां पहले से ही लोगों को हमने ऊंचे स्थानों पर पहुंचाने का काम किया। राहत एवं बचाव कार्य में एसडीआरएफ और एनडीआरएफ के जवान लगे थे। मैंने सेना के हेलिकॉप्टर को भी बुला लिया, ताकि इस चुनौती से निपटा जा सके।
CM ने कहा कि मेरे ग्रामीण भाई यदि परेशान हैं तो मैं चैन से कैसे बैठ सकता हूँ। केवल हिनोतिया और गुजरखेडा ही नहीं, विदिशा जिले के 1336 गाँव के 27 हजार 639 मकान क्षतिग्रस्त हुए हैं। मैं अपनी जनता को इस संकट से निकाल कर ले जाऊँगा। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि उन्होंने मिट्टी के ढेर बन गए मकानों को देखा है, गृहस्थी भी डूब गई और मवेशियों के अलावा फसलें भी बर्बाद हो गई हैं।

मवेशियों के लिए भी मुआवजा दिया जाएगा : CM
सीएम शिवराज ने कहा कि जिनके मकान बाढ़ से टूट गये है, उन्हें PMAY जैसे आवास निर्माण कर दिए जाएंगे। उन्होंने कहा कि फसलों को हुए नुकसान के लिए आरबीसी 6-4 में सहायता के साथ प्रधानमंत्री फसल बीमा की राशि से भी भरपाई की जाएगी। साथ ही गाय, भैस, बकरी आदि मवेशियों के लिए भी मुआवजा दिया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि जिनके पास रहने के लिये घर नहीं बचा, उन्हें घर बनने तक अस्थायी आश्रय स्थलों में रखा जाएगा, जिससे वे अपने बच्चों का पालन-पोषण कर सकें। उन्होंने जिला कलेक्टर को तत्काल व्यवस्था बनाने के निर्देश दिये।

11 करोड़ 3 लाख 15 हजार रूपये तत्काल प्रभावितों के खातों में
CM शिवराज ने कहा कि बाढ़ से जिंदगी बचाने की चुनौती के बाद अब सभी पीड़ित परिवारों को हर संभव मदद दी जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि जिंदगी पटरी पर आ जाये, फिर सड़क और पुल-पुलियों के काम भी किए जाएंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के जो भी क्षेत्र बाढ़ से प्रभावित हुए है, उन्हें इस संकट और परेशानी से पार निकाला जाएगा। उन्होंने कहा कि विदिशा जिले में बाढ़ से हुई क्षति के अब तक के आकलन के आधार पर 11 करोड़ 3 लाख 15 हजार रूपये तत्काल प्रभावितों के खातों में अंतरित किये जा चुके हैं।

सीएम शिवराज से मिलकर ग्रामीण हुए भावुक
सीएम की यह बातें सुनकर बाढ़ प्रभावितों को थोड़ी राहत जरूर मिली। बाढ़ प्रभावितों ने बताया कि बाढ़ ने हमारा सब कुछ छीन लिया लेकिन मुख्यमंत्री शिवराज ने उन्हें आश्वासन दिया है कि सब कुछ ठीक हो जाएगा। अब हम सब मुख्यमंत्री की और आशा लगाए बैठे हैं कि हमें किस तरह की मदद मिलेगी। हम प्रशासन से चाहते हैं कि निष्पक्ष रुप से सर्वे किया जाए। इस दौरान सीएम शिवराज से मिलकर ग्रामीण भावुक हो गए।
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