MP News: मुरैना SP आशुतोष बागरी पर गिरी गाज, CM शिवराज के निर्देश पर चंद घंटों में हुआ ट्रांसफर
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के निर्देश पर मुरैना एसपी आशुतोष बागरी को हटा दिया गया है। सीएम शिवराज को भाजपा कार्यकर्ताओं ने कानून व्यवस्था को लेकर की थी शिकायत।

मध्य प्रदेश में लागू नई शराब नीति को लेकर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान एक्शन में दिखाई दे रहे हैं। दरअसल महिला सम्मेलन में शिरकत करने मुरैना पहुंचे सीएम शिवराज ने शिकायत मिलने के बाद मुरैना एसपी आशुतोष बागरी को हटा दिया। सीएम शिवराज के निर्देश के बाद गुरुवार शाम में एसपी आशुतोष बागरी का ट्रांसफर आदेश जारी हुआ। उन्हें सहायक पुलिस महानिरीक्षक पुलिस मुख्यालय भेजा गया है।
अवैध शराब और कानून व्यवस्था की मिली थी शिकायत
बताया जा रहा है कि सीएम शिवराज को मुरैना दौरे के दौरान शहर की कानून व्यवस्था और अवैध शराब जैसे कई गंभीर मुद्दों पर शिकायत मिली थी। इतना ही नहीं हेलीपैड पर भी कुछ व्यापारियों और भाजपा कार्यकर्ताओं ने सीएम शिवराज सिंह चौहान से मुलाकात कर एसपी आशुतोष बागरी की कार्यशैली को लेकर शिकायत की थी। जिस पर सीएम शिवराज ने व्यापारियों को जल्द समस्याएं दूर करने का आश्वासन दिया था। इसके करीब 5 घंटे बाद गृह विभाग के डिप्टी सेक्रेटरी एचएस मीणा ने आशुतोष बागरी के ट्रांसफर के आदेश जारी कर दिए।
महिला सम्मेलन में शामिल हुए सीएम
बता दे मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान गुरुवार को मुरैना में लाडली बहना सम्मेलन एवं स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार कार्यक्रम में शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने लाडली बहना योजना का लाभ बताते हुए कहा कि योजना महिलाओं को सशक्त बनाने के लिए है। इससे महिलाओं को हर महीने उनके खाते में ₹1000 मिलेंगे। उन्होंने कहा कि हर क्षेत्र में बहन बेटियां आगे बढ़ रही हैं आप 50% सीटों पर बहन बेटियां चुनाव लड़ेगी। इसी दौरान कुछ महिलाओं ने सीएम शिवराज से अवैध शराब को लेकर भी शिकायत की थी। जिसके कुछ घंटों बाद मुरैना एसपी आशुतोष बागरी का तबादला हो गया।
कौन है आशुतोष बागरी
आशुतोष बागरी मूलत: पन्ना जिले के रहने वाले हैं। वह साल 2015 बैच के आईपीएस अधिकारी है। मुरैना एसपी बनने से पहले आशुतोष बागरी को मुरैना का एडिशनल एसपी बनाया गया था। एसपी बनने के बाद से उनकी कार्यशैली को लेकर लगातार सवाल खड़े हो रहे थे। पत्रकारों से भी उनके संबंध ठीक-ठाक नहीं थे।
पिता ने सरकारी शिक्षक होते हुए तीर्थ दर्शन योजना में किया था आवेदन
इससे पहले एसपी आशुतोष बागरी अपने पिताजी की वजह से सुर्खियों में आए थे। बता दे आशुतोष के पिता लालजी बागरी ने सरकारी शिक्षक होते हुए तीर्थ दर्शन योजना के देश सरकारी खर्चे पर तीर्थ यात्रा करने का आवेदन भरा था। जिसके बाद प्रशासन ने जांच की और पति-पत्नी अपात्र निकले। इसके बाद कलेक्टर ने लालजी बागरी को निलंबित कर दिया था और सूची से उनका नाम हटा दिया था।












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