MP में मंकीपॉक्स की दहशत के बीच चिकन पॉक्स की एंट्री, भोपाल में मिले 3 मरीज, स्वास्थ्य विभाग का अलर्ट

मंकीपॉक्स की दहशत के बीच मध्य प्रदेश में अब चिकन पॉक्स ने एंट्री कर ली है। राजधानी भोपाल में स्वास्थ विभाग ने 3 मरीज मिलने की पुष्टि की है।

भोपाल, 28 मई। कोरोना महामारी के बाद पूरी दुनिया में मंकीपॉक्स को लेकर दहशत फैली हुई है। मध्य प्रदेश में स्वास्थ्य विभाग ने मंकीपॉक्स को लेकर विदेश से आने वाले यात्रियों व संदीप लक्षणों वाले मरीजों की निगरानी करने के निर्देश दिए थे। इस बीच मप्र में चिकन पॉक्स की एंट्री ने स्वास्थ्य विभाग की चिंताएं बढ़ा दी हैं। भोपाल के 2 गांवों में तीन चिकन पॉक्स के मरीज मिलने की पुष्टि हुई है।

भोपाल के रातीबड़ क्षेत्र में मिले 3 मरीज

भोपाल के रातीबड़ क्षेत्र में मिले 3 मरीज

स्वास्थ्य विभाग से मिली जानकारी के अनुसार भोपाल के रातीबड़ क्षेत्र में चिकन पॉक्स के 3 मरीजों की पुष्टि हुई है। उन्होंने बताया कि परसो शाम को एक 12 साल की बच्ची को बुखार और शरीर पर पानीदार दाने हो रहे थे। स्थानीय हेल्थ वर्कर्स को जब इसकी जानकारी लगी तो आसपास के 50 घरों का सर्वे कराया गया है। बच्ची के घर वालों ने बताया कि उसके 9 साल के भाई को कुछ दिन पहले चिकन पॉक्स हुआ था। अब उसकी बहन को भी यह समस्या हुई है। इसके बाद स्वास्थ्य विभाग की टीमें आसपास के घरों की निगरानी में जुट गई है।

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    24 वर्षीय युवक को चिकनपॉक्स, दवा लेने पर हुआ खुलासा

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    भोपाल के ग्राम बरखेड़ा नाथू पंचायत में 24 वर्षीय युवक चिकन पॉक्स से ग्रसित मिला हैं। युवक के चेहरे और शरीर पर दाने निकल रहे थे। उसकी मां स्थानीय उप स्वास्थ्य केंद्र में दवा लेने पहुंची जब सीएचओ ममता शर्मा ने उसकी मां से मरीज को साथ लाने को कहा तो उसने यह कहा कि वह घर से बाहर नहीं निकल सकता। ममता शर्मा ने उसकी मां से गहराई से पूछताछ की तो पता चला कि युवक में चिकन पॉक्स के लक्षण हैं। इसके बाद स्वास्थ्य विभाग की टीम ने उसके घर के आसपास बाकी के घरों का सर्वे करवाया।

    चिकन पॉक्स कौन सी बीमारी और कब होती है ?

    चिकन पॉक्स कौन सी बीमारी और कब होती है ?

    चिकन पॉक्स( छोटी माता) मुख्यता वेरीसैला नामक वायरस से फैलता है, और यह सामान्यत: बच्चों को बड़ों की तुलना में अधिक प्रभावित करता है। इस बीमारी को भारत में छोटी माता या चेचक के नाम से भी जाना जाता है। जानकारों के मुताबिक आमतौर पर चिकन पॉक्स दिसंबर माह से फरवरी माह तक सबसे ज्यादा फैलता है और कई बार ये संक्रमण साल भर रहता है। यह फैलने वाली बीमारी है और ये संक्रमण एक दूसरे से फैलता है। चिकन पॉक्स के लक्षणों में मुख्यता छोटे-छोटे दाने, जिसमे फफोले के साथ खुजली का होना सम्मिलित है।
    चिकन पॉक्स एक खतरनाक बीमारी है। परंतु अगर सही समय पर इसके लक्षणों की पहचान करके इसका सही इलाज करा लिया जाए तो यह आसानी से ठीक हो जाता है।

    चिकन पॉक्स का इलाज

    चिकन पॉक्स का इलाज

    जानकारों की माने तो स्वस्थ बच्चों में चिकन पॉक्स के लिए चिकित्सा इलाज की आवश्यकता नहीं होती है। ये बीमारी ठीक होने के लिए अपना समय लेती है। फिर भी लक्षणों को कम करने के लिए आप दवा ले सकते हैं।

    बुखार और दर्द के लिए पेरासिटामोल का ही प्रयोग करे सकते है इसके अलावा किसी अन्य दवा का प्रयोग डॉक्टर की सलाह से ही करें। खुजली को कम करने के लिए डॉक्टर की सलाह सी दवा लें। किसी अन्य प्रकार के इंफेक्शन के लिए एंटीबायोटिक का प्रयोग करें। छोड़ो और फुंसी हो पर एंटीबायोटिक क्रीम लगाएं।

    ये सब डॉक्टर की सलाह से ही करें।

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