Bhopal News: धरती का अमृत बचाने की मुहिम, दाऊदी बोहरा समाज ने रेन वाटर हार्वेस्टिंग को बनाया जीवन का हिस्सा
MP News: आज वर्ल्ड वाटर डे है और इस मौके पर पूरी दुनिया जल संरक्षण की अहमियत को याद कर रही है। धरती पर मौजूद कुल पानी का सिर्फ ढाई प्रतिशत हिस्सा ही पीने लायक है और यही कारण है कि जल संरक्षण अब जरूरत से कहीं ज्यादा, एक जिम्मेदारी बन चुकी है।
इसी जिम्मेदारी को निभाते हुए भोपाल के दाऊदी बोहरा समाज ने मिसाल पेश की है। समाज ने बारिश के पानी का संचय कर भूजल स्तर को सुधारने और भविष्य के लिए जल स्रोतों को सुरक्षित करने का बीड़ा उठाया है।

समाज में जल संरक्षण की नई लहर
भोपाल में दाऊदी बोहरा समाज ने अपने घरों में रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम को तेजी से अपनाना शुरू कर दिया है। समाज के प्रवक्ता इब्राहिम दाऊदी बताते हैं कि अब तक करीब 30 से ज्यादा घरों में यह सिस्टम लगाया जा चुका है और यह शुरुआत मात्र एक पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर की गई है। भोपाल में बोहरा समाज के करीब 2500 घर हैं और इन सभी घरों में इस सिस्टम को लागू करने का लक्ष्य रखा गया है। "यह केवल एक जल संचयन प्रणाली नहीं है, बल्कि यह हमारे भविष्य के लिए एक जरूरी कदम है," इब्राहिम कहते हैं।
सैयदना साहब की प्रेरणा से मिली दिशा
समाज के वरिष्ठ सदस्य और हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी के निवासी ताहिर अली बताते हैं कि 2022 में दाऊदी बोहरा समाज के आध्यात्मिक गुरु *सैयदना मुफद्दल सैफुद्दीन साहब* ने जल संरक्षण की मुहिम की शुरुआत की थी। "सैयदना साहब के निर्देश ने हमें इस दिशा में कदम बढ़ाने के लिए प्रेरित किया। आज हम न सिर्फ अपने घरों में पानी संचित कर रहे हैं, बल्कि हमारे आसपास के इलाकों के बोरवेल भी इससे रिचार्ज हो रहे हैं," ताहिर बताते हैं।
कम लागत में बड़ा बदलाव
ताहिर अली आगे बताते हैं कि इस प्रणाली को लागू करने में कोई बड़ी लागत नहीं आती। "बस कुछ प्लास्टिक पाइप, एक फिल्टर यूनिट और जमीन में एक गड्ढा तैयार कर लेना होता है। बारिश का पानी पाइप से होते हुए सीधे इस गड्ढे में जाता है और वहां से यह जमीन में समाहित होकर भूजल को रिचार्ज करता है।"
ताहिर के अनुसार यह "कम लागत, बड़ा बदलाव" अभियान का हिस्सा है, जिसे हर घर में अपनाना संभव है। यह पहल करौंद, कोहफिजा, एयरपोर्ट रोड, पीर गेट जैसे इलाकों में जोर पकड़ रही है।
आने वाली पीढ़ियों के लिए संदेश
समाज का मानना है कि जल संरक्षण केवल एक सामाजिक जिम्मेदारी नहीं बल्कि एक धार्मिक और नैतिक कर्तव्य भी है। "हम आने वाली पीढ़ियों के लिए इस धरती पर पानी सुरक्षित रखना चाहते हैं। अगर आज हमने कदम नहीं उठाए तो कल बहुत देर हो जाएगी," इब्राहिम दाऊदी कहते हैं।
भोपाल से एक नई शुरुआत
दाऊदी बोहरा समाज की इस पहल से भोपाल में जल संरक्षण को लेकर एक नई लहर शुरू हो गई है। जहां एक तरफ देशभर में जल संकट गहराता जा रहा है, वहीं यह समाज अपने स्तर पर एक ऐसा मॉडल तैयार कर रहा है, जिसे अन्य समुदाय और इलाके भी अपना सकते हैं।
क्यों जरूरी है रेन वाटर हार्वेस्टिंग?
विशेषज्ञों के मुताबिक, बारिश का पानी बिना किसी उपचार के सीधे भूजल स्तर में मिल सकता है। यदि शहरों और कस्बों में हर घर, हर मोहल्ला इस प्रणाली को अपनाता है, तो न केवल जल संकट से राहत मिलेगी बल्कि बाढ़ जैसी आपदाओं से भी बचाव होगा।
वर्ल्ड वाटर डे पर बड़ा संदेश
आज जब दुनिया वर्ल्ड वाटर डे मना रही है, भोपाल का दाऊदी बोहरा समाज धरती को बचाने का एक सशक्त संदेश दे रहा है- *पानी बचाओ, भविष्य संवारो।* यह पहल एक उदाहरण है कि अगर समाज संगठित होकर छोटे-छोटे कदम उठाए, तो बड़ा बदलाव संभव है।












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