सदन की गरिमा को कलंकित कर रहे विधायक जीतू पटवारी, झूठ बोलना कांग्रेस के डीएनए में शामिल: BJP प्रदेश प्रवक्ता
मध्य प्रदेश में चल रहे विधानसभा के बजट सत्र में आज जमकर हंगामा हुआ। विधानसभा अध्यक्ष गिरीश गौतम ने सत्र की बाकी अवधि के लिए कांग्रेस विधायक जीतू पटवारी को निलंबित कर दिया।

पूर्व मंत्री और कांग्रेस विधायक जीतू पटवारी के विधानसभा में बजट सत्र से निलंबित होने के बाद प्रदेश बीजेपी के नेता जीतू पटवारी पर हमलावर हैं।बीजेपी के प्रदेश प्रवक्ता व विधायक यशपाल सिंह सिसौदिया ने कहा कि कांग्रेस विधायक जीतू पटवारी द्वारा गुरूवार को विधानसभा सत्र के दौरान सदन में झूठे तथ्यों के आधार पर सदन को भ्रमित किया गया, इसलिए उन्हें बजट सत्र से निलंबित किए जाने के निर्णय का स्वागत हैं। सिसौदिया ने कहा कि कांग्रेस विधायक जीतू पटवारी सदन से लेकर सड़क तक हमेशा झूठ बोलते आए है। पूर्व में भी कांग्रेस विधायक ने झूठ बोलकर सदन को गुमराह करने की कोशिश की थी, जिसका मामला विशेषाधिकार समिति में विचाराधीन है। उन पर कर गई यह निलंबन की कार्यवाही लोकतांत्रिक व्यवस्थाओं को और मजबूत करेगी।
सिसौदिया ने कहा कि झूठ बोलना कांग्रेस के डीएनए में शामिल है। कांग्रेस के बड़े नेता लोकसभा में झूठी बयानबाजी और भ्रामक प्रचार कर सत्र को बाधित करते है। उसी परंपरा का निर्वाह जीतू पटवारी विधानसभा सत्र में कर रहे है। जीतू पटवारी ने जामनगर में रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड द्वारा समर्थित ग्रीन्स जूलॉजिकल रेस्क्यू एंड रिहैबिलिटेशन सेंटर को मध्यप्रदेश सरकार द्वारा दिए गए वन्य प्राणियों को लेकर सदन में झूठी बयानबाजी की। जबकि प्रदेश सरकार ने वन्य जीव संरक्षण अधिनियम 1972 की धारा 38 (आई) के प्रावधान अनुसार केन्द्रीय चिडियाघर प्राधिकरण के आदेशों की अनुमति से वन्य प्राणियों को प्रदाय किया है। जीतू पटवारी का झूठ सदन में विभागीय मंत्री श्री विजय शाह के तथ्यात्मक जवाब से बेनकाब हो चुका है।
सिसौदिया ने कहा कि विधानसभा लोकतंत्र का मंदिर है। यहां की मर्यादाओं को तोडना कांग्रेस विधायक अपनी आदत बना चुके है। उन्होंने कहा कि क्षेत्र की जनता को चुने हुए विधायकों से अपेक्षा रहती है कि यह उनकी आवाज सदन में उठायेंगे। लेकिन कांग्रेस झूठ का पुलिंदा लिए सदन को भ्रमित करती है। श्री सिसौदिया ने कहा कि जीतू पटवारी सबसे बडे झूठे है। वे सुर्खियों में बने रहने के लिए झूठी बयानबाजी करते है। यह पहला अवसर नहीं है कि जीतू पटवारी ने सदन में झूठ बोलने का काम किया है। कई बार वे सदन में झूठ बोल चुके है। आज लगातार झूठ बोलने पर सदन में सत्ता पक्ष द्वारा निलंबन का प्रस्ताव रखा गया और जिसे विधानसभा अध्यक्ष ने स्वीकार करते हुए उन्हें बजट सत्र से निलंबित किया है। विधानसभा अध्यक्ष द्वारा की गयी कार्यवाही एक बड़ी नजीर बनेगी।












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