BJP पार्षद की चौंकाने वाली तीसरी शादी: 62 साल के नईम खान ने 25 साल की युवती से किया निकाह, क्या है पूरा मामला
मध्य प्रदेश के सागर शहर में राजनीति और निजी जीवन के बीच का एक ऐसा मामला सामने आया है, जो न सिर्फ उम्र के भारी अंतर के कारण बल्कि गंभीर आरोपों और अचानक सुलह के चलते पूरे प्रदेश में चर्चा का विषय बन गया है। भाजपा के लाजपतपुरा वार्ड से पार्षद अब्दुल नईम खान, उम्र 62 वर्ष, ने अपनी तीसरी शादी एक 25 वर्षीय युवती से रचाई है।
लेकिन इस शादी की कहानी किसी रोमांटिक फिल्म से कम नहीं-बल्कि इसमें दुष्कर्म, बंधक बनाने, मारपीट और जबरन निकाह के दबाव जैसे संगीन आरोप शामिल हैं। युवती ने खुद पार्षद पर ये आरोप लगाए थे, लेकिन महज कुछ दिनों में ही दोनों ने निकाह कर लिया और मामले को "पारिवारिक खटपट" बता कर सुलझा लिया।

क्या यह प्यार की जीत है, दबाव की साजिश या राजनीतिक बचाव? हमने पूरे मामले की गहराई से पड़ताल की, जिसमें पुलिस जांच, पार्टी की सख्ती और समाज की प्रतिक्रियाएं शामिल हैं।
पार्षद नईम खान का सफर: राजनीति से विवादों तक
अब्दुल नईम खान सागर नगर निगम के लाजपतपुरा वार्ड से भाजपा के सक्रिय पार्षद हैं। वे लंबे समय से स्थानीय राजनीति में सक्रिय हैं और वार्ड के विकास कार्यों-जैसे सड़कें, जल आपूर्ति और सामुदायिक कार्यक्रमों-के लिए जाने जाते हैं। मुस्लिम बहुल इलाके में उनका प्रभाव मजबूत है, और वे भाजपा की स्थानीय इकाई में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। लेकिन उनकी निजी जिंदगी पहले भी चर्चा में रही है। सूत्रों के अनुसार, यह उनकी तीसरी शादी है। पहली दो शादियों के बारे में ज्यादा जानकारी सार्वजनिक नहीं है, लेकिन स्थानीय लोग बताते हैं कि उनकी पिछली पत्नियां अब उनके साथ नहीं हैं-एक का निधन हो चुका है, जबकि दूसरी से तलाक हो गया। नईम खान की उम्र 62 साल है, और वे अपने राजनीतिक करियर को मजबूत करने में लगे रहते हैं।
युवती, जिनका नाम यहां गोपनीय रखा जा रहा है (कानूनी कारणों से), सागर की ही निवासी हैं। वे 25 वर्ष की हैं और एक साधारण परिवार से ताल्लुक रखती हैं। युवती ने बताया कि उनकी मुलाकात नईम खान से पीली कोठी दरगाह में हुई थी, जहां पार्षद ने उन्हें अपना मोबाइल नंबर दिया और किसी भी मदद के लिए संपर्क करने को कहा। शुरू में यह एक सामान्य परिचय लग रहा था, लेकिन धीरे-धीरे बातें व्यक्तिगत हो गईं।
आरोपों की शुरुआत: दुष्कर्म, बंधक और मारपीट की कहानी
मामला 4 सितंबर 2025 को शुरू हुआ, जब युवती ने आरोप लगाया कि नईम खान ने उसे मोबाइल पर गंदे मैसेज भेजे और निकाह के लिए दबाव बनाना शुरू किया। युवती के अनुसार, पार्षद ने उसे फोन कर धमकी दी कि अगर वह नहीं मानी तो उसके परिवार को झूठे केस में फंसा देंगे। उस रात युवती को पार्षद के कार्यालय में बुलाया गया, जहां नईम खान और उनके साथियों ने कथित रूप से उसके साथ मारपीट की और उसे बंधक बना लिया। युवती ने शिकायत में लिखा कि पार्षद ने कहा था, "मैं तुम्हारे पिता की उम्र का हूं, परिवार को बता दो कि मैं अंकल हूं।" लेकिन वास्तव में, वह निकाह के लिए मजबूर कर रहे थे।
अगले चार दिनों तक युवती को कथित रूप से बंधक रखा गया। 5 सितंबर को वह किसी तरह भाग निकली और भोपाल जाने के लिए बस में बैठ गई। लेकिन पार्षद के साथियों ने रायसेन के पास बस रुकवाई, युवती को जबरन उतारा और सागर वापस ले आए। इस दौरान उसके कपड़े तक उतार लिए गए ताकि वह भाग न सके। युवती की मां ने कैंट थाने में शिकायत दर्ज कराई, और पुलिस ने नईम खान को फोन कर सख्ती दिखाई। इसके बाद युवती को छोड़ा गया, और उसने 16 सितंबर को एसपी कार्यालय में विस्तृत शिकायत दर्ज कराई, जिसमें दुष्कर्म का प्रयास, मारपीट, बंधक बनाना और धमकियां शामिल थीं।
पुलिस ने तुरंत जांच शुरू की। एडिशनल एसपी संजीव उइके ने कहा, "मामले की जांच की जा रही है, और उचित कार्रवाई होगी।" महिला थाने ने युवती और उसकी मां के बयान दर्ज किए।
पार्टी की सख्ती और राजनीतिक दबाव
मामला सामने आने के बाद भाजपा में हड़कंप मच गया। जिला अध्यक्ष श्याम तिवारी ने नईम खान को नोटिस जारी किया, जिसमें कहा गया कि महिला उत्पीड़न के आरोप पार्टी की छवि को नुकसान पहुंचाते हैं और अनुशासन के खिलाफ हैं। पार्षद को दो दिनों में स्पष्टीकरण देने को कहा गया। स्थानीय भाजपा कार्यकर्ताओं में असंतोष फैल गया, और विपक्षी पार्टियां-जैसे कांग्रेस-ने इसे "भाजपा की नैतिकता पर सवाल" बताते हुए हमला बोला। एक कांग्रेस नेता ने कहा, "यह महिलाओं के सम्मान पर हमला है, और भाजपा चुप क्यों है?"
नाटकीय मोड़: निकाह और सुलह
17 सितंबर को मामला अचानक पलट गया। नईम खान युवती के साथ महिला थाने पहुंचे और बताया कि उन्होंने पीली कोठी मस्जिद में निकाह कर लिया है। दोनों ने समझौता पत्र पर हस्ताक्षर किए, और पुलिस को बयान दिया कि अब कोई विवाद नहीं है। नईम खान ने मीडिया से कहा, "यह मेरा पारिवारिक मामला था। घर में खटपट हो गई थी, अब सब ठीक है। वह पहले से ही मेरी पत्नी थी। घर में बर्तन गिरते हैं तो आवाज आती है-सभी आरोप निराधार हैं।" युवती ने भी सहमति जताई और कहा कि अब सब सामान्य है। इसके बाद दोनों को जिला अदालत में साथ देखा गया, जहां निकाह को कानूनी मान्यता दी गई। नईम खान युवती को अपनी बाइक पर बैठाकर ले गए। पुलिस ने समझौते के बाद जांच रोक दी, लेकिन पार्टी स्तर पर स्पष्टीकरण की मांग बनी हुई है।
कानूनी और सामाजिक आयाम
भारतीय कानून में वयस्कों के बीच सहमति से निकाह वैध है, लेकिन अगर दबाव या धमकी हो तो यह अमान्य हो सकता है। स्पेशल मैरिज एक्ट या मुस्लिम पर्सनल लॉ के तहत उम्र अंतर कोई बाधा नहीं है, लेकिन दुष्कर्म के आरोपों की जांच जरूरी है। समाजशास्त्रियों का कहना है कि ऐसे मामलों में अक्सर पीड़िता दबाव में समझौता कर लेती है। सागर पुलिस ने कहा कि अगर नई शिकायत आई तो जांच फिर शुरू होगी। यह मामला उन घटनाओं की याद दिलाता है जहां राजनीतिक शख्सियतों पर आरोप लगने के बाद अचानक सुलह हो जाती है, जैसे उत्तर प्रदेश में कुछ पुराने केस।
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