MP News: 27% ओबीसी आरक्षण पर BJP का विश्वासघात, जीतू पटवारी और उमंग सिंघार ने सरकार पर लगाया बड़ा आरोप
OBC Reservation: 26 अगस्त 2025 को भोपाल के कांग्रेस कार्यालय में मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष जीतू पटवारी और नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने एक संयुक्त पत्रकार वार्ता में BJP सरकार पर ओबीसी आरक्षण को लेकर कड़ा प्रहार किया। दोनों नेताओं ने आरोप लगाया कि BJP ने पिछले 6 वर्षों में ओबीसी समाज के साथ खुला अन्याय किया है।
इस दौरान राज्यसभा सांसद अशोक सिंह, मीडिया विभाग के अध्यक्ष डॉ. मुकेश नायक, वरिष्ठ नेता जेपी धनोपिया, और महिला कांग्रेस अध्यक्ष विभा पटेल भी मौजूद रहीं।

जीतू पटवारी ने कहा, "कमलनाथ जी के नेतृत्व में कांग्रेस सरकार ने 2019 में अध्यादेश और कानून बनाकर ओबीसी समाज को 27% आरक्षण दिया था। लेकिन BJP ने सत्ता में आते ही इसे ठंडे बस्ते में डाल दिया। 2021 में परिपत्र और 2022 में आदेश जारी कर 13% नियुक्तियां रोक दी गईं, जबकि कोई कानूनी बाधा नहीं थी।" उन्होंने बताया कि इस नीति से 1 लाख से अधिक अभ्यर्थी प्रभावित हुए, हजारों की नौकरियां अटकीं, और कई ने निराशा में आत्महत्या तक कर ली।
पटवारी ने सनसनीखेज खुलासा करते हुए कहा, "BJP ने आरक्षण रोकने के लिए 100 करोड़ रुपये वकीलों पर खर्च किए। सॉलिसिटर जनरल ने कोर्ट में तर्क दिया कि आरक्षण लागू नहीं होना चाहिए, जबकि शिवराज सिंह चौहान और मोहन यादव सार्वजनिक रूप से कहते रहे कि वे आरक्षण के पक्षधर हैं। यह दोहरा चरित्र नहीं तो क्या है?"
उमंग सिंघार: सर्वदलीय बैठक मात्र दिखावा
नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने BJP की मंशा पर सवाल उठाते हुए कहा, "28 अगस्त की सर्वदलीय बैठक एक सियासी ड्रामा है। अगर सरकार की नीयत साफ है, तो तत्काल 27% आरक्षण लागू करे। सुप्रीम कोर्ट ने 29 जून और 4 जुलाई 2025 को सरकार से पूछा कि 13% नियुक्तियां क्यों रोकी गईं? फिर भी सरकार टालमटोल कर रही है।"
सिंघार ने BJP की राष्ट्रीय नीति पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा, "प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जातिगत जनगणना को 'अर्बन नक्सल' कहकर अपनी मानसिकता जाहिर कर दी। तमिलनाडु में 50%, केरल में 40%, कर्नाटक में 32%, और आंध्र प्रदेश में 29% OBC आरक्षण है, लेकिन मध्य प्रदेश में BJP ओबीसी समाज का हक छीन रही है।"
क्या है 27% OBC आरक्षण का मामला?
मध्य प्रदेश में OBC आरक्षण का मुद्दा वर्षों से विवादों में रहा है। 2019 में कमलनाथ सरकार ने OBC आरक्षण को 14% से बढ़ाकर 27% करने का ऐतिहासिक फैसला लिया था, जिसे विधानसभा ने मंजूरी दी। इससे कुल आरक्षण 63% हो गया, जिसमें 16% SC, 20% ST, 10% EWS, और 27% OBC शामिल थे। हालांकि, यह फैसला सुप्रीम कोर्ट के 50% आरक्षण सीमा के दायरे से बाहर था, जिसके चलते कई याचिकाएं दायर हुईं।
- 2021: BJP सरकार ने एक परिपत्र जारी कर 27% आरक्षण पर रोक लगा दी और 87:13 फॉर्मूले के तहत 13% पदों को होल्ड कर दिया।
- 28 जनवरी 2025: मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने 27% आरक्षण के खिलाफ याचिका खारिज कर दी, कहा कि कोई कानूनी बाधा नहीं है।
- 7 अप्रैल 2025: सुप्रीम कोर्ट ने भी हाईकोर्ट के फैसले को बरकरार रखा।
- 29 जून और 4 जुलाई 2025: सुप्रीम कोर्ट ने सरकार से पूछा कि 13% नियुक्तियां क्यों रोकी गईं।
कांग्रेस का आरोप है कि BJP ने जानबूझकर इस मुद्दे को कोर्ट में उलझाए रखा और 100 करोड़ रुपये की फीस वकीलों को दी।
सर्वदलीय बैठक: सियासी ड्रामा या समाधान?
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने 28 अगस्त 2025 को OBC आरक्षण पर चर्चा के लिए सर्वदलीय बैठक बुलाई है। जीतू पटवारी ने इस पर तंज कसते हुए कहा, "हमें केवल फोन पर सूचना मिली, लिखित निमंत्रण नहीं। अगर BJP की नीयत साफ है, तो बैठक की क्या जरूरत? तुरंत आदेश जारी करें।" उमंग सिंघार ने इसे जनता को गुमराह करने की साजिश बताया।
सामाजिक और सियासी प्रभाव
OBC मध्य प्रदेश की आबादी का 50.09% हिस्सा है (2011 जनगणना), और 52 में से 36 जिलों में उनकी आबादी 50% से अधिक है। इस मुद्दे ने सियासी और सामाजिक हलकों में हलचल मचा दी है। OBC महासभा के कोर कमेटी सदस्य धमेंद्र कुशवाहा ने कहा, "BJP ने हमें सिर्फ वोट बैंक समझा। अगर 27% आरक्षण लागू नहीं हुआ, तो OBC समाज सड़कों पर उतरेगा।"
कांग्रेस की रणनीति: सड़क से लेकर कोर्ट तक
कांग्रेस ने इस मुद्दे को विधानसभा और सड़क पर उठाने की घोषणा की है। जीतू पटवारी ने कहा, "हम OBC समाज के हक के लिए हर मंच पर लड़ेंगे। BJP की साजिश को बेनकाब करेंगे।" उमंग सिंघार ने युवाओं से अपील की कि वे BJP की नीतियों के खिलाफ एकजुट हों।
कांग्रेस ने यह भी मांग की कि 13% होल्ड किए गए पदों पर तत्काल नियुक्तियां शुरू की जाएं। उन्होंने तमिलनाडु और केरल जैसे राज्यों का हवाला देते हुए कहा कि मध्य प्रदेश में भी 50% की सीमा को संशोधित किया जा सकता है।
BJP का बचाव और चुनौतियां
BJP ने दावा किया कि वह OBC आरक्षण के पक्ष में है और सुप्रीम कोर्ट में मामले को तेजी से निपटाने की कोशिश कर रही है। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा, "हमारी सरकार OBC को 27% आरक्षण देने के लिए प्रतिबद्ध है। कोर्ट का फैसला आने के बाद इसे लागू करेंगे।" हालांकि, कांग्रेस ने इसे समय टालने की रणनीति बताया।
राजनीतिक विश्लेषक प्रो अजय मिश्रा ने कहा, "OBC आरक्षण BJP के लिए सियासी जाल बन गया है। अगर वे इसे लागू नहीं करते, तो OBC वोट खो सकते हैं। अगर लागू करते हैं, तो अन्य समुदायों का विरोध झेलना पड़ सकता है।"
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