शिवराज कैबिनेट का बड़ा फैसला, हुक्का बार-लाउंज बैन, निगम कमिश्नर जारी करेंगे सिनेमाघरों के लाइसेंस
एमपी सरकार ने हुक्का बार हुक्का लांच पर कानूनी तौर पर प्रतिबंध लगाने का फैसला किया है। सीएम शिवराज सिंह चौहान की अध्यक्षता में हुई मंत्रिमंडल की बैठक में इस फैसले को मंजूरी दी गई।
मध्यप्रदेश की शिवराज सरकार ने हुक्का बार हुक्का लांच पर कानूनी तौर पर प्रतिबंध लगाने का फैसला ले लिया है। मंगलवार को सीएम शिवराज सिंह चौहान की अध्यक्षता में हुई मंत्रिमंडल की बैठक में इस फैसले को मंजूरी दे दी गई। कैबिनेट की बैठक में कांग्रेस के पूर्व मंत्री राजा पटेरिया द्वारा पीएम नरेंद्र मोदी की हत्या करने वाले बयान की सभी मंत्रियों ने निंदा की। 1 लाख नौकरियों का ब्यौरा रखा गया। 29 हजार शिक्षा विभाग के शिक्षकों की भर्ती की प्रक्रिया पूर्णता की ओर है। 6000 पुलिसकर्मियों की भर्ती की प्रक्रिया लगभग पूरी होने वाली है। कर्मचारी चयन मंडल से 53000 भर्तियों की प्रक्रिया चल रही है कुल प्रक्रियाधीन पदों को देखें तो 88750 रिक्त पदों की प्रक्रिया पूर्णता की ओर है। 15 अगस्त तक सभी सरकारी पदों पर 1 लाख भर्ती की प्रक्रिया पूरी हो जाएगी। यह जानकारी मध्य प्रदेश के गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने दी हैं।

मध्यप्रदेश के गृहमंत्री और सरकार के प्रवक्ता नरोत्तम मिश्रा ने जानकारी देते हुए बताया कि मध्य प्रदेश में हुक्का लाउंज प्रतिबंध करने के लिए राज्य में सिगरेट और अन्य तंबाकू उत्पाद (विज्ञापन का प्रतिषेध और व्यापार तथा वाणिज्य, उत्पादन, प्रदाय और वितरण का विनियमन) अधिनियम 2003 का राज्य संशोधन विधेयक-2022 को कैबिनेट ने अपनी मंजूरी दी है। उन्होंने बताया कि कैबिनेट ने नगरीय निकायों में आवारा पशुओं पर प्रभावी नियंत्रण के लिये मध्यप्रदेश नगर पालिक विधि (चतुर्थ संशोधन) विधेयक 2022 को मंजूरी दी है।
13 जनवरी को युवाओं के लिए यूथ पॉलिसी
गृहमंत्री ने जानकारी दें जो बताया कि 13 जनवरी को युवाओं के लिए यूथ पॉलिसी आएगी। कॉलेजों में बॉक्स लगाने के निर्देश दिए गए। ताकि युवा अपने सुझाव यूथ पॉलिसी के लिए दे सकेंगे। 13 जनवरी को यूथ पॉलिसी को सिम जारी करेंगे। इसके अलावा आजादी के पहले अनुपयोगी विधायकों को समाप्त करने का कैबिनेट ने निर्णय किया हैं।
सिनेमा घर" अब वाणिज्य कर विभाग से नगरी प्रशासन विभाग को
शिवराज कैबिनेट ने एक बड़ा फैसला किया है। "सिनेमा घर" अब वाणिज्य कर विभाग से नगरी प्रशासन विभाग को दे दिया गया है। अब नगर निगम को लाइसेंस का अधिकार होगा। अब नगर निगम में निगम कमिश्नर और बाकी स्थानों पर कलेक्टर का अधिकार होंगे। इसके नियमों का उल्लंघन करने पर 1000 से बढ़ाकर ₹5000 और ₹5000 से ₹50000 जुर्माना किया गया है।












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