नाना-नानी ने ब्लेड व चाकू से वारकर की दो दिन की नवजात की हत्या, बेटी के थे अवैध संबंध

भोपाल। दो दिन की नवजात बच्ची की हत्या कर शव शिव मंदिर प्रांगण में फेंकने वाले दंपती को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। दरअसल, बच्ची की नानी ने ही अपनी बेटी के अवैध संबंध की बात छिपाने के लिए डिलीवरी के बाद नवजात की सर्जिकल ब्लेड और चाकू से हत्या कर दी थी। आशा कार्यकर्ताओं और सीसीटीवी कैमरों के फुटेज के आधार पर पुलिस आरोपियों तक पहुंची और इस अंधे कत्ल का खुलासा करते हुए उन्हें गिरफ्तार कर लिया।

शव को शॉल में लपेटकर फेंका

शव को शॉल में लपेटकर फेंका

अयोध्या नगर पुलिस ने 28 सितंबर की सुबह शिव मंदिर प्रांगण से नवजात बच्ची का शव बरामद किया था। शव को शाॅल में लपेटकर फेंका गया था। बच्ची के शरीर पर नुकीली वस्तु के घाव थे। शव पर स्ट्रीट डाॅग द्वारा नोंचे जाने के भी निशान थे। पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर आरोपियों की तलाश शुरू की थी।

 घर पर ​ही करवाया प्रसव

घर पर ​ही करवाया प्रसव

एएसपी राजेश सिंह भदौरिया के अनुसार पुलिस ने चार दिन की छानबीन के बाद एल सेक्टर, अयोध्या नगर बस्ती से 55 वर्षीय विद्या बाई और 58 वर्षीय उसके पति पूर्ण को गिरफ्तार किया है। महिला ने अपनी बेटी के अवैध संबंध छिपाने के लिए उसकी घर में डिलीवरी कराई और बाद में सर्जिकल ब्लेड और चाकू से नवजात बच्ची की हत्या कर दी थी। महिला के पति ने बच्ची का शव मंदिर प्रांगण ठिकाने लगाया था।

 जून में पता चला बेटी गर्भवती है

जून में पता चला बेटी गर्भवती है

एएसपी भदौरिया ने बताया कि आरोपी दंपती ने 19 वर्षीय बेटी के अवैध संबंध की बात छुपाने के ये वारदात को अंजाम दिया था। आरोपी दंपति बेटी से रायसेन निवासी बहादुर यादव ने जनवरी में बहला फुसलाकर उससे शारीरिक संबंध बनाए थे, जिससे वह गर्भवती हो गई थी। जून में पेट में दर्द होने पर परिजनों को इस बात का पता चला। डॉक्टर ने जान को खतरा बताते हुए गर्भपात करने से इनकार कर उन्हें सुल्तानिया अस्पताल जाने की सलाह दी थी। इसके बाद महिला ने बेटी को लोगों की नजर से बचाने के लिए उसे अलग झुग्गी में तीन महीने तक रखा। एएसपी के अनुसार आरोपियों की तलाश के लिए 5 टीम लगाई गईं थी।

 सीसीटीवी फुटेज से लगा सुराग

सीसीटीवी फुटेज से लगा सुराग

टीम ने 5 किमी के दायरे के 27 अस्पताल के अलावा दाइयों द्वारा कराई गईं डिलीवरी, अन्य किसी माध्यम, जेपी और सुल्तानिया अस्पताल में हुई डिलीवरी की छानबीन की थी। आंगनबाड़ी की आशा कार्यकर्ताओं को सक्रिय किया गया था। पुलिस को सीसीटीवी फुटेज में एक युवक का हुलिया मिला था। इसी आधार पर पुलिस आशा कार्यकर्ताओं के सहयोग से आरोपियों तक पहुंची। तब पता चला कि नवजात की हत्या उसके नाना-नानी ने की थी।

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