Bhopal Gas Leak : भोपाल में दहशत में लोगों ने छोड़ा घर, सिलेंडर में जंग लगने की वजह से फैली गैस
भोपाल के ईदगाह हिल्स स्थित क्षेत्र के जल शोधन संयंत्र में क्लोरीन गैस के रिसाव के बाद बुधवार रात को मदर इंडिया समेत आसपास की कई कॉलोनियों के लोग घर छोड़कर रिश्तेदारों के यहां रहने चले गए।
Bhopal Gas Leak :राजधानी भोपाल के ईदगाह हिल्स स्थित क्षेत्र के जल शोधन संयंत्र में क्लोरीन गैस के रिसाव के बाद बुधवार रात को मदर इंडिया, शाहजहांनाबाद समेत आसपास की कई कॉलोनियों के लोग घर छोड़कर रिश्तेदारों के यहां रहने चले गए। इनमें कुछ रहवासी जब रात 1 बजे वापस लौटे तो गैस की गंध का असर बढ़ चुका था, इसलिए वे वहां पर रुक नहीं सके, क्योंकि गंध बेचैन करने वाली थी। यह गंध संयंत्र से छोड़े गए क्लोरीन मिले पानी के नाले व क्षेत्र में फैलने के कारण फैली थी। आखिर क्लोरीन गैस का रिसाव क्यों हुआ नीचे खबर विस्तार से जाने...
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50 कॉलोनी में नहीं आएगा पानी
बुधवार रात को 11:30 बजे ईदगाह जल शोधन संयंत्र में जब अधिकारी निरीक्षण करने पहुंचे तो कर्मचारियों की संख्या बढ़ती गई इसी बीच संयंत्र से पानी बहाना शुरू कर दिया। नगर निगम के एक अधिकारी ने अमले के बीच कहा कि पूरा पानी ही दूषित है। प्लांट में कुछ भी पानी नहीं रहना चाहिए। ध्यान रखना बाहर पता नहीं चलना चाहिए। क्योंकि गुरुवार को आसपास के क्षेत्र में पानी नहीं आएगा। रिसाव के बाद संयंत्र को खाली करा दिया गया जिसके कारण गुरुवार को ईदगाह हिल्स जल शोधन संयंत्र से जल प्रदाय वाले क्षेत्र में पानी आपूर्ति नहीं होगी निगम के जल कार्य विभाग के प्रमुख अभियंता उदित गर्ग ने बताया कि पानी में क्लोरीन अधिक मिलने की वजह से इसे बहाया जा रहा है इसलिए सुबह ईदगाह हिल्स मॉडल ग्राउंड साजन आबाद कोई फिजा और लालघाटी समेत आसपास की 50 से अधिक कॉलोनी में जलापूर्ति नहीं की जाएगी।

सिलेंडर में लगी थी जंग
जानकारी के अनुसार क्लोरीन के 1 सिलेंडर में 900 किलो लिक्विड क्लोरीन गैस भरी होती है। लो इनका उपयोग पानी को शुद्ध करने के लिए किया जाता है, लेकिन अत्यधिक मात्रा में मिलाए जाने पर यह उल्टा परिणाम देने लगती है। जल शोधन संयंत्र में एक सिलेंडर तीन से चार दिन चलता है। प्लांट में जो क्लोरीन सिलेंडर रखे थे उनमें से ज्यादातर सिलेंडर में जंग लग चुकी है। इसी वजह से बुधवार रात को एक सिलेंडर के नोजल में से रिसाव होने लगा। जिसके बाद क्लोरीन गैस अधिक मात्रा में पानी में फैल गई और पूरा पानी दूषित हो गया।

MP के चिकित्सा मंत्री ने संभाला मोर्चा
MP के चिकित्सा मंत्री (Vishvas Sarang ) ने ईदगाह हिल्स स्थित मदर इंडिया कॉलोनी में क्लोरीन के टैंक में रिसाव होने की सूचना प्राप्त होते ही मौके पर पहुंचकर निरीक्षण किया। साथ ही नियंत्रण के कार्य में तेजी लाने के लिए जिला प्रशासन और नगर निगम अमले को निर्देश दिए। इसके बाद मंत्री विश्वास सारंग आंखों में जलन और सांस लेने में तकलीफ होने वाले पीड़ितों से मिलने अस्पताल पहुंचे।

पीड़ितों ने की मुआवजे की मांग
पीड़ित आसमा खान ने बताया कि मैं घर के बाहर ही थी। अचानक से सांस लेने में तकलीफ होने लगी आंखों में जलन भी हो रही थी। घर में मौजूद बच्चों की भी तबीयत बिगड़ने लगी तो हम घर से बाहर अपनी जान बचाकर भाग निकले। उन्हें बाजपाई नगर मल्टी में रिश्तेदार के यहां छोड़ दिया। घर लौटे तो भयानक बदबू आ रही थी। इसके बाद लोग सड़कों पर जमा हो गए और नगर निगम के खिलाफ नारेबाजी करने लगे लोगों का कहना था कि उनके घरों में बच्चे और बुजुर्ग बीमार हो गए हैं नगर निगम प्रशासन उन्हें मुआवजा दें।

भोपाल गैस कांड की दिलाई याद
राजधानी भोपाल में जब गैस कांड हुआ तब भी लोगों को शुरुआत में पता नहीं चला कि हुआ क्या था। लोगों ने सुनी सुनाई एक दूसरे की बातों पर विश्वास कर कर छोड़ दिया था। इस बार भी लोगों ने घर छोड़ दिया। क्लोरीन गैस के रिसाव के कारण लोगों को आंखों में जलन हुई उल्टियां होने लगी। इसे देखकर लोग डर गए क्योंकि उस समय भी शुरुआती लक्षण यही थे। क्योंकि मिथाइल आइसोसायनाइड गैस जहरीली होती है, इसलिए जनहानि हुई थी। इसलिए लोगों को गैस कांड की याद आ गई।

इस गैस रिसाव का जिम्मेदार कौन ?
वही भोपाल कलेक्टर अविनाश ला वालों ने बताया कि फिल्टर प्लांट में क्लोरीन मिलने के दौरान गैस रिसाव होने से हादसा हुआ इससे कुछ लोगों की आंखों में जलन और दम घुटने की शिकायतें आई हैं तबियत बिगड़ने पर एक बच्ची समेत छह लोगों का मीडिया अस्पताल में भर्ती कराया गया था। जिन्हें प्राथमिक उपचार के बाद घर भेज दिया गया है। स्थिति पूरी तरह से नियंत्रण में है किसी की तरह कोई जनहानि नहीं हुई।
लेकिन अब बड़ा सवाल यही है कि सिलेंडर में जब जंग लगी हुई थी तो यह लापरवाही अधिकारियों की है या कर्मचारियों की ? अभी जिम्मेदारी तय नहीं हुई है।












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