Get Updates
Get notified of breaking news, exclusive insights, and must-see stories!

MP News: 83 लाख का इंसाफ, एक्सीडेंट केस में मृतक बैंककर्मी के परिजनों को कैसे मिला लाखों का मुआवजा, जानिए

Bhopal news: सड़क हादसे अक्सर कुछ सेकंड में जिंदगियों को तबाह कर देते हैं, लेकिन कभी-कभी न्याय का पहिया भले धीरे घूमे, पर जब रफ्तार पकड़ता है तो इतिहास बनाता है। भोपाल के रातीबढ़ इलाके में दो साल पहले हुए एक हादसे के मामले में कोर्ट ने ऐसा ही एक महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है। इसमें बैंककर्मी रोहित ठाकुर की सड़क दुर्घटना में हुई मौत के मामले में उनके परिवार को ₹83 लाख रुपए का मुआवजा देने का आदेश दिया गया है।

यह मुआवजा न केवल एक परिवार के खोए हुए सहारे का आर्थिक संबल है, बल्कि यह फैसला देशभर में सड़क दुर्घटनाओं के मामलों में नई मिसाल भी बन सकता है।

MP News Bhopal Accident case Family of deceased bank employee gets compensation of Rs 83 lakh in mp

क्या था हादसा?

4 जून 2023 को 32 वर्षीय रोहित ठाकुर, जो कि सरकारी बैंक में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी थे, किसी निजी कार्य से भदभदा से नीलबढ़ की ओर जा रहे थे। जैसे ही वे भदभदा चौकी से सूरज नगर मार्ग पर पहुंचे, पीछे से आ रहे ऑटो (क्रमांक MP-04-RB-6065) ने उनकी बाइक में जोरदार टक्कर मार दी।

हादसा इतना जबरदस्त था कि रोहित गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्हें तत्काल हमीदिया अस्पताल में भर्ती किया गया, लेकिन अगले दिन इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। रातीबढ़ थाने में इस संबंध में मर्ग कायम किया गया था।

MP News: कौन थे रोहित ठाकुर?

  • आय: ₹30,000 प्रति माह
  • पद: चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी, सरकारी बैंक
  • परिवार: पत्नी, दो छोटे बच्चे, वृद्ध माता-पिता
  • भूमिका: परिवार का एकमात्र कमाने वाला सदस्य
  • रोहित की मौत के बाद उनके परिवार का आर्थिक आधार पूरी तरह डगमगा गया। ऐसे में परिजनों ने मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण (MACT) में इंसाफ की गुहार लगाई।

कोर्ट ने कैसे तय किया 83 लाख का मुआवजा?

परिवार की ओर से केस दर्ज होने के बाद मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण की 21वीं बेंच के सदस्य स्वयं प्रकाश दुबे ने केस की गहराई से सुनवाई की। फैसले में मुख्य आधार बने-

  • रोहित की उम्र: 32 वर्ष
  • आय: ₹30,000 प्रति माह
  • भविष्य की संभावित आय वृद्धि
  • पारिवारिक निर्भरता
  • इलाज, अंतिम संस्कार, मानसिक आघात और भविष्य की असुरक्षा जैसे कारकों को जोड़ते हुए मुआवजे की राशि तय की गई।

कोर्ट ने माना कि: "मृतक की आय और पारिवारिक जिम्मेदारियों को देखते हुए यह नुकसान केवल एक व्यक्ति की जान का नहीं, बल्कि एक पूरे परिवार की सामाजिक-आर्थिक सुरक्षा का नुकसान है।"

बीमा कंपनी को ठहराया गया जिम्मेदार

चूंकि दुर्घटना करने वाला ऑटो बीमा कंपनी से बीमित था, इसलिए कोर्ट ने मुआवजा राशि का भुगतान बीमा कंपनी से करने को कहा। यह बीमा कंपनी अब पूरी राशि मृतक के परिजनों को सीधे बैंक खाते में स्थानांतरित करेगी।

बीमा कंपनी ने कोर्ट में अपना पक्ष रखते हुए ड्राइवर की गलती को स्वीकार किया, लेकिन मुआवजे की राशि पर आपत्ति जताई। हालांकि, कोर्ट ने यह स्पष्ट किया कि एक कामकाजी व्यक्ति की आकस्मिक मृत्यु से हुए नुकसान की भरपाई सिर्फ न्यूनतम राशि से नहीं की जा सकती।

MP News: इस फैसले का व्यापक असर

इस मामले का निर्णय उन हजारों परिवारों के लिए आशा की किरण है जो सड़क हादसों में अपनों को खो चुके हैं लेकिन न्याय की राह में वर्षों से भटक रहे हैं।

भोपाल के कानूनी विशेषज्ञ और MACT मामलों के वकील, एडवोकेट संजय दीक्षित ने कहा: "यह फैसला दिखाता है कि यदि दस्तावेज सही हों और केस मजबूत तरीके से लड़ा जाए, तो कोर्ट पीड़ितों को पूरा न्याय देता है। यह मुआवजा एक मिसाल है।"

परिवार की ओर से क्या कहा गया?

रोहित की पत्नी ने कहा, "हमें लगा था कि अब ज़िंदगी में कुछ नहीं बचा। लेकिन कोर्ट ने हमारी बात सुनी। अब हमारे बच्चों की पढ़ाई और भविष्य को लेकर थोड़ी राहत मिली है।" सड़क हादसे केवल आंकड़े नहीं होते-वे परिवारों की जिंदगियां बदल देते हैं। रोहित ठाकुर केस में मिला ₹83 लाख का मुआवजा सिर्फ एक रकम नहीं, बल्कि यह एक संकेत है कि अगर न्याय मांगा जाए, तो वह ज़रूर मिलता है।

More From
Prev
Next
Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+