MP News: बालाघाट में पंचायत सचिव योगेश हिर्वाने कैसे 50 हजार रुपये रिश्वत लेते रंगे हाथ हुआ गिरफ्तार, जानिए
भ्रष्टाचार के खिलाफ मध्य प्रदेश लोकायुक्त पुलिस की सख्ती थमने का नाम नहीं ले रही। पुलिस महानिदेशक (लोकायुक्त) श्री योगेश देशमुख के सख्त निर्देश पर जबलपुर लोकायुक्त इकाई ने गुरुवार (13 नवंबर 2025) को एक और सफल ट्रैप कार्यवाही की। ग्राम पंचायत उकवा (तहसील परसवाड़ा, जिला बालाघाट) के सचिव योगेश हिर्वाने (49 वर्ष) को पट्टे की जमीन पर निर्माण की NOC देने के एवज में 50,000 रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़ लिया गया।
यह राशि प्रथम किस्त थी, जबकि कुल 1 लाख रुपये की मांग की गई थी। ट्रैप ग्राम पंचायत भवन के सामने हुई, जहां आरोपी को नोटों के साथ धर दबोचा गया। आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 (संशोधित 2018) की धारा 7, 13(1)B और 13(2) के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है। आवेदक अंकुश चौकसे (38 वर्ष, निवासी उकवा) ने शिकायत की थी, जिसके बाद सत्यापन और ट्रैप हुई।

यह कार्यवाही DGP देशमुख की 'जीरो टॉलरेंस' नीति का हिस्सा है, जो ग्रामीण स्तर पर भ्रष्टाचार की जड़ें हिला रही है। आइए, जानते हैं इस ट्रैप की पूरी दास्तां - शिकायत की शुरुआत से गिरफ्तारी तक, आरोपी की पृष्ठभूमि, कानूनी प्रावधान और लोकायुक्त टीम की भूमिका।
पट्टे की जमीन पर निर्माण की NOC, 1 लाख की रिश्वत मांग
आवेदक अंकुश चौकसे (पिता स्वर्गीय संतोष चौकसे, उम्र 38 वर्ष, निवासी ग्राम उकवा) ने अपनी पट्टे की जमीन पर निर्माण के लिए ग्राम पंचायत उकवा में आवेदन दिया था। ग्राम पंचायत सचिव योगेश हिर्वाने (पिता बालक राम हिर्वाने, उम्र 49 वर्ष) ने NOC जारी करने के एवज में पहले 1 लाख रुपये की मांग की। अंकुश ने मना किया, तो काम अटका दिया गया।
अंकुश ने बताया, "मैंने कई बार अनुरोध किया, लेकिन सचिव ने साफ कहा - पैसे बिना NOC नहीं मिलेगी।" परेशान होकर अंकुश ने लोकायुक्त कार्यालय जबलपुर में पुलिस अधीक्षक महोदय के समक्ष शिकायत दर्ज की। शिकायत में रिश्वत मांगने का ऑडियो और मैसेज सबूत दिए। लोकायुक्त टीम ने सत्यापन किया, जिसमें आरोपी ने फोन पर 1 लाख रुपये की मांग दोहराई। सत्यापन सफल होने पर ट्रैप प्लान बना।
ट्रैप का प्लान और सफलता: पंचायत भवन के सामने 50 हजार लेते पकड़े, प्रथम किस्त
DGP योगेश देशमुख के निर्देश पर लोकायुक्त इकाई ने ट्रैप की रणनीति बनाई। गुरुवार (13 नवंबर 2025) को आवेदक अंकुश चौकसे ने आरोपी योगेश हिर्वाने को ग्राम पंचायत भवन के सामने बुलाया। अंकुश ने 50,000 रुपये (प्रथम किस्त, 50 नोटों के रूप में, विशेष केमिकल से मार्क्ड) दिए। जैसे ही आरोपी ने पैसे जेब में डाले, लोकायुक्त दल ने छापा मारकर उन्हें धर दबोचा।
ट्रैप दल के सदस्य:
- दल प्रभारी: निरीक्षक जितेंद्र यादव
- सदस्य: निरीक्षक रेखा प्रजापति, निरीक्षक बृजमोहन सिंह नरवरिया एवं लोकायुक्त जबलपुर का पूरा दल
आरोपी के हाथों, जेब और नोटों पर केमिकल ट्रेस मिले। नोट बरामद कर लिए गए। आरोपी को तुरंत गिरफ्तार कर लोकायुक्त थाने ले जाया गया। SP लोकायुक्त ने कहा, "ट्रैप 100% सफल। DGP साहब की सख्ती से भ्रष्टाचार पर लगाम लग रही है।"
ग्राम पंचायत सचिव, उकवा पंचायत
योगेश हिर्वाने (49 वर्ष) ग्राम पंचायत उकवा के सचिव हैं। वे पंचायत के विकास कार्य, NOC, प्रमाण पत्र आदि जारी करते हैं। आरोपी के खिलाफ पहले शिकायतें थीं, लेकिन यह पहली ट्रैप। लोकायुक्त ने उनके बैंक खातों और संपत्ति की जांच शुरू की।
कानूनी कार्रवाई: भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की सख्त धाराएं, 7 साल तक की सजा
आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 (संशोधित 2018) की निम्न धाराओं में FIR दर्ज:
- धारा 7: लोक सेवक द्वारा रिश्वत स्वीकार करना।
- धारा 13(1)B: आपराधिक कदाचार।
- धारा 13(2): सजा - 3-7 साल कैद और जुर्माना।
मामला स्पेशल कोर्ट में चलेगा। आरोपी को 14 दिनों की न्यायिक हिरासत। SP ने कहा, "सबूत मजबूत - ऑडियो, वीडियो, केमिकल ट्रेस। 30 दिनों में चार्जशीट।"
DGP योगेश देशमुख की सख्ती: 2025 में 50 ट्रैप, ग्रामीण स्तर पर एक्शन
DGP लोकायुक्त योगेश देशमुख ने ग्रामीण भ्रष्टाचार पर फोकस किया। 2025 में 50 ट्रैप, 2 करोड़ रिश्वत बरामद। देशमुख ने कहा, "पंचायत स्तर पर भ्रष्टाचार जनता को लूटता है। हर शिकायत पर एक्शन।" हेल्पलाइन पर शिकायतें बढ़ीं।
पंचायतों में सुधार, निर्माण कार्य आसान
यह ट्रैप पंचायत सचिवों में भ्रष्टाचार पर करारा प्रहार है। आवेदक अंकुश ने कहा, "लोकायुक्त ने न्याय दिया। अब NOC मिलेगी।" लोकायुक्त ने पंचायत विभाग को नोटिस जारी कर सुधार के निर्देश दिए।












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