लोकसभा चुनाव 2019 : अब बाबूलाल गौर भी टिकट की दौड़ से बाहर, चुनाव लड़ने की संभावना से किया इनकार
Bhopal News, भोपाल। लोकसभा चुनाव 2019 (Loksabha Elections 2019 ) के लिए टिकट को लेकर बीजेपी में घमासान तेज हो गया है। पार्टी ने अपनी पहली सूची जारी कर दी, जिससे साफ़ हो गया है कि उम्रदराज नेताओं को पार्टी अब चुनाव नहीं लड़ाएगी। भाजपा के वरिष्ठ नेता लाल कृष्ण आडवाणी का टिकट कट गया है। उनकी जगह गुजरात की उनकी परंपरागत सीट गांधीनगर से बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह को टिकट दिया गया है।

माना जा रहा है कि 91 वर्षीय आडवाणी की उम्र को देखते हुए उन्हें उम्मीदवार नहीं बनाया गया है। वहीं पहली सूची जारी होने के बाद अब भोपाल सीट से दावेदारी कर रहे पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल गौर (Babulal Gaur) भी पीछे हट गए हैं। वरिष्ठ नेता बाबूलाल गौर ने मीडिया से बातचीत में चुनाव लड़ने की संभावना से इनकार कर दिया है। उन्होंने कहा अब वे किसी दौड़ में नहीं हैं।
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आडवाणी का टिकट कटना निजी मामला
वहीं लालकृष्ण आडवाणी का टिकट कटने पर इसे व्यक्तिगत मामला बताया और इस मामले पर कुछ भी टिपण्णी करने से इंकार कर दिया। इस दौरान ने गौर ने कहा पूरे देश में नरेंद्र मोदी की लहर है, क्योंकि वे एक दमदार व्यक्तित्व है। एयर स्ट्राइक के मुद्दे पर उन्होंने पूरे विश्व को अपने साथ किया। दरअसल, कई साल से पार्टी से दरकिनार चल रहे गौर लगातार लोकसभा चुनाव 2019 लड़ने के लिए दावेदारी जता रहे थे। उन्होंने कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह को भी भोपाल से चुनाव लड़ने का चैलेंज दिया था, लेकिन भोपाल लोकसभा सीट पर स्थानीय प्रत्याशी की मांग तेज होने के बाद समीकरण बदल गए।
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पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान से मिले
संभावित दावेदार व राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की ओर से प्रस्तावित नाम प्रदेश महामंत्री विष्णुदत्त शर्मा का सामने आने के बाद सभी स्थानीय दावेदार विरोध में आ गए थे, जिसके बाद अब गौर टिकट की दौड़ से पीछे हट गए हैं। भोपाल के महापौर आलोक शर्मा, सांसद आलोक संजर, कृष्णा गौर, पूर्व मंत्री उमाशंकर गुप्ता अन्य नेताओं के साथ प्रदेश अध्यक्ष राकेश सिंह, संगठन महामंत्री सुहास भगत और पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान से मिलने उनके निवास गए थे। यहां उन्होंने संभावित दावेदार व राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) की ओर से प्रस्तावित नाम प्रदेश महामंत्री विष्णुदत्त शर्मा का विरोध किया। विष्णुदत्त का नाम मुरैना संसदीय सीट से भी प्रमुख दावेदार के रूप में रखा गया है। इसके बाद सभी गौर के बंगले पर एकत्रित हुए थे और घंटों तक चर्चा हुई।












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