Prayagraj Crorepati Family Murder: ताला तोड़कर निकाली गई 4 सड़ी लाशें, 'बंटी-बबली-बहू ने मारा' सुराग से चुनौती
Prayagraj Crorepati Virendra Kumar Vaishya Family Murder: संगम नगरी में एक बार फिर ऐसी वारदात ने पूरे शहर को सन्न कर दिया है। इस घटना ने पुलिस के भी रोंगटे खड़े कर दिए हैं। साउथ मलाका के हीवेट रोड चौराहे पर स्थित एक दो मंजिला मकान, जिसकी कीमत 10-15 करोड़ रुपये आंकी जा रही है, उसमें एक पूरे करोड़पति परिवार के चार सदस्यों की बेरहमी से हत्या कर दी गई। मंगलवार (2 जून 2026) दोपहर जब पड़ोसियों को घर से तेज बदबू आने लगी तो उन्होंने पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने बाहर से लगा ताला तोड़कर अंदर दाखिल होकर जो मंजर देखा, वह किसी को भी झकझोर देने वाला था।
70 वर्षीय वीरेंद्र कुमार वैश्य, उनकी 65 वर्षीय पत्नी अनीता, 40 वर्षीय बेटी मीनाक्षी और 38 वर्षीय बेटा अभिषेक, चारों की लाशें अलग-अलग कमरों में पड़ी मिलीं। सिर पर गहरे जख्म, चारों तरफ सूखा खून और लाशों की दुर्गंध... यह दृश्य देखकर पुलिसकर्मी भी सकते में आ गए। आइए विस्तार से जानते हैं कि कौन है ये फैमिली...

Prayagraj Crorepati Virendra Kumar Vaishya Family Murder: कैसे खुला राज?
2 जून की दोपहर करीब 3 बजे पड़ोसियों ने जब घर से बदबू महसूस की, तो उन्होंने दरवाजा खटखटाया, आवाज लगाई, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला। आखिरकार पुलिस को बुलाया गया। एडिशनल सीपी लॉ एंड ऑर्डर डॉ. अजय पाल शर्मा की टीम ने गेट का ताला तोड़ा। ऊपरी मंजिल पर एक कमरे में पति वीरेंद्र और पत्नी अनीता के शव मिले। बगल वाले कमरे में उनकी बेटी मीनाक्षी की लाश पड़ी थी। तीनों के सिर पर ब्लंट ऑब्जेक्ट से वार के गहरे निशान थे।
फिर ग्राउंड फ्लोर पर बनी दुकान (जो बाहर से बंद थी) की तलाशी ली गई। वहां बेटे अभिषेक की लाश बरामद हुई, जो काफी फूल चुकी थी। प्रारंभिक अनुमान के मुताबिक हत्या 31 मई या उससे पहले हुई थी। परिवार को आखिरी बार रविवार को देखा गया था। मौके पर फॉरेंसिक टीम और डॉग स्क्वॉड बुलाई गई। पूरे मकान को सील कर दिया गया है।
Prayagraj Crime News: चौंकाने वाला सुराग- 'बंटी, बबली और बहू ने मारा'
जिस कमरे में दंपती के शव मिले, वहां पुलिस को एक गत्ता मिला। उस पर साफ हिंदी में लिखा था कि बंटी, बबली और बहू ने मारा। यह संदेश अब पूरे मामले की जांच का केंद्र बन गया है। पुलिस की टीमें इन तीन नामों की पहचान करने में जुटी हैं। 'बहू' का जिक्र खासतौर पर महत्वपूर्ण है, क्योंकि परिवार के छोटे बेटे अश्विनी वैश्य की शादी की एक महिला से हुई थी, जो धोखाधड़ी के मामले में पहले ही जेल में है। पुलिस उसकी पत्नी की जानकारी जुटा रही है।
Prayagraj Virendra Kumar Vaishya Family: करोड़ों की संपत्ति, लेकिन...
वीरेंद्र कुमार वैश्य एक सफल व्यवसायी थे। उनका दो मंजिला मकान हीवेट रोड चौराहे पर है, जिसमें निचले तल पर 14 दुकानें हैं (13 किराए पर)। मीनाक्षी गिफ्ट शॉप चलाती थी, जहां वीरेंद्र भी बैठते थे। अभिषेक फ्लोर क्लीनिंग से जुड़े काम करता था। परिवार अपेक्षाकृत एकांतप्रिय जीवन जीता था, पड़ोसियों से ज्यादा मेल-जोल नहीं रखता था।
परिवार में पांच सदस्य थे। सबसे छोटा बेटा अश्विनी वैश्य फिलहाल कौशांबी जेल में धोखाधड़ी के मामले में बंद है। उसकी शादी कीडगंज की एक महिला से हुई थी। दोनों पर कई लोगों से धोखाधड़ी के आरोप लगे थे। पत्नी को जमानत मिल गई, लेकिन अश्विनी अभी जेल में है। पुलिस अब इस 'बहू' की तलाश में पांच टीमें लगाए हुए है।
Veerendra Vaish Case: जांच के अहम एंगल क्या?

- परिवारिक विवाद: क्या संपत्ति को लेकर कोई पुराना झगड़ा था? अश्विनी और उसकी पत्नी का धोखाधड़ी का बैकग्राउंड इस एंगल को मजबूत करता है।
- लापता मोबाइल: परिवार के मोबाइल फोन गायब हैं। कॉल डिटेल्स और लोकेशन डेटा से अहम सुराग मिल सकते हैं।
- बंटी-बबली: ये नाम परिवार के किसी सदस्य या बाहरी लोगों के हो सकते हैं। पुलिस इनकी पहचान कर रही है।
- फॉरेंसिक रिपोर्ट: पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट और फिंगरप्रिंट्स/डीएनए से मौत का सही समय और हथियार का पता चलेगा।
- रिश्तेदारों का बयान: रिश्तेदार अतिन केसरवानी ने बताया कि वीरेंद्र उनके फूफा लगते थे। परिवार अपने काम में व्यस्त रहता था।
South Malaka Killing Prayagraj Police Update: प्रयागराज पुलिस ने क्या बताया?
एडिशनल सीपी डॉ. अजय पाल शर्मा ने कहा कि सभी एंगल से जांच चल रही है। इलाके में पीएसी तैनात कर दी गई है। फॉरेंसिक सबूत इकट्ठा किए जा रहे हैं। छोटे बेटे अश्विनी से भी जेल में पूछताछ की जाएगी। यह मामला सिर्फ चार हत्याओं का नहीं है। यह करोड़ों की संपत्ति, परिवारिक रिश्तों, पुरानी दुश्मनी और संभवतः प्रतिशोध की कहानी है। एक तरफ संपन्न परिवार, दूसरी तरफ जेल में बंद बेटा और 'बहू' का नाम... गुत्थी काफी जटिल है।
पुलिस पर दबाव है कि जल्द से जल्द 'बंटी, बबली और बहू' को पकड़कर सच्चाई सामने लाई जाए। क्या यह संपत्ति का लालच था? पुराना बदला? या कोई बाहरी साजिश? जांच आगे बढ़ रही है। हर नया सुराग इस खौफनाक कांड की नई परत खोल रहा है। प्रयागराज के लोग न्याय की प्रतीक्षा कर रहे हैं।













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