Bhopal News: हनी ट्रैप वाले सारे VIDEO असली, SIT ने कोर्ट में कहा- बंद कमरे में देखी जाए सीडी
हनी ट्रैप कांड में मानव तस्करी के मामले में फरियादी युवती के कोर्ट में पलट जाने के बाद एसआईटी ने भोपाल कोर्ट में सबूत के तौर पर वीडियो सीडी (हार्ड डिस्क) को पेश कर दिया है।

Bhopal crime News: मध्यप्रदेश में बहुचर्चित हनी ट्रैप कांड में एसआईटी ने कोर्ट में सबूत के तौर पर सीडी पेश कर दी है। बताया जा रहा है कि पहली सीडी है, जो इस केस में पेश की गई है। इसे सेंट्रल फॉरेंसिक साइंस लैबोरेटरी ने ओके किया है, इसका मतलब यह हुआ कि इस सीडी के वीडियो ओरिजिनल ही है।
बता दे हनी ट्रैप कांड में अफसरों के साथ कई राजनीतिक दलों के बड़े नेताओं के वीडियो भी शामिल है। इसी वजह से 3 साल में अब जाकर एसआईटी ने कोर्ट में पहली सीडी पेश की है। एसआईटी ने कोर्ट में यह अर्जी भी दी है कि तमाम वीडियो अश्लील हैं, इसलिए केस की सुनवाई बंद चेंबर में की जाए। इसके अलावा एसआईटी ने यह भी आग्रह किया है कि बचाव पक्ष के लोगों को यह वीडियो उपलब्ध नहीं कराए जाएं।
बताया जा रहा है कि ये सीडी में हनी ट्रैप में आरोपी बनाई गई एक युवती की है। इस युवती के खिलाफ 17 सितंबर 2019 को इंदौर में हनी ट्रैप का मामला दर्ज हुआ था, लेकिन आरोपी युवती के पिता ने इस मामले में क्रॉस f.i.r. करते हुए बताया था कि उनकी बेटी को कुछ महिलाओं ने फंसाकर गलत काम में शामिल कर लिया। इन महिलाओं के दबाव में ही मेरी बेटी ने शारीरिक संबंध बनाए थे। एसआईटी ने एडीजी विपिन महेश्वरी के पत्र के साथ यह अश्लील वीडियो वाली हार्ड डिस्क भोपाल कोर्ट में जज स्मृता सिंह ठाकुर को पेश की है। आरोपी श्वेता और आरती के वॉइस सैंपल लेने के लिए भी कोर्ट में आवेदन लगाया है।
हनी ट्रैप मामले में भोपाल कोर्ट में क्या चल रहा है?
बता दे हनी ट्रैप मामले में मानव तस्करी से जुड़ा एक मामला भोपाल कोर्ट में चल रहा है। जिसमें बताया गया था कि एक कॉलेज छात्रा को श्वेता जैन, आरती दयाल सहित कुछ लोगों ने अपने जाल में फंसाकर, उसे अपने फायदे के लिए इस्तेमाल किया। इस छात्रा को चुने हुए प्रतिष्ठित लोगों के पास भेजकर उनके अश्लील वीडियो बनाए गए। यह वीडियो आरोपियों ने अपने इलेक्ट्रॉनिक गैजेट में सुरक्षित रखे थे। इनकी सच्चाई जानने के लिए एसआईटी ने यह वीडियो CFSL को भेजें। इसके बाद CFSL की टीम ने बताया कि कौन सा वीडियो किस तारीख को बनाया गया है।
हार्ड डिस्क में 5 वीडियो
अब तक पांच अंतरंग पलों के वीडियो इस हार्ड डिस्क में मौजूद हैं। इस मामले में खास बात यह है कि आरोपी युवती ने पहले तो कबूल किया कि उसे पैसों का लालच देकर प्रभावशाली लोगों के पास भेजकर वीडियो बनाए जाते थे, यह वीडियो दिखाकर लोगों से पैसों की डिमांड की जाती थी, लेकिन बाद में वे कोर्ट में अपने बयान से पलट गई। युवती ने कहा कि उसने ऐसा पुलिस के दबाव में ऐसा कहा था।
इस केस में हार्ड डिस्क इतनी जरूरी क्यों
दरअसल मानव तस्करी से जुड़े इस मामले में फरियादी युवती कोर्ट में पुलिस को दिए अपने बयान से पलट गई थी। उसने कोर्ट में कहा कि उसके साथ किसी भी आरोपी ने दुर्व्यवहार नहीं किया। पुलिस के दबाव में आकर उसने ऐसा बयान दिया था, इसलिए पुलिस को इलेक्ट्रॉनिक सबूत के आधार पर ही अपना पक्ष मजबूत रखना पड़ेगा। इस केस में लगभग सुनवाई पूरी हो चुकी है ।अब महज जांच अधिकारी डीएसपी मनोज शर्मा गवाही बाकी है।












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