भोपाल वन विहार में 3 बार जांच के बाद बाघ, सिंह और तेंदुए को दिया जा रहा है मांस
लंपी वायरस के खतरे के कारण भोपाल वन विहार नेशनल पार्क में बाघ, सिंह तेंदुए को मांस परोसने के पहले उनकी तीन बार जांच की जा रही है।
भोपाल,18 सितंबर। लंपी वायरस के खतरे के कारण वन विहार नेशनल पार्क में बाघ, सिंह तेंदुए को मांस परोसने के पहले उनकी तीन बार जांच की जा रही है। आमतौर पर यह जांच दो बार की जाती है। लेकिन लंबी वायरस के अलर्ट के कारण जांच का दायरा बढ़ा दिया गया है।

वन विहार में मांस की पहली बार जांच क्लस्टर हाउस में की जाती है यहीं से मांस पार्क भेजा जाता है। पार्क में दोबारा जांच होती है उसके बाद वन्य प्राणियों को परोसा जाता है। लेकिन लंबी वायरस के कारण अब तीसरी बार जांच हो रही है, जो डॉक्टर से लेकर जो कि पर द्वारा की जा रही है।
बता दें कि पार्क में 13 बाघ, 2 सिंह और 8 तेंदुए हैं, जू पार्क के अंदर बारे में रहते हैं। उनके लिए बाहर से मांस मंगवाया जाता है, जोकि आम प्रकिया है। फिलहाल मध्यप्रदेश में लंबी रोग का खतरा बढ़ा है इस रोग से पीड़ित मवेशी क्लस्टर हाउस तक ना पहुंचे इस पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। वन विहार के डिप्टी डायरेक्टर सुनील कुमार सिन्हा ने बताया कि लंबी रोग की जानकारी मिलने के बाद मांस उपलब्ध कराने वाली एजेंसी को सतर्क कर दिया गया है मांस की गुणवत्ता ठीक होनी चाहिए, इसको लेकर लगातार जोर दिया जा रहा है।बारहसिंघा ने फिर जगाई उम्मीद
पार्क में बारहसिंघा को बसाने की कोशिश सफल नहीं हुई,क्योंकि कुनबा बढ़ने की जगह घट गया था।शावकों की लगातार मौत के कारण ये नौबत बनी थी, लेकिन जब से उन्हें कबर्ड बाड़े से बाहर छोड़ा है, तब से मौत की घटना सामने नहीं आई है कबर्ड बाड़े में तीन बारहसिंघा है तो बाहर करीब 9 बारहसिंघा है। पार्क से जुड़े एक अधिकारी ने बताया कि कबर्ड बाड़े में रखे जा रहे बारहसिंघा का कुनबा बढ़ने के संकेत मिले हैं।












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