गोबर से स्नान करने के बाद शेख जफर बने हिंदू, घर वापसी पर संस्कृति बचाओ मंच ने दिया बड़ा बयान
मंदसौर में से एक जफर के हिंदू धर्म अपनाने पर संस्कृति बचाओ मंच में स्वागत करते हुए कहा कि अगर भोपाल में भी कोई घर वापसी करता है, तो उसका हम स्वागत करेंगे।
भोपाल,28 मई। मध्यप्रदेश के मंदसौर में शेख जफर के हिंदू धर्म अपनाने के बाद राजधानी भोपाल में भी हिंदू संगठनों ने हिंदू धर्म अपनाने पर शेख जफर का स्वागत किया है। भोपाल में संस्कृति बचाओ मंच के संयोजक चंद्रशेखर तिवारी ने अन्य धर्मों से हिंदू धर्म में आने पर स्वागत करने की घोषणा तक की है।

हिंदू धर्म में शेख जफर का स्वागत
शुक्रवार को मंदसौर में शेख जफर ने धर्म परिवर्तन कर चेतन सिंह राजपूत नाम रख लिया है। मंदसौर में महामंडलेश्वर सरस्वती के नेतृत्व में शेख जफर ने गोबर और गोमूत्र से स्नान कर अपने आप को पवित्र किया और मंत्रोच्चारण के साथ हिंदू धर्म को स्वीकार किया। इस दौरान शेख जफर ने कहा कि सनातन धर्म ही सब धर्मों का उत्पत्तिकर्ता है। सभी धर्म सनातन धर्म से निकले हैं इसलिए सभी को सनातन धर्म अपनाना चाहिए। राजधानी भोपाल में संस्कृति बचाओ मंच के प्रदेश अध्यक्ष चंद्रशेखर तिवारी ने कहा कि हिंदू धर्म में शेख जफर का स्वागत है। हम भोपाल के भी अन्य धर्म के अनुयायी से अपील करते है, यदि वे वापस सनातन धर्म को अपनाना चाहते हैं, तो उनका हम स्वागत करेंगे और सम्मान करेंगे। उनका सनातन धर्म में सम्मान है।

सभी धर्मों से पुराना सनातन धर्म
संस्कृति बचाओ मंच के अध्यक्ष चंद्रशेखर तिवारी ने कहा कि सनातन धर्म सबसे पुराना धर्म है। ईशा और मूसा की उत्पत्ति 1000 से 1500 पुरानी है, लेकिन सनातन धर्म की उत्पत्ति इससे बहुत ज्यादा पुरानी है। सारे धर्मों की उत्पत्ति सनातन धर्म से हुई है। ऐसे में अगर कोई व्यक्ति हमारे समाज के प्रति आस्था और सम्मान रखता है, तो उसका हम स्वागत करते हैं। पुरातन धर्म होने के कारण कहीं ना कहीं दूसरे धर्मावलंबी हमारे ही धर्म के अनुयायी हैं और हमारे पूर्वज ही इनके पूर्वज रहे हैं, इसलिए जो हमारे धर्म में आस्था रखता है और हमारे धर्म का अनुसरण करना चाहता है, तो संस्कृति बचाओ मंच उसका अभिनंदन करता है।

धर्म परिवर्तन को लेकर क्या बोले शेख जफर
शुक्रवार को मंदसौर के शेख जफर शेख पिता गुलाम मोइनुद्दीन शेख का भगवान पशुपतिनाथ मंदिर प्रांगण में धर्म परिवर्तन किया गया। 46 वर्षीय शेख जफर अब चेतन सिंह राजपूत बन गए हैं। महामंडलेश्वर स्वामी चिदंबरानंद सरस्वती अखिल भारतीय पंचायत अखाड़ा महानिर्वाणी संघ के महामंडलेश्वर द्वारा विधि विधान से पूजन हवन कर हिंदू धर्म की दीक्षा दी गई। इस दौरान सांसद सुधीर गुप्ता भी उन्हें मंदिर में घर वापसी पर शुभकामनाएं देने पहुंचे। मंदसौर विधायक यशपाल सिंह सिसोदिया काफी समय तक उनकी पूजा पाठ में साथ रहे।
शेख जफर से चैतन्य सिंह राजपूत बनने के बाद उन्होंने कहा कि बचपन से ही उनका झुकाव हिंदू धर्म की ओर है। इसके बाद उन्होंने हिंदू धर्म की युवती से शादी की थी। उनकी पत्नी का नाम शारदा यादव है,जो मराठा समाज से आती है। अब तक वे खुद को अधूरा महसूस कर रहे थे,लेकिन अब हिंदू धर्म अपनाने के बाद वे पूर्ण रूप से हिंदू हो गए हैं। इससे उन्हें शांति का अनुभव हो रहा है।

विश्व में सभी थे सनातनी लोग : शेख जफर
चेतन सिंह राजपूत ने कहा कि घर में खुला माहौल है और देश के संविधान के अनुरूप सभी अपने मर्जी से किसी धर्म के प्रति आस्था रख सकते है। इसमें किसी को कोई परेशानी नहीं होनी चाहिए और अगर होती है, तो वह कट्टरता है। उन्होंने कहा कि विश्व में सभी सनातनी लोग थे, लेकिन बाद में अलग-अलग धर्मों में बैठ गए। उन्हें शुरू से ही हिंदू धर्म से गहरा लगाव है। इसी के चलते वे खुद को अधूरा सा महसूस करते थे। लेकिन अब धर्म परिवर्तन के बाद वे पूर्ण रूप से हिंदू है और परम शिव भक्त भी।












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