एक्सीडेंट के मामले में भोपाल कोर्ट का बड़ा फैसला, मृत महिला के परिवार को मिलेंगे 1 करोड़ 23 लाख 55 हजार रुपये

राजधानी भोपाल में जिला कोर्ट ने एक्सीडेंट के मामले में एक बड़ा फैसला सुनाया है। अदालत ने 2 साल पुराने मामले में फैसला देते हुए दुर्घटना की शिकार महिला के परिजनों को 1 करोड़ 23 लाख 55 हजार रुपये की राशि और साथ ही मामले की प्रस्तुति दिनांक से 7% वार्षिक ब्याज से 2 माह में अदा करने को कहा है। यह निर्णय पंचम अतिरिक्त सदस्य मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण के न्यायाधीश विनय कुमार भारद्वाज ने दिया है। कोर्ट ने कहा कि बीमा कंपनी बाद में बस संचालक से ये राशि वसूल कर सकती है। क्योंकि ड्राइवर के पास लाइसेंस नहीं था और बस बिना परमिट थी, इसलिए बस मालिक असल जिम्मेदार है। यह निर्णय बिना परमिट वाहन संचालित करने वाले मालिकों के लिए एक उदाहरण है। नीचे पूरा मामला विस्तार से जानिए....

आरटीओ ने माना बिना परमिट थी बस
भोपाल के आरटीओ के परमिट शाखा में पदस्थ बाबू प्रमोद नागवंशी हैं कोर्ट को जानकारी दें जो बताए कि बस क्रमांक एमपी-04-पीए-0990 को 27 जनवरी 2020 से 30 जनवरी 2020 तक अस्थाई परमिट जारी किया गया था 31 जनवरी 2020 से उसका कोई परमिट नहीं था।

साल 2020 में हुई थी एक्सीडेंट की ये घटना,जाने पूरा मामला
मृतक महिला शाइनी थॉमस सेंट्रल एक्साइज एंड कस्टम्स सर्विस टैक्स में सुपरिटेंडेंट थी। 2 साल पहले (साल 2020) वे सुबह अपने स्कूटी से अयोध्या बायपास की ओर आ रही थी। तभी आनंद नगर की ओर से आ रही तेज रफ्तार बस ने ने टक्कर मार दी और बस का पहिया उनके सिर के ऊपर से चढ़कर निकल गया था, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई थी। न्यायालय ने माना कि लापरवाही तरीके से गाड़ी चलाने के कारण ऐसी घटना हुई।

बिना परमिट गाड़ी चलाना कितना खतरनाक
बता दे नियमानुसार आरटीओ बिना परमिट गानों से टैक्स का 4 गुना शुल्क व ₹10000 का समन शुल्क भरवाता है। यदि संबंधित वाहन से दुर्घटना होती है, जिसमें किसी की मृत्यु होते हो जाती है,तो न्यायालय जुर्माना लगाता है। हालांकि वाहन मालिक कई बार बिना परमिट के वाहनों का संचालन करते रहते हैं। ऐसे में वाहन का वैध एवं प्रभावी परमिट नहीं होने पर बीमा कंपनी क्षतिपूर्ति राशि देने के लिए बाध्य नहीं रहती है।

वाहनों पर नियमानुसार कार्रवाई की बात
भोपाल के सामाजिक कार्यकर्ता महेश मालवीय ने बताया कि राजधानी भोपाल में अभी भी कई वाहनों का संचालन बिना परमिट के किया जा रहा है। आरटीओ को इस बात की जानकारी होने के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं की जाती है। वहीं भोपाल आरटीओ संजय तिवारी ने जानकारी देते हुए बताया कि बिना परमिट, फिटनेस, बीमा के चलने वाले वाहनों पर नियमानुसार कार्रवाई की जाती है। इसके लिए समय-समय पर यातायात पुलिस के साथ मिलकर भी चेकिंग अभियान चलाया जाता है बगैर परमिट के मिलने वाली बस का संचालन बंद किया जाता है।












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