Liquor Policy: कैबिनेट के फैसले के बाद भोपाल के 90 अहाते होंगे बंद, मंदिर से मदिरालय की दूरी का सर्वे शुरू
शराब नीति में बदलाव होते ही भोपाल में आबकारी अमले ने मंदिरों के पास स्थित शराब की दुकानों को नोटिस थमा ना शुरू कर दिया है।

मध्य प्रदेश की कैबिनेट बैठक में नई शराब नीति में बदलाव होने के बाद राजधानी भोपाल में आबकारी अमला हरकत में आ गया है। 1 अप्रैल से नए नियम के तहत शहर के सभी 90 अहाते बंद किए जाएंगे। धार्मिक और शिक्षण संस्थानों के पास कितनी दुकानें हैं, इसका सर्वे आज से शुरू किया गया है। भोपाल जिले में करीब 28 शराब दुकानें ऐसी है, जो स्कूल, कॉलेज शिक्षण संस्थान और मंदिरों के पास संचालित हो रही है। अब इन दुकानों को भी दूसरी जगह शिफ्ट करने की तैयारी शुरू हो गई है। आबकारी विभाग ने ऐसी दुकानों को आग से नोटिस देना शुरू कर दिया है।
जिला आबकारी कंट्रोलर सचिंद्र मोदी ने जानकारी देते हुए बताया कि भोपाल जिले में वर्तमान में चार शराब दुकानों के साथ अहाते संचालित हो रहे हैं। इनकी फीस शराब दुकान के साथ शामिल थी। वही 30 शराब दुकानों के लिए अहाते अलग से लाइसेंस लेते हैं। शहर में स्कूल कॉलेज से शनि संस्थानों और धर्म स्थलों के पास कितनी दुकानें संचालित हो रही है इसकी सूची बनवाई जा रही है।
नर्मदा पुरम रोड की स्थिति ज्यादा खराब
भोपाल शहर में नर्मदा पुरम रोड पर आईएसबीटी के पास मुख्य रोड पर स्थित शराब दुकान के आस-पास दर्जनों कोचिंग संस्थान है। इस तरह वीर सावरकर ब्रिज के पास बहुत बड़े इलाके में दुकान खोल दी गई। इसी तरह 5 नंबर बस स्टॉप के पास शिव मंदिर है, वहां पर भी शराब की दुकान खोली गई है। वही अयोध्या नगर बायपास की शराब दुकान के ठीक सामने कई साल पुराना हनुमान मंदिर है। कूलर के गेहूं खेड़ा में मस्जिद के सामने शराब की दुकान संचालित हो रही है। करोंद मुख्य रोड पर हाई सेकेंडरी स्कूल के पास शराब की दुकान चल रही है। 11 मील में स्थित शराब दुकान मंदिर के पास स्थित है। वही जांगीराबाद क्षेत्र में भी मंदिर के पास शराब की दुकान चल रही है।












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