Bhopal: स्मार्टफोन का ज्यादा उपयोग करने से 25 वर्षीय युवक अस्पताल में भर्ती,मोबाइल मैनिया नामक बीमारी की आशंका
भोपाल के रेड क्रॉस हॉस्पिटल में एक 25 वर्षीय युवक को मोबाइल की लत के चलते अस्पताल में भर्ती करना पड़ा है। युवक पर मोबाइल मैनिया नामक बीमारी की आशंका जताई जा रही है।

राजधानी भोपाल में स्मार्टफोन की लत के चलते 25 वर्षीय युवक को अस्पताल में भर्ती करना पड़ा है। रेड क्रॉस अस्पताल में 25 वर्षीय युवक उत्सव गुप्ता को मोबाइल एडिक्शन के चलते अस्पताल में भर्ती करना पड़ा है। उत्सव के परिजन उसे अस्पताल लेकर पहुंचे। जहां डॉक्टर ने बताया कि मोबाइल पर ज्यादा वक्त बिताने से उसके शरीर और मानसिक स्वास्थ्य पर बुरा असर पड़ा है। परिजनों ने बताया कि उत्सव गुप्ता का लगातार वजन कम हो रहा था और उसे नींद भी नहीं आ रही थी। डॉक्टरों के अनुसार युवक पर मोबाइल मैनिया का असर हो सकता है।

ज्यादा फोन चलाने से हो सकती है ये बीमारी
रेड क्रॉस अस्पताल के डॉक्टर पल्लव के अनुसार युवक को मोबाइल मैनिया नामक बीमारी की आशंका जताई जा रही है। डॉ पल्लव ने बताया कि मोबाइल मैनिया एक बीमारी है, जो अत्याधिक इलेक्ट्रॉनिक्स डिवाइसों का उपयोग करने पर हो सकती है। इसे दवा और काउंसलिंग से काबू किया जा सकता है, जैसे शुगर या बीपी को कंट्रोल किया जाता है। कई बार इस बीमारी के मरीजों को मेडिटेशन यानी ध्यान ना करने की सलाह भी दी जाती है। इसी वजह से मेनिया बढ़ने का खतरा रहता है बाइपोलर डिसऑर्डर में भी मैनिया और डिप्रेशन की स्थिति बनती है।

इस बीमारी में लापरवाही करते हैं लोग
"सिजोफ्रेनिया" बचपन या किशोरावस्था में उभरता है। इसमें शख्स को डरावने सहाय जैसी चीजें दिखाई देती हैं, जो हकीकत में होती नहीं है। मानसिक बीमारियों के लक्षण जल्द ही पहचान ले तो इलाज आसान हो जाता है। अक्सर लोग इस बीमारी में लापरवाही करते हैं और तब डॉक्टर के पास ले जाते हैं जब साथ रहना मुश्किल हो जाता है, ऐसे में मरीज का इलाज कठिन हो जाता है। बीमारी से बचने के लिए परिवार और करीबियों की भूमिका अहम होती है क्योंकि मरीज खुद को बीमार नहीं समझता। दवा खिलाने से लेकर काउंसलिंग तक जिम्मेदारी परिजनों या करीबियों को निभानी पड़ती है।

मोबाइल का ज्यादा उपयोग सेहत के लिए हानिकारक
डॉक्टर पल्लव के अनुसार मोबाइल का अत्यधिक उपयोग करने से आपकी हेल्थ पर भी असर पड़ सकता है। हानिकारक करने ब्रेकआउट का कारण बन सकती है कई शोधों में पाया गया है कि मोबाइल में रोगाणु और बैक्टीरिया होते हैं, जो आपकी त्वचा पर आ सकते हैं। जिससे ब्रेकआउट और दाग धब्बे हो सकते हैं यह समय से पहले बुढ़ापा आने का एक कारण भी बन सकता है।

तनाव और डिप्रेशन
अत्यधिक मोबाइल का उपयोग करने से लोग तनाव और डिप्रेशन का शिकार हो सकते हैं। मोबाइल फोन से निकलने वाले रेडिएशन के खतरनाक प्रभाव इसका प्रमुख कारण है। ये रेडिएशन दिमाग की कोशिकाओं को संकुचित करती है, जिससे ब्रेन में ऑक्सीजन की सही मात्रा नहीं पहुंच पाती। डॉ पल्लव ने बताया कि मोबाइल फोन का जरूरी और सीमित इस्तेमाल ही इलेक्ट्रोमैग्नेटिक विक्रम के दुष्प्रभाव को कम कर सकता है।












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