ओंकारेश्वर डैम के 21 गेट खोले गए, नर्मदा और क्षिप्रा का जलस्तर तेजी से बढ़ा; प्रशासन ने जारी किया अलर्ट
MP News: लगातार हो रही बारिश और डैम में बढ़ते जलस्तर को देखते हुए आज दोपहर 3 बजे ओंकारेश्वर बांध के 21 गेट दो मीटर तक खोले गए। इससे नर्मदा नदी में लगभग 11,973 क्यूमेक्स पानी छोड़ा गया है।
प्रशासन ने निचले क्षेत्रों के लोगों को नदी किनारे न जाने की सख्त हिदायत दी है। साथ ही चेतावनी जारी की गई है कि अगले कुछ घंटों में नर्मदा का जलस्तर तेजी से बढ़ेगा और निचले इलाकों में बाढ़ जैसी स्थिति बन सकती है।

उज्जैन और आसपास का हाल
- बीती रात उज्जैन शहर में 6 इंच बारिश दर्ज की गई।
- जिले में औसतन 2.5 इंच बारिश हुई।
- बारिश और डैम से छोड़े गए पानी के कारण अब उज्जैन के पास से बहने वाली क्षिप्रा नदी में जलस्तर तेज़ी से ऊपर जाने लगा है।
गंभीर डैम के गेट खोले गए
- इंदौर के यशवंत सागर डैम से पानी छोड़े जाने के बाद गंभीर डैम का जलस्तर भी तेजी से बढ़ गया।
- लेवल मैनेजमेंट के अनुसार:
- गेट नंबर 2 को 3 मीटर खोला गया,
- गेट नंबर 3 को 3 मीटर खोला गया,
- गेट नंबर 4 को 2 मीटर तक खोला गया।
- कुल मिलाकर गंभीर डैम से लगभग 8 मीटर गेट खोलकर पानी छोड़ा गया है। इससे उज्जैन जिले की महिदपुर तहसील में क्षिप्रा नदी का जलस्तर अचानक बढ़ने की आशंका है।
किन क्षेत्रों में खतरा, प्रशासन ने विशेष रूप से अपील की है कि:
- महिदपुर, घट्टिया और उन्हेल तहसील के लोग
- गंभीर और क्षिप्रा नदी किनारे बसे गाँवों के ग्रामीण
- नदी के किनारों की ओर न जाएं।
- थोड़ी लापरवाही जानलेवा साबित हो सकती है।
देवास से भी छोड़ा गया पानी
देवास के क्षिप्रा बैराज के गेट भी खोल दिए गए हैं। इससे आने वाले घंटों में उज्जैन और महिदपुर होते हुए क्षिप्रा नदी का जलस्तर और बढ़ेगा।
प्रशासन का अलर्ट
- नर्मदा और क्षिप्रा दोनों नदियों के किनारे अलर्ट घोषित।
- NDRF और स्थानीय प्रशासन की टीमें निगरानी पर हैं।
- मुनादी और माइकिंग कर ग्रामीणों को चेताया जा रहा है।
लगातार बारिश और डैम से छोड़े गए पानी ने नर्मदा और क्षिप्रा के किनारे बसे लोगों की चिंता बढ़ा दी है। लोग नदी किनारे न जाएंं। बच्चों और मवेशियों को सुरक्षित स्थान पर रखें। अफवाहों पर ध्यान न दें, केवल प्रशासनिक सूचना पर भरोसा करें।












Click it and Unblock the Notifications