3 साल की बच्ची को दस साल तक रखा गुलाम बनाकर
भोपाल। जब वो महज तीन साल की ही थी, उसकी खेलने की उम्र थी लेकिन उसकी सारी खुशियां चार दिवारों के बीच में कैद होकर रह गई। जिस उम्र में पेन-कॉपी होना चाहिए था उस समय उसको झाड़ू-पोंछा थमा दिया गया। ऐसा हुआ मध्य प्रदेश के इंदौर में। एक नाबालिग बच्ची को करीब दस साल तक बंधुआ बाल मजदूर बनाकर रखा गया।

मामला तब सामने आया जब लड़की 13 वर्ष की उम्र की दहलीज पर पैर रखते ही मौका देख वहां से भाग निकली। दरअसल, एक तीन साल की लड़की को मध्य प्रदेश के इंदौर जिले में एक परिवार ने दस साल तक जबरदस्ती नौकरानी बनाकर रखा।
गत सिंतबर 29 को वह घर से भाग गई। किसी ने उसे देखा और चाइल्डलाइन नाम की संस्था तक पहुंचाया। बच्ची ने संस्था के प्रतिनिधियों को बताया कि वह पिछले दस साल से सीता महालक्ष्मी नगर में चंदा राय और रेणु राय के घर में पिछले दस साल से बाल मजदूर के रूप में काम कर रही थी।
इस दौरान उसको मारा-पीटा भी जाता था। जानकारी के मुताबिक लड़की को मजदूर के रूप में उससे काम तो कराया लेकिन न तो उसे पढ़ाया और न ही उसे काम के बदले में पैसे ही दिए।
संस्था के जरिए यह मामला बाल कल्याण समिति तक पहुंच गया है। समिति ने पीडि़त बच्ची के बयान भी दर्ज कर लिए हैं। अब बाल कल्याण समिति ने बच्ची के भर पोषण के लिए बाल आश्रम भेजने के आदेश दिए हैं।












Click it and Unblock the Notifications