महूरी गांव के ग्रामीणों ने किया चुनाव का बहिष्कार
भिंड की गोहद विधानसभा के महूरी गांव के ग्रामीणों ने गांव में स्कूल और सड़क नहीं होने से नाराज होकर किया पंचायत चुनाव का बहिष्कार
भिंड, 12 जून। भिंड में महूरी गांव के ग्रामीणों ने पंचायत चुनाव का बहिष्कार कर दिया है। गांव में स्कूल और सड़क नहीं होने की वजह से ग्रामीणों ने चुनाव का बहिष्कार करने का निर्णय लिया है और गांव के बाहर चुनाव बहिष्कार का बैनर भी टांग दिया है।

महूरी गांव के ग्रामीणों का कहना है कि वे लंबे समय से गांव में स्कूल और सड़क का इंतजार कर रहे हैं। गांव में ना तो स्कूल बन पाया है और ना ही गांव की सड़क बन पाई है। इस वजह से गांव के लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। बारिश के सीजन में गांव के लोगों को कच्ची सड़क से गुजरने में और भी दिक्कत होती है। इसके अलावा स्कूल नहीं होने की वजह से बच्चों को दूसरे गांव में पढ़ाई के लिए जाना पड़ता है।
जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों से बार-बार लगा चुके हैं मदद की गुहार
महूरी गांव के ग्रामीणों का कहना है कि वह गांव में स्कूल और सड़क बनवाने के लिए जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों से कई बार मदद की गुहार लगा चुके हैं। लिखित और मौखिक रूप से कई बार अधिकारियों से निवेदन कर चुके हैं लेकिन अभी तक ना तो जनप्रतिनिधियों ने और ना ही अधिकारियों ने इस गांव के ग्रामीणों की कोई सुध ली है।
मुक्तिधाम तक के लिए नहीं है पक्का रास्ता
ग्रामीणों का कहना है कि गांव के मुक्तिधाम के लिए पक्का रास्ता तक नहीं है। ऐसे में अगर बारिश के सीजन में गांव में किसी की मौत हो जाती है तो सबको मुक्तिधाम तक ले जाने में भी काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। गांव के कच्चे रास्ते में कीचड़ भर जाता है जो उनके सफर को और भी मुश्किल भरा कर देता है। इस वजह से ग्रामीण गांव के अंदर पक्की सड़क निर्माण करवाना चाहते हैं।
महूरी गांव की 1250 है आबादी
गोहद विधानसभा के शेरपुर ग्राम पंचायत में आने वाले महूरी गांव की आबादी 1250 है जबकि यहां मतदाताओं की संख्या 688 है। बावजूद इसके इस गांव में मूलभूत सुविधाएं भी उपलब्ध नहीं है। यही वजह है कि यहां के ग्रामीणों में आक्रोश पनप रहा है और इसी के चलते ग्रामीणों ने चुनाव का बहिष्कार करने का निर्णय लिया है।
पंचायत चुनाव में सामूहिक रूप से किया ग्रामीणों द्बवारा चुनाव बहिष्कार
ग्रामीणों ने सामूहिक रूप से पंचायत चुनाव में चुनाव का बहिष्कार कर दिया है। चुनाव बहिष्कार का बैनर भी ग्रामीणों ने गांव के बाहर लगा दिया है। ग्रामीणों का कहना है कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होगी तब तक मतदान नहीं करेंगे।
चुनाव बहिष्कार की जानकारी मिलने पर प्रशासन आया हरकत में
महूरी गांव के ग्रामीणों द्वारा चुनाव बहिष्कार करने के ऐलान की जानकारी प्रशासन के पास भी पहुंची है। इस मामले में गोहद के एसडीएम शुभम शर्मा का कहना है कि वे ग्रामीणों से बातचीत करने के लिए जनपद पंचायत सीईओ को माहीरी गांव में भेजेंगे और यह पता करेंगे कि आखिर ग्रामीणों की मांग अब तक पूरी क्यों नहीं हो सकी है।












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