भिंड में उपद्रवियों से वसूला जाएगा पुनर्मतदान का खर्चा
भिंड प्रशासन द्वारा चुनाव में हिंसा करने वाले उपद्रवियों को सबक सिखाने के लिए पुनर्मतदान में खर्च हुई रकम की जाएगी उपद्रवियों से वसूल, प्रशासन ने जारी किए नोटिस
भिंड, 28 जून। भिंड में जिला प्रशासन द्वारा उपद्रवियों को सबक सिखाने के लिए उन पर बड़ी कार्रवाई की जा रही है। जिला प्रशासन ने पचोखरा मतदान केंद्र पर पुनर्मतदान में आए ₹500000 से अधिक के खर्च को उपद्रवियों से ही वसूलने की तैयारी कर ली है. इसके लिए जिला प्रशासन ने उपद्रवियों को नोटिस भी जारी कर दिया है।

रौन इलाके के पचोखरा मतदान क्रमांक 52 पर मतदान संपन्न होने के बाद कुछ उपद्रवियों ने कब्जा कर लिया था और जबरन यहां बूथ कैप्चर करते हुए फर्जी मतदान कर दिया था। इस बात की शिकायत पीठासीन अधिकारी ने जिला निर्वाचन अधिकारी से की थी। जिसके बाद यहां राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा पुनर्मतदान करने का निर्णय लिया गया था।
पुनर्मतदान में खर्च हो गए प्रशासन के पांच लाख से अधिक रुपए
27 जून को पचोखरा के मतदान क्रमांक 52 पर पुनर्मतदान करवाया गया था। इस पुनर्मतदान में प्रशासन के ₹520000 खर्च हो गए। उपद्रवियों की वजह से प्रशासन के रुपए खर्च हुए इसलिए प्रशासन ने उपद्रवियों से ही रुपए वसूलने की तैयारी कर ली है।
बड़ी संख्या में लगी थी अधिकारियों की ड्यूटी
पचोखरा मतदान केंद्र पर पुनर्मतदान के दौरान मतदान केंद्र पर 70 पुलिसकर्मियों का दल मौजूद था। इसके साथ ही साथ यहां तीन थाना प्रभारियों की ड्यूटी भी लगाई गई थी ।इसके अलावा प्रशासनिक कर्मचारी समेत सेक्टर मजिस्ट्रेट और मतदान दल के अधिकारी समेत रिजर्व फोर्स भी रखा गया था। इसके अतिरिक्त चुनाव प्रेक्षक भी वहां मौजूद रहे और संसाधनों में लाइट, कूलर, वाहन, डीजल इन सभी का खर्चा भी हुआ है।
चार उपद्रवियों से वसूला जाएगा पूरा खर्चा
पचोखरा मतदान केंद्र पर बूथ केप्चर करने वाले चार उपद्रवी धर्मेंद्र सिंह, सौरभ चौहान, अजय सिंह, रामप्रसाद से ₹520000 का खर्चा वसूलने की तैयारी प्रशासन ने कर ली है। इसके लिए प्रशासन द्वारा बाकायदा उपद्रवियों को नोटिस भी जारी कर दिए हैं।
उपद्रवियों पर की जाएगी कड़ी कार्रवाई
भिंड कलेक्टर डॉ सतीश कुमार एस का कहना है कि उपद्रवी भविष्य में इस तरीके की चुनाव में हिंसा ना फैला सके इसके लिए जिला प्रशासन द्वारा कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उपद्रवियों के शस्त्र लाइसेंस निरस्त किए जाएंगे, उन पर रासुका और जिला बदर की कार्रवाई की जाएगी। इसके अलावा उनसे पुनर्मतदान का खर्चा भी वसूला जाएगा। अगर पुनर्मतदान का खर्चा जमा नहीं किया गया तो आरोपियों के मकान भी तोड़े जाएंगे।












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