चंबल के इस गांव की मिट्टी से निकल रहे हैं प्राचीन सभ्यता के अवशेष
भिंड के नौधा गांव मे खुदाई मे प्राचीन सभ्यता के अवशेष मिकल रहे हैं। अब तक भगवान बुद्ध की प्रतिमा के सिर समेत कई देवी देवताओं की मूर्तियां निकल चुकी हैं।
भिंड, 16 मई। चंबल की माटी से प्राचीन सभ्यता के अवशेष निकल रहे हैं। इन अवशेषों में भगवान बुद्ध की प्रतिमा का सिर भी शामिल है। चंबल में स्थित भिंड जिले के नौधा गांव में खुदाई के दौरान चांदी और तांबे के सिक्के भी निकल रहे हैं। पुरातत्व विभाग का कहना है कि जो प्राचीन सभ्यता के अवशेष प्राप्त हो रहे हैं वे 9वीं और 10वीं शताब्दी के हो सकते हैं।

भिंड जिले का नौधा गांव इन दिनों अपनी मिट्टी में छुपी हुई प्राचीन सभ्यता के अवशेषों को लेकर सुर्खियों में है। गांव में खुदाई करने पर प्राचीन सभ्यता के अवशेष प्राप्त हो रहे हैं। गांव में जब भी कोई निर्माण कार्य होता है तो इसके लिए गांव में खुदाई की जाती है। खुदाई के दौरान ही जमीन के नीचे से यह प्राचीन सभ्यता के अवशेष निकल रहे हैं।

गांव में गढ़ी और खेरा स्थान से निकल रहे हैं प्राचीन सभ्यता के अवशेष
गांव में होने वाले निर्माण कार्यों के लिए मिट्टी की खुदाई का काम गांव की गढ़ी और खेरा पर किया जाता है। गढ़ी और खेरा वह स्थान है, जहां से मिट्टी निकाल कर उसका उपयोग किया जाता है। खास बात यह है कि इन दोनों ही स्थानों पर मिट्टी को खोदने पर प्राचीन सभ्यता के अवशेष निकल रहे हैं। कुछ साल पहले जब यहां खुदाई की गई थी तो बड़ी संख्या में चांदी के सिक्के निकले थे लेकिन अब खुदाई करने पर यहां तांबे के सिक्के निकलते हैं।

3 वर्ष पहले खुदाई के दौरान निकला था भगवान बुद्ध की प्रतिमा का सिर
गांव में मिट्टी की जरूरत पड़ने पर 3 वर्ष पहले खुदाई की गई थी तो खुदाई के दौरान जमीन से भगवान बुद्ध की प्रतिमा का सिर निकला था। भगवान बुद्ध की प्रतिमा के सिर को गांव में ही मौजूद खेरा माता के एक मंदिर में रख दिया गया।

खुदाई के दौरान देवी देवताओं की प्रतिमा भी निकली
इस गांव में खुदाई के दौरान कई बार देवी-देवताओं की प्रतिमाएं भी निकल चुकी हैं। इसके अलावा पत्थर के बने हुए कुछ पुराने बर्तन भी खुदाई में मिल चुके हैं, जो इस बात को प्रमाणित करते हैं कि यहां कोई प्राचीन सभ्यता रही होगी।
गांव में कभी नहीं पहुंचा पुरातत्व विभाग का अमला
नौधा गांव की सरपंच रीमा खरे ने बताया कि उनके गांव में पिछले 30 साल से खुदाई के दौरान प्राचीन सभ्यता के अवशेष निकल रहे हैं। जब खुदाई के दौरान चांदी के सिक्के मिले थे तो उन्हें तहसील में जमा करवा दिया गया था। इस बात की जानकारी भी प्रशासन को कई बार दी जा चुकी है लेकिन अभी तक पुरातत्व विभाग की तरफ से कोई भी टीम गांव में नहीं पहुंची है।
200 साल पुराना है नौधा गांव
ग्रामीण बताते हैं कि उनका गांव तकरीबन 200 साल पुराना है। 200 साल पुराने इस गांव में 5000 की आबादी है और सभी समाज के लोग इस गांव में निवास करते हैं। ग्रामीण बताते हैं कि जब भी खुदाई के दौरान कोई मूर्ति या अन्य सामान मिलता है तो वह इसे खेरे वाली माता के मंदिर में रख देते हैं। भगवान बुद्ध की प्रतिमा का सिर भी इसी मंदिर में रख दिया गया है।
9वीं और 10वीं शताब्दी के हो सकते हैं अवशेष
जिला पुरातत्व अधिकारी वीरेंद्र पांडे का कहना है कि नौधा गांव में जमीन के नीचे से निकल रहे अवशेष प्राचीन सभ्यता के हैं, उन्होंने बताया कि यह अवशेष 9वीं और 10वीं शताब्दी के हो सकते हैं। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि वे जल्द ही नौधा गांव में जाएंगे और उस इलाके का निरीक्षण करेंगे।












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