अब भिंड और गोहद की नगर पालिका अध्यक्ष को लेकर शुरू हुई राजनीति
भिंड में अब भिंड और गोहद नगर पालिका के अध्यक्ष पद के चुनाव के लिए शुरु हुई सरगर्मी
भिंड, 31 जुलाई। जिला पंचायत अध्यक्ष की कुर्सी पर बीजेपी ने अपना परचम लहरा दिया है और अब अगली दौड़ भिंड और गोहद नगर पालिका अध्यक्ष की शुरू हो गई है। इसको लेकर राजनीतिक समीकरण बनाने और बिगाड़ने का खेल भी जारी है। कांग्रेस और बीजेपी दोनों ही दल इसमें अपनी अपनी जोर आजमाइश कर रहे हैं।

अध्यक्ष के चुनाव को लेकर अभी तारीख का नहीं हुआ है एलान
नगर पालिका के अध्यक्ष के चुनाव की तारीख का ऐलान अभी नहीं किया गया है, लेकिन अध्यक्ष बनाए जाने को लेकर राजनीति शुरू हो गई है। बीजेपी में भिंड नगरपालिका की अध्यक्ष की कुर्सी के लिए दावेदारी करने वाले 2 लोगों के नाम निकल कर सामने आए हैं। इनमें से पहला नाम वार्ड 26 से जीतकर आई वर्षा वाल्मीक का है, तो दूसरा नाम वार्ड 39 से जीतकर आई केशकली का है। फिलहाल दोनों ही दावेदारों के बीच अभी प्रतिस्पर्धा चल रही है ,लेकिन देखने वाली बात होगी कि बीजेपी आखिर इन दोनों नाम में से किस पर अपनी सहमति जताती है।
कांग्रेस की तरफ से अभी नहीं आया कोई नाम सामने
बीजेपी की तरफ से दो नाम निकल कर सामने आ चुके हैं लेकिन कांग्रेस की तरफ से अभी तक अध्यक्ष पद की दावेदारी करने के लिए कोई विशेष नाम निकल कर सामने नहीं आया है। कांग्रेस पार्टी का मानना है कि वे सर्व सहमति से इस बात पर निर्णय लेंगे और निर्णय लेने के बाद अध्यक्ष के लिए किसी एक दावेदार का नाम आगे बढ़ाया जाएगा।
गोहद नगरपालिका में भी बीजेपी से 2 नाम निकल कर आए सामने
गोहद नगर पालिका अध्यक्ष सीट के लिए वार्ड 17 से मंजू प्रमोद कामत का नाम सामने आ रहा है, जबकि वार्ड 3 से पुष्पा रविंद्र सगर का नाम दावेदार में शामिल है। इन दोनों बीजेपी पार्षदों में से ही किसी एक पर पार्टी अपनी सहमति जताईगी और उसी का नाम अध्यक्ष पद के लिए आगे बढ़ाया जाएगा।
गोहद में कांग्रेस से भी निकल कर आए दो नाम सामने
बीजेपी की तरह कांग्रेस में भी गोहद नगर पालिका अध्यक्ष की दावेदारी करने वाले दो नाम निकल कर सामने आए हैं। पहला नाम वार्ड 16 से राजा बेटी का है, जबकि दूसरा नाम वार्ड 4 से मंजू माहौर का है। यह दोनों ही जीती हुए पार्षद अध्यक्ष पद के लिए दावेदारी कर रही हैं।
भिंड बीजेपी और कांग्रेस के विजई हुए पार्षदों की संख्या
भिंड नगर पालिका में कुल 39 वार्ड हैं इन 39 वार्ड में से 12 वार्ड में कांग्रेस के पार्षद जीत कर आए हैं, जबकि 15 वार्ड में बीजेपी के पार्षद जीत कर आए हैं। इसके अलावा 8 वार्डों में निर्दलीयों ने जीत दर्ज कराई है, वहीं 4 वार्डों में बीएसपी के प्रत्याशी जीत कर आए हैं। ऐसे में जोड़-तोड़ की राजनीति करते हुए कांग्रेस या बीजेपी कोई भी दल अपना अध्यक्ष बना सकता है।












Click it and Unblock the Notifications