कांग्रेस ने दूसरी लिस्ट में भिंड से विधायक फूल सिंह बरैया को बनाया उम्मीदवार, BJP की संध्या राय को देंगे टक्कर
Lok sabha election 2024: कांग्रेस ने बड़े मंथन के बाद मध्य प्रदेश की 10 लोकसभा सीटों पर उम्मीदवारों का ऐलान कर दिया जिसमें सबसे ज्यादा चर्चा छिंदवाड़ा और भिंड सीट को लेकर हो रही है। दरअसल, पार्टी ने भिंड जिले की भांडेर विधानसभा क्षेत्र से विधायक फूल सिंह बरैया को भिंड- दतिया उम्मीदवार बनाया है।
इसके अलावा पार्टी ने छिंदवाड़ा से मौजूदा सांसद नकुलनाथ को दोबारा टिकट दिया है। कमलनाथ पहले ही चुनाव लड़ने से मना कर चुके थे। वहीं भिंड से ऐसी वर्ग से विधायक फूल सिंह बरैया को कांग्रेस टिकट दिया है। इसके बाद से भिंड लोकसभा सीट में अब कांटे की टक्कर देखी जा रही है।

वन इंडिया हिंदी से फोन पर बातचीत में फूल सिंह बरैया ने बताया कि यह पार्टी का निर्णय है। कांग्रेस ने लोकसभा चुनाव में उन पर भरोसा जताया है। वह पार्टी को जरूर यह सीट जीत कर देंगे। फूल सिंह बरैया ने बताया कि चुनाव में बेरोजगारी और महंगाई उनके प्रमुख मुद्दे रहेंगे। वहीं संध्या राय को टक्कर देने के सवाल पर उन्होंने कहा कहा कि पिछले कई चुनावों से बीजेपी इस सीट को जीते हुए आ रही है और कांग्रेस कई सालों से यहां पर लोकसभा का चुनाव नहीं जीती है, ऐसे में यह सीट जीतना उनके लिए चुनौती तो है। लेकिन संध्या राय उनके सामने कोई टक्कर वाली कैंडिडेट नहीं है। उन्होंने कहा कि भिंड और दतिया लोकसभा क्षेत्र में बच्चा-बच्चा उन्हें जानता है।
बरैया क्या भाजपा प्रत्याशी सांसद संध्या राय को दे पाएंगे टक्कर?
बता दे भारतीय जनता पार्टी ने भिंड दतिया लोकसभा सीट से सांसद संध्या राय को पुन: टिकट देकर चुनावी मैदान में उतारा है। अब कांग्रेस ने भिंड से दलितों के प्रमुख नेता फूल सिंह बरैया को भिंड- दतिया लोकसभा से उम्मीदवार बनाया है। इसके बाद से जहां पर अब कांटे का मुकाबला देखा जा रहा है। भिंड और दतिया के अलावा मध्य प्रदेश के लोगों में अब यह चर्चा का विषय बन गया है कि क्या फूल सिंह बरैया संध्या राय को टक्कर दे पाएंगे? दरअसल, संध्या राय संगठन स्तर पर मजबूत मानी जाती है। पिछले लोकसभा चुनाव में उन्होंने बड़े मार्जिन के साथ जीत दर्ज की थी। इसलिए बीजेपी ने दोबारा उन पर भरोसा जताया है।
इधर फूल सिंह बरैया भिंड और दतिया जिले में दलितों में खासा लोकप्रिय है। बरैया ने विधानसभा चुनाव 2023 में भंडार से चुनाव जीता। उन्होंने भारतीय जनता पार्टी के घनश्याम पूर्णिया को करीब 29,438 वोटों से चुनान हराया था। इसलिए कांग्रेस पार्टी ने उनपर भरोसा जताते हुए उन्हें उम्मीदवार बनाया है। हालांकि उनकी प्रतिद्वंद्वी संध्या राय भी अनुसूचित जाति वर्ग से आती हैं।
भिंड-दतिया लोकसभा सीट के समीकरण
भिंड-दतिया लोकसभा सीट में दो जिले और आठ विधानसभा क्षेत्रों का समावेश होता है, जिसमें कुल 28,93,641 मतदाता शामिल हैं। इनमें से 10,19,722 पुरुष, 8,73,872 महिला, और 37 ट्रांसजेंडर हैं। निर्वाचन आयोग के निर्देशों के अनुसार, 2024 के चुनाव की पूरी तैयारी की गई है। भिंड और दतिया में मतदान के लिए 2183 मतदान केंद्र स्थापित किए गए हैं।
भाजपा ने कमल को अपना प्रत्याशी नामांकित किया है और पूरी तैयारी में जुटी है। उन्होंने विधानसभा क्षेत्रवार चुनाव कार्यालय खोल दिए हैं। वहीं, कांग्रेस और बसपा भी अपने प्रत्याशियों को लेकर पेशोंपेश में हैं।
मध्य प्रदेश की लोकसभा सीटों में भिंड-दतिया संसदीय क्षेत्र भाजपा के प्रभावशाली क्षेत्रों में गिना जाता है। स्वतंत्रता के बाद के लोकसभा चुनावों के परिणामों पर नजर डालें तो, 1957 में सूरज प्रसाद उर्फ सूर्य प्रसाद (अजा) ने वराधाचरण सीट से चुनाव जीता, जो कांग्रेस के थे। उन्होंने प्रसोपा के आत्मदास को 2792 मतों से हराया। 1962 में, यह सीट अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित कर दी गई और फिर भी सूरज प्रसाद ने चुनाव जीता। उनकी जीत का अंतर लगभग दोगुना था।












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