CM YOGI ने बस्ती मंडल के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का किया हवाई दौरा,कहा-आपदा की इस घड़ी में सरकार पीड़ितों के
बस्ती मंडल के सभी जिलें बाढ़ की चपेट में हैं।सिद्धार्थनगर में बांध टूटने से कई लाख लोग प्रभावित हो चुके हैं और पलायन कर रहें है।यहीं हाल नदियों के समीप स्थित लगभग सभी गांवों का है।सीएम योगी आदित्यनाथ ने गुरुवार को इन क्ष
CM Yogi Adityanath in Basti: बस्ती मंडल के सभी जिलें बाढ़ की चपेट में हैं।सिद्धार्थनगर में बांध टूटने से कई लाख लोग प्रभावित हो चुके हैं और पलायन कर रहें है।यहीं हाल नदियों के समीप स्थित लगभग सभी गांवों का है।सीएम योगी आदित्यनाथ ने गुरुवार को इन क्षेत्रों का हवाई दौरा किया।उन्होंने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों की वास्तविक स्थिति जानी और सभी बाढ़ पीड़ितों को ढ़ाढ़स बंधाया।उन्होंने राहत सामग्री भी वितरित की।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि हम सबने पहली बार अक्तूबर में अप्रत्याशित बाढ़ को देखा है। अक्तूबर माह में जब फसल कटती है, रामलीलाओं का दौर चलता है तब फसलें डूब गई हैं। लोग छतों पर रहने को विवश हैं। इसके बावजूद किसी को भी घबराने या परेशान होने की आवश्यकता नहीं है। आपदा कि इस घड़ी में सरकार सभी पीड़ितों के साथ खड़ी है और उन्हें हर संभव सहायता प्रदान की जाएगी। प्रकृति की त्रासदी का सामना कर राहत देना सरकार की प्राथमिकता है और इसमें कहीं कोई कोर कसर नहीं छोड़ी जाएगी। उन्होंने सिद्धार्थनगर डुमरियागंज तहसील के भनवापुर में मैहतिनिया गौशाला के निकट बाढ़ पीड़ितों का हाल जाना।संतकबीरनगर के धनघटा तहसील के छपरा मगर्वी में दिव्यांश पब्लिक स्कूल परिसर में बाढ़ पीड़ितों से मिले। बस्ती जिले के बाढ़ प्रभावित इलाकों का हवाई सर्वेक्षण करने के बाद हर्रैया तहसील के हिंगापुर में सर्वोदय विद्यालय परिसर में बाढ़ पीड़ितों का हाल जाना।
सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि इस विषम परिस्थिति में सभी को धैर्य व हिम्मत से काम करने की जरुरत है।स्थिति भयावह है लेकिन किसी को परेशान होने की जरुरत नहीं है।सरकार आप सब के साथ खड़ी है।बाढ़ का पानी धीरे-धीरे दो-तीन दिन में उतर जाएगा।प्रशा़सन को निर्देशित किया गया है कि बाढ पीड़ितों की हर संभव त्वरित मदद की जाए।नाव व स्टीमर लगाकर राहत सामग्रियों का वितरण किया जाए।लोगों को सुरक्षित जगहों पर पहुंचाया जाए।
उन्होंने कहा कि बाढ़ पीड़ितों के लिए पर्याप्त मात्रा में राहत सामग्रियों का वितरण किया जा रहा है।खाद्यान्न की कमी न हो इसके लिएदो तरह की किट में दी जा रही है। राहत सामग्री किट में 10 किलो चावल, 10 किलो आटा, 2 किलो अरहर दाल, आधा किलो नमक, 250 ग्राम हल्दी, 250 ग्राम मिर्च, 250 ग्राम सब्जी मसाला, एक लीटर रिफाइंड तेल, पांच किलो लाई, दो किलो भूना चना, एक किलो गुड़, 10 पैकेट बिस्कुट, एक पैकेट माचिस, एक पैकेट मोमबत्ती, दो नहाने का साबुन शामिल है। इसके अलावा 10 किलो आलू, पांच लीटर केरोसिन, पांच लीटर क्षमता के दो जरीकेन, 15 गुणे 10 फीट की एक तारपोलीन शीट भी दी जा रही है।इसके साथ थी पशुओं को प्रतिदिन 5 किलो चारा उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया है।
नुकसान फसलों की होगी भरपाई
सीएम ने कहा कि फसलों का जायजा लिया जाएगा जिससे किसानों को क्षतिपूर्ति की नगद भुगतान की जाएगी। बाढ़ प्रभावित गांवों में भोजन बनाने की व्यवस्था नहीं है, वहां पर कम्युनिटी किचन की व्यवस्था की जाए। यदि ग्राम में कम्युनिटी किचन उपलब्ध नहीं हो पा रही है तो वहां पर लोगों को सुबह एवं रात्रि में भोजन के पैकेट उपलब्ध कराये जाए।
जनहानि पर परिवार को चार लाख
सीएम योगी ने कहा कि बाढ़ से जनहानि पर पीड़ित परिवार को चार लाख रुपये का मुआवजा तत्काल उपलब्ध कराया जाए। अंग भंग होने पर 60 हजार से लेकर 2.5 लाख रुपये तक की सहायता के साथ ही गंभीर रूप से घायलों को भी आर्थिक मदद दी जाएगी। बाढ़ से जिनके मकान क्षतिग्रस्त हो गए हैं उन्हें 1.20 लाख रुपये मुख्यमंत्री आवास योजना के तर्ज पर मकान बनाने के लिए दिए जाएंगे।
क्षतिपूर्ति राशि देगी सरकार
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि बाढ़ के चलते क्षतिग्रस्त पशुओं का भी सर्वे कराया जा रहा है जिन किसानों की फसलें क्षतिग्रस्त हुई हैं, सर्वे कराकर उन्हें हम 18 हजार रुपए प्रति हेक्टेयर की दर से क्षतिपूर्ति देंगे। बारहमासी फसलों पर 22500 रुपये प्रति हेक्टेयर की दर से सहायता राशि दी जाएगी। इसी तरह दुधारू पशु गाय, भैंस आदि के मरने पर 35000, बकरी, भेड़, सूअर के मरने पर 4000, गैर दुधारू पशु ऊंट, घोड़ा आदि के मरने पर 32000, बछड़ा, गधा, टट्टू आदि के मरने पर 20000 रुपये की दर से पशुपालकों को सहायता राशि दी जाएगी। मुर्गी पालकों को हुई क्षति पर प्रति मुर्गी 100 रुपये की दर से सहायता प्रदान की जाएगी। इसके साथ ही सरकार मत्स्य पालकों को हुए नुकसान पर भी सहायता देगी।












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