मौलाना तौकीर ने सपा-बसपा गठबंधन को किया समर्थन का ऐलान, भाजपा-कांग्रेस पर बोला हमला
Bareilly, बरेली। इत्तेहाद-ए-मिल्लत काउंसिल के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना तौकीर रजा खां ने लोकसभा चुनाव में सपा-बसपा गठबंधन प्रत्याशी को समर्थन का ऐलान किया है। मौलाना ने कहा कि मुसलमानों को सबसे बड़ा खतरा भाजपा और कांग्रेस से है। ये दोनों पार्टियां एक ही सिक्के के दो पहलू हैं। हुकुमत के लिए भाजपा खुलकर आरएसएस के इशारे पर जम्हूरियत और मुल्क को खत्म कर रही है और कांग्रेस अंदरखाने आरएसएस का समर्थन कर ही है। यही वजह है कांग्रेस गठबंधन से अलग है।
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कांग्रेस शासन में मुसलमानों से हुई नाइंसाफी
मौलान ने कहा कांग्रेस के शासन में मुसलमानों के साथ बहुत नाइंसाफी हुई है। सच्चर कमेटी की रिपोर्ट लागू नहीं की। ये कमेटी इसलिए नहीं बनाई क्योंकि मुसलमानों से हमदर्दी थी, बल्कि आरएसएस और कांग्रेस का परदे के पीछे से मुसलमानों की तालीम, तिजारत और नौकरी में निचले स्तर पर लाने का समझौता था। अगर सच्चर कमेटी का गठन मुसलमानों के उत्थान के लिए किया होता तो उसको लागू करते। दिल्ली में भी केजरीवाल सरकार के साथ कांग्रेस ने कोई गठबंधन नहीं किया।

साम्प्रदायिक ताकतों को हुकूमत से दूर रखने के लिए गठबंधन का समर्थन
मौलाना ने कहा कि उनकी काउंसिल आईएमसी साम्प्रदायिक ताकतों को हुकूमत से दूर रखने के लिए गठबंधन का साथ देगी और मायावती और ममता बनर्जी में से कोई एक प्रधानमंत्री हो सकता है। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में सपा-बसपा गठबन्धन, बिहार में आरजेडी, बंगाल में ममता बनर्जी और टीएमसी, दिल्ली में आप, केरला में यूडीएफ, महाराष्ट्र में एनसीपी गठबंधन, तेलंगाना में टीआरएस, कर्नाटक मैं जेडीएस, आंध्र में वाईआरएस गठबंधन पर आईएमसी अपना समर्थन देगी और बरेली में गठबंधन के भगवत सरन गंगवार और आंवला लोकसभा से रुचि वीरा को समर्थन देने की घोषणा की।












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