सर्वे: अच्छी और सच्ची दोस्ती के पीछे जि़म्मेदार होता है हमारा DNA

ऐसा क्या है, जो लोगों को एक दूसरे के करीब लाता है? किस आधार पर लोग हमारे दोस्त, पक्के दोस्ते, अच्छे दोस्त बन जाते हैं। वैज्ञानिकों ने पता लगाया है कि दोस्तों की केवल आदतें या सोचने का तरीका ही एक जैसा नहीं होता, उनका डीएनए भी समान होता है।
अब तक यही समझा जाता था कि परिवार के सदस्यों का डीएनए ही मेल खाता है। अमेरिका में हुई एक रिसर्च बताती है कि दोस्तों का डीएनए भी उतना ही समान होता है। एक अंग्रेजी मीडिया के मुताबिक यूनिवर्सिटी ऑफ कैलिफोर्निया और येल यूनिवर्सिटी की रिसर्च में 1,932 लोगों के डीएनए की जांच की गयी।
इसके लिए 1970 से 2000 के बीच के उनके रिश्तों के आंकड़े जमा किए गए, जिसमें रिसर्चरों ने पाया कि जो जीन गंध समझने के लिए सक्रीय होते हैं, वे दोस्तों में एक जैसे ही थे।
वैज्ञानिकों का कहना है कि एक वजह यह हो सकती है कि जीन संरचना वाले लोग एक ही जैसे माहौल की ओर आकर्षित होते हैं और वहां एक दूसरे से इत्तेफाक से मिलते हों दोस्ती हो जाती है। अगर हम रिसर्च को पैमाना बनाकर चलें तो हमारे जितने भी दोस्त हैं, उनके व मेरे बीच अब सिर्फ भावनात्माक्त कनेक्शन ही नहीं, वैज्ञानिक जुड़ाव को भी जिम्मेदार माना जाएगा।












Click it and Unblock the Notifications