कावेरी विवाद: 42 बसों को जलाने की आरोपी 22 वर्षीय युवती गिरफ्तार
बेंगलुरु। कावेरी जल विवाद को लेकर बेंगलुरु में हुए प्रदर्शन के दौरान 42 बसों को जलाने के मामले में पुलिस ने एक 22 वर्षीय युवती को गिरफ्तार किया है। पुलिस का कहना है कि इसी लड़की के कहने पर भीड़ ने एक साथ 42 बसों को आग के हवाले कर दिया।

युवती पर भीड़ के नेतृत्व करने का आरोप
पुलिस ने बताया कि सीसीटीवी फुटेज के आधार ये कार्रवाई की गई है। आरोपी लड़की की पहचान सी भाग्य के तौर पर हुई है। बताया जा रहा है कि वह अपने माता-पिता चंद्रकांत और येल्लम्मा के साथ गिरिनगर में रहती थी।
उसका घर तमिलनाडु के निजी ट्रवेल फर्म केपीएन गैरेज के पास ही था जहां इस लड़की के नेतृत्व में भीड़ ने हमला किया और बसों को आग के हवाले किया।
सी भाग्य एक दिहाड़ी मजदूर है, दो साल पहले ही अपने माता-पिता के साथ शहर में रहने के लिए आई थी। पूरे मामले की जांच कर रहे अधिकारी के मुताबिक भाग्य को गुरुवार रात को गिरफ्तार किया गया।
सीसीटीवी फुटेज से हुई भाग्य की पहचान
सीसीटीवी फुटेज से उसकी पहचान हुई। गिरफ्तारी के बाद उसे शुक्रवार को कोर्ट ले जाया गया, फिलहाल पर पुलिस कस्टडी में है। पुलिस इस पूरे घटनाक्रम में उसके रोल को लेकर पूछताछ कर रही है।
आखिर उसने बसों को आग के हवाले क्यों किया और भीड़ को क्यों भड़काया, इसकी पड़ताल की जा रही है। हालांकि वह महिला हैं इसलिए भाग्य को पुलिस थाने में न रखकर माडीवाला स्थित रिमांड होम में रखा गया है।
उसे शनिवार सुबह महिला पुलिस की टीम फिर से आरआर नगर पुलिस थाने लेकर आ गई, जहां उससे आगे की पूछताछ की जाएगी।
अधिवक्ता एसोसिएशन दे सकती है कानूनी सहायता
भाग्य से पूछताछ की प्रक्रिया पूरी होने के बाद उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया जाएगा। हालांकि अगले 6 महीने तक उसके जमानत की संभावना कम ही है।
बताया जा रहा कि आरोपी भाग्य की आर्थिक स्थिति बेहद कमजोर है। ऐसे में वह अपने लिए कोई वकील करने की स्थिति में नहीं हैं।
हालांकि शहर के अधिवक्ता एसोसिएशन ने कहा है कि कावेरी जल विवाद के मुद्दे पर लड़ने वालों को मुफ्त कानूनी सहायता दी जाएगी। भाग्य को इस पेशकश का फायदा मिल सकता है।
शुरूआती जांच में पुलिस को सीसीटीवी फुटेज के जरिए पता चला है कि भाग्य बसों को आग लगाने वाली भीड़ को डीजल और पेट्रोल पहुंचा रही थी। फिलहाल पुलिस इस बात की जांच भी कर रही है कि क्या भाग्य ने पहले भी किसी आंदोलन में हिस्सा लिया है।
हमले के दौरान घायल बस ड्राइवरों ने की युवती की पहचान
भाग्य के बारे में जानकारी उस समय सामने आई जब आरआर नगर थाने की पुलिस ने 7 युवकों को अपने कब्जे में लिया। उनमें से 5 डिसूजा नगर के रहने वाले थे।
उन्होंने बताया कि एक अनजान लड़की कहने पर वह इस घटना में शामिल हुए। भाग्य के खिलाफ आईपीसी की कई धाराओं के तहत केस दर्ज किया गया है।
केपीएन ट्रवेल्स की जिन 42 बसों को आग के हवाले किया गया उस कंपनी के मालिक केपी नटराजन से जब बात की गई तो उन्होंने बताया कि मुझे उस लड़की की गिरफ्तारी का पता चला है।
इस हमले के दौरान घायल ड्राइवरों ने पुष्टि की है कि इसी लड़की ने बसों को आग के हवाले करने में अहम रोल अदा किया।












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