क्या खाली हो गया कर्नाटक का खजाना? डीके शिवकुमार ने कहा, 'विकास कार्यों के लिए नहीं बचा फंड'
कर्नाटक में कांग्रेस की सरकार बनने के साथ ही खींचतान शुरू हो गई है। दरअसल दावा किया गया था कि कुछ कांग्रेस विधायकों ने प्रदेश के सीएम सिद्दारमैया को चिट्ठी लिखते हुए आरोप लगाया कि उन्हें उनके निर्वाचन क्षेत्र में विकास कार्यों के लिए फंड नहीं दिया जा रहा है।
अब कांग्रेस विधायकों की इस चिट्ठी को लेकर प्रदेश के डिप्टी सीएम डीके शिवकुमार ने जवाब दिया है। डीके शिवकुमार ने कहा कि सरकार का पूरा फोकस फिलहाल चुनाव से पूर्व जनता की दी गई गारंटियों को पूरा करने पर है। डीके शिवकुमार ने कहा कि सरकार के पास मौजूदा वित्त वर्ष में अन्य विकास कार्यों के लिए फंड नहीं है।

आपको बता दें कि कांग्रेस के 11 विधायकों की जो चिट्ठी वायरल हुई, उसमें उन्होंने अपने निर्वाचन क्षेत्र में विकास कार्यों के लिए फंड ना मिलने पर नाराजगी जताई थी। इस मुद्दे पर डीके शिवकुमार ने कहा कि अपने बजट भाषण में मुख्यमंत्री सिद्दारमैया ने पहले ही सभी विधायकों को धैर्य रखने की सलाह दी है।
'बजट में मेरे विभाग तक को फंड नहीं मिला'
डीके शिवकुमार ने आगे कहा, 'प्रदेश की पूर्व भाजपा सरकार ने कर्नाटक को दिवालिया जैसी स्थिति में ला दिया है। अब हमारे ऊपर जिम्मेदारी है कि उनकी गलतियों को ठीक करें और जनता से हमने चुनाव से पूर्व जो वादे किए थे, उन्हें पूरा करने के लिए फंड का इंतजाम करें। कांग्रेस ने चुनाव से पहले जनता को पांच गारंटियां दी थीं, जिनके लिए फंड जुटाना हमारी सबसे बड़ी प्राथमिकता है। ऐसे में विधायकों को फिलहाल ये उम्मीद नहीं करनी चाहिए कि उन्हें अपने निवार्चन क्षेत्र के लिए फंड मिलेगा। कम से कम मौजूदा वित्त वर्ष में तो नहीं। बजट में मेरे विभाग तक को फंड नहीं दिया गया है।'
डीके ने विधायकों की नाराजगी की खबरों को किया खारिज
आपको बता दें कि विधायकों की नाराजगी की खबरों के बीच सीएम सिद्धारमैया ने गुरुवार को कांग्रेस विधायक दल की बैठक बुलाई थी। बताया जा रहा है कि अपने निर्वाचन क्षेत्रों में विकास कार्य ना होने से विधायकों में नारागजगी है। वहीं, जब इस मुद्दे पर डीके शिवकुमार से पूछा गया कि तो उन्होंने नाराजगी की खबरों को खारिज करते हुए कहा कि हम ऐसी मनगढ़ंत चिट्ठियों पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दे सकते। उन्होंने कहा कि अगले साल लोकसभा का चुनाव है और इसी को ध्यान में रखते हुए सरकार और पार्टी के बीच तालमेल बनाने के लिए ये बैठक बुलाई गई थी।












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