Karnataka result: बीजेपी ने कर्नाटक में जिसे सौंपी थी मेनिफेस्टो कमेटी की कमान, जानिए वो कितने वोटों से हारे
कर्नाटक चुनाव में बीजेपी ने बतौर युवा चेहरे के रूप में मेनिफेस्टी कमेटी की कमान राज्य के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. के सुधाकर को सौपीं थी। लेकिन उनको भी हार का मुंह देखना पड़ा।

Karnataka election result 2023: कर्नाटक विधानसभा चुनाव में कांग्रेस की सुनामी में बड़े-बड़े शूरमा धराशाही हो गए। इस लिस्ट में बीजेपी की यूथ पॉलिटिक्स का बड़ा चेहरा और सरकार के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. के सुधाकर भी शामिल है। 10 हजार 6 सौ 42 वोटों के अंतर से वह हार गए।
चिक्कबल्लापुर विधानसभा सीट से सुधाकर को कांग्रेस उम्मीदवार प्रदीप ईश्वर ने शिकस्त दी। ख़ास बात यह है कि प्रदेश में इन्हें बीजेपी मेनिफेस्टो कमेटी का संयोजक बनाया गया था। केन्द्रीय नेतृत्व को भरोसा था कि इनके संयोजन में मेनिफेस्टो राज्य में कमल की बहार लाएगा।
लेकिन नतीजे वाले दिन पार्टी की उम्मीदों के साथ सुधाकर की अपनी उम्मीदें भी चकनाचूर हो गई। डॉ. के सुधाकर ने जिस चिक्कबल्लापुर सीट से चुनाव लड़ा, वहां मैदान में नोट समेट 13 उम्मीदवार थे। सीधा मुकाबला कांग्रेस के प्रदीप ईश्वर से ही था। चुनाव के वक्त सुधाकर ने बयान दिया था कि राज्य में चुनाव डबल और ट्रिपल इंजन के बीच है। लेकिन नतीजों में डबल इंजन डोल गया।

चुनाव आयोग द्वारा जारी आंकड़ों के मुताबिक कांग्रेस के प्रदीप ईश्वर ने 85 हजार 7 सौ 55 वोट हासिल किए। वहीं सुधाकर को 74 हजार 5 सौ 96 वोट मिले। जेडीएस के केपी बाचे को 19 हजार 5 सौ 55 मत प्राप्त हुए।
मेनिफेस्टो कमेटी का संयोजक बनाकर बीजेपी ने प्रदेश की जनता को यह संदेश देने की भी कोशिश की थी कि पार्टी का टार्गेट यूथ है। कर्नाटक में करीब 40 स्टार्टअप है, जो देश के किसी अन्य राज्य की तुलना में सबसे ज्यादा है। युवा वर्ग नौकरी की तलाश में सबसे पहले यही रुख करता है।
दूसरी बड़ी बात यह भी थी कि चुनाव के वक्त मेनिफेस्टो जैसे बड़े विषय पर संयोजन की कमान सीनियर को सौंपने की परंपरा रही है. बावजूद इसके एक कदम आगे बढ़कर बीजेपी ने सुधाकर पर भरोसा जताया था। लेकिन नतीजों के बाद पांसा पलट गया। अपनी हार के बाद सुधाकर की अब दोहरी जबावदेही है।












Click it and Unblock the Notifications