दो महीने मे इस्लाम कुबूलों बदलों नहीं तो जान से जाओगे
कट्टरपंथियों की मानसिकता से इस बात का अंदाजा लगाया जा सकता है कि उनके लिए शांति और अमन महज दिखावा है। धर्म की आड़ में वो अपने तालिबनी सोच को लोगों पर थोपने से बाज नहीं आती। केरल के कोझिकोड के पालेरी इलाके में कट्टरपंथियों ने गौतम को इस्लाम धर्म कुबूल करने के लिए दो महीने का अल्टीमेटम दिया है और यदि ऐसा नहीं किया तो उसे अपनी जान से हाथ धोना पड़ेगा।

दरअसल गौतम से एक गलती हो गयी है, उसने अपनी बचपन की मोहब्बत अनशिदा से शादी कर ली है। साथ ही अनशनिदा से भी एक गलती हो गयी कि वह मुसलमान है। अनशनिदा और गौतम ने शादि के बाद अपने रिश्ते को 11 महीने तक छुपाये रखा लेकिन जैसे ही यह बात सामने आयी तो केरल के कट्टरपंथियों और मध्य पूर्व एशियाई देशों से धमकी आने लगी।
पिता ने शादी को अवैध घोषित करने की अर्जी दी
अनशिदा के पिता अजीज ने केरल उच्च न्यायालय में अपनी बेटी की शादी को अवैध घोषित करने के लिए अर्जी दाखिल की थी जिसे कोर्ट ने खारिज कर दिया था। वहीं गौतम के घर वालों की मुश्किलें तब बढ़ गयी जब उन्हें रोजाना धमकी भरे फोन आने लगे कि अगर गौतम ने दो महीने के भीतर इस्लाम नहीं कबूला तो उसकी हत्या कर दी जाएगी।
गौतम को सोशल मीडिया पर धमकियां मिलने लगी। बात यहीं तक नहीं रुकी गौतम के खर पर कुछ अज्ञात लोगों ने पत्थरबाजी भी करना शुरु कर दिया। वहीं गौतम के घर वालों ने मामले की पुलिस से शिकायत भी कि है। पुलिस का कहना है कि यह कुछ अपराधी तत्वों की हरकत है वह मामले की तफ्तीश कर रहे हैं।
हर कीमत में बच्चों की सुरक्षा करेंगे
गौतम बैंगलुरु में एक मैकेनिकल इंजीनियर हैं जबकि अनशिदा अभी बीडीएस की पढ़ाई कर रही थी। वहीं गौतम के माता-पिता ने इस शादी को स्वीकार करते हुए अपने बेटे और बहु का स्वागत किया और घर में उनकी शादी का जश्न भी मनाया। साथ ही उन्होंने कहा कि वह धमकियों से डरे नहीं है और अपने बच्चों की हर कीमत पर सुरक्षा करेंगे।
वहीं अनशिदा का कहना है कि हमने एक दूसरे के प्यार में कई साल गुजारने के बाद शादी का फैसला लिया है। हम एक दूसरे को अच्छी तरह से जानने लगे थे, गौतम के माता-पिता और दूसरे संबंधी मुझे अपने घर की बेटी मानते हैं, बहू नहीं और मैं यहां पूरी तरह सुरक्षित महसूस कर रही हूं।
अनशिदा पर नहीं है कोई दबाव
वहीं अनशिदा का कहन है कि गौतम और उनके परिवार वालों ने उनसे उनका धर्म बदलने के लिए नहीं कहा है। साथ ही उन्होंने कहा है कि परिवार ने उन्हें उनके धर्म के रीति-रिवाजों को पूरा करने आजादी दे रखी है।
गौतम के पिता सुधाकरण का कहना है कि उन्हें खतरा महसूस होता है। उन्होंने कहा कि उन्हें इस बात का डर है कि कभी भी कोई बड़ा हादसा हो सकता है। कट्टरपंथियों की धमकी और घर में हुई पत्थरबाजी के बाद से गौतम घर से बाहर नहीं निकल रहे हैं। गौतम को डर है कि उसे नहीं पता कि सरफिरे लोग किस तरह का व्यवहार कर सकते हैं।
देश छोड़ने को मजबूर
हालांकि गौतम और उसके परिवार वालों को सुरक्षा मुहैया कराई गई है लेकिन खतरा हर समय बना रहता है। उधर मार्क्सवादी कम्यूनिस्ट पार्टी ने भी गौतम के परिवार वालों को पूरा सहयोग देने की बात कही है। लेकिन गौतम को यह डर बना हुआ है कि कभी भी कोई बड़ा हादसा हो सकता है। गौतम का कहना है कि बैंगलुरु में भी उनका कोई पीछा करता है। ऐसे में उन्होंने कई कंपनियों में आवेदन किया है साथ ही वह भारत छोड़ने का भी मन बना रहे हैं।












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