नेवी जवान व कांस्टेबल ने तीसरे भाई के साथ मिलकर 22 साल बाद हिस्ट्रीशीटर से लिया पिता की मौत का बदला

अलवर। राजस्थान के अलवर जिले के टपूकड़ा कस्बे में 9 दिन पहले हुई हिस्ट्रीशीटर अब्दुल रज्जाक की हत्या के मामले में पुलिस ने तीन सगे भाइयों को गिरफ्तार किया है। इनमें से एक अलवर पुलिस में कांस्टेबल है जबकि दूसरा भारतीय नौसेना का जवान है।

Three brothers arrested for history sheeter murder in tapukara alwar

आरोपियों ने की थी अंधाधुंध फायरिंग

टपूकड़ा थानाधिकारी राजीव डूडी ने बताया कि पूछताछ में पता चला है कि आरोपियों ने 22 साल पहले की गई पिता की हत्या का बदला लेने के लिए हिस्ट्रीशीटर रज्जाक की थी। 20 अगस्त 2019 को उसके आधा दर्जन गोलियां मारकर हत्या कर दी थी। रज्जाक घटना वाले दिन करीब 2:45 बजे पेट्रोल पंप के पास अपने दोस्तों और रिश्तेदारों के साथ बैठा था। तभी बाइक पर आए आरोपियों ने उस पर अंधाधुंध फायरिंग की और भाग गए। गोलियां लगने से अब्दुल रज्जाक की मृत्यु हो गई। घटना को लेकर अब्दुल रज्जाक के भाई रत्ती मोहम्मद निवासी मिरचूनी ने 6 आरोपियों को नामजद कर मामला दर्ज कराया था।

जवान व कांस्टेबल का सहयोग किया तीसरे भाई ने

थानाधिकारी राजीव डूडी ने बताया कि घटना की गंभीरता को देखते आईजी एस.संगाथिर ने आरोपियों की तुरंत गिरफ्तारी के निर्देश दिए थे। भिवाड़ी एएसपी नाजिम अली, डीएसपी देवेन्द्र राजावत के निर्देशन में टीम गठित की गई। पुलिस ने हत्यारों की तलाश में उनके आने-जाने के तमाम रास्तों की सीसीटीवी फुटेज जुटाई। इसमें संदिग्धों के चेहरों की पहचान हुई। इसके बाद आरोपी नौसेना के जवान बिलालदीन एवं पुलिस कांस्टेबल साकिर पुत्र अब्दुल रहमान को अब्दुल रज्जाक पर फायरिंग व हत्या की साजिश रचने के आरोप में तथा उनके तीसरे भाई कुतबुद्दीन पुत्र अब्दुल रहमान को सहयोग करने आरोप में गिरफ्तार किया।

40 साल पुरानी है रंजिश

अब्दुल रज्जाक के परिवार और आरोपियों के परिवार के बीच 40 वर्ष से रंजिश चली आ रही है। दोनों परिवार एक ही गांव में रहते हैं। घटनाक्रम के मुताबिक 1983 में अब्दुल रज्जाक के पिता आसीना पर प्राण घातक हमला हुआ था। इसमें अब्दुल रहमान वगैरह आरोपी थे। तब पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार भी किया था। बदले में 11 सितम्बर 1997 को अब्दुल रज्जाक और उसके भाईयों ने अब्दुल रहमान पर हमला कर दिया। अगले दिन रहमान की मौत हो गई। रज्जाक सहित 9 आरोपी गिरफ्तार किए गए। अब 22 साल बाद अब्दुल रहमान के 4 बेटों लियाकत (नेवी में सिपाही) व साकिर (राजस्थान पुलिस में कांस्टेबल), कुतबुद्दीन व लियाकत ने पिता की मौत का बदला लेने के लिए अब्दुल रज्जाक की हत्या कर दी थी।

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