जेल से गर्लफ्रेंड के खाते में पैसे डलवाता है हत्या का आरोपी, मोबाइल पर बात करता दिखा प्रेमी
अलवर। राजस्थान के अलवर की जेल में किस तरह अवैध वसूली, उगाही और रंगदारी का धंधा चलता है। ये तस्वीरें उसकी गवाह हैं। हत्या के आरोप में सजा काट रहा ये शख्स जिसका नाम गुल्ला गुर्जर है, जो बिना किसी डर और खौफ के जेल में आराम से फोन पर बात कर रहा है।

गुल्ला गुर्जर ने बनाई अलवर जेल में गैंग
बताया जा रहा है कि गुल्ला गुर्जर ने जेल में बकायदा एक गैंग बना रखी है, जो नए आने वाले कैदियों से वसूली करती है। जेल में आने वाले हर नए कैदी को गुल्ला को रंगदारी देनी पड़ती है। यहां आने वाले नए कैदियों को डराया धमकाया जाता है। जेल में भारी काम नहीं करवाने की एवज में नए कैदियों के परिजनों से पैसा मंगवाया जाता है। वसूली की पूरी रकम का ट्रांजेक्शन एक कैदी की गर्लफ्रेंड के खाते में होता है।

10 हजार रुपए से अधिक के ट्रांजेक्शन
आरोप है कि अलवर सेंट्रल जेल प्रशासन की भी इसमें मिलीभगत है। वसूली की रकम का ऑनलाइन ट्रांजेक्शन होने के पुख्ता सबूत मिले। इनमें 10 हजार रुपए से अधिक के करीब 23 ट्रांजेक्शन हैं। कैदियों से वसूली का पूरा ट्रांजेक्शन पत्नी की हत्या के मामले में सजा काट रहे नवीन दुधानी की गर्लफ्रेंड के खाते में होता है।

जेल डीजी को लिखा खत
जेल में बंद एक कैदी ने 9 मई को जेल डीजी को एक खत लिखा था। पत्र में अलवर जेल में जबरन वसूली और उगाही के आरोप लगाये थे। इस मामले में जेलर राजेन्द्र शर्मा से जब बात करने की कोशिश की गई तो उन्होंने जेल में इस तरह की किसी भी गैंग होने से साफ इनकार कर दिया। हालांकि कई ऐसे सबूत है जो जेल प्रशासन की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े करते हैं। जिनका जवाब जेल प्रशासन को देना ही होगा।

जेलर ने किया रंगदारी से इनकार
जेलर राजेन्द्र शर्मा कहा कहना है कि अलवर में जेल से रंगदारी और बंदियों के पास मोबाइल उपलब्ध करवाए जाने जैसा कोई मामला नहीं है। जेल में समय-समय पर चेकिंग की जाती है। कुछ समय पहले एक मामला सामने आया था, जिसकी रिपोर्ट लिखवा दी गई थी।












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