Mayaram Gurjar : बंगाल चुनाव ड्यूटी पर गया RPF का वो जवान जो आज तक घर नहीं लौटा, जानिए वजह

अलवर, 4 जून। घर के दरवाजे पर हल्की सी भी आहट होती है तो आंखों की पु​तलियां चौड़ी हो जाती हैं। इस उम्मीद में कि मायाराम आया होगा या ​कोई उसकी खैर खबर लाया होगा, मगर फिर यहां आलम जगजीत सिंह की गजल 'चिट्ठी न कोई संदेश... जाने वो कौनसा देश...जहां तुम चले गए...' की तरह हो जाता है।

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    Mayaram Gurjar : बंगाल चुनाव ड्यूटी पर गया RPF का वो जवान जो आज तक घर नहीं लौटा, जानिए वजह
    मायाराम गुर्जर, खरखड़ी बानसूर अलवर राजस्थान

    मायाराम गुर्जर, खरखड़ी बानसूर अलवर राजस्थान

    राजस्थान के अलवर जिले के बानसूर इलाके के गांव खरखड़ी में यह घर है मायाराम गुर्जर का। मायाराम गुर्जर रेलवे प्रॉटेक्शन फोर्स (आरपीएफ) का वो जवान है जो पश्चिम बंगाल चुनाव 2021 की ड्यूटी में गया तो था, मगर करीब 40 दिन बीत जाने के बाद आज तक घर नहीं लौटा।

     सांसद राठौड़ का वीडियो वायरल

    सांसद राठौड़ का वीडियो वायरल

    अब आरपीएफ कांस्टेबल मायाराम गुर्जर इस मामले में जयपुर ग्रामीण सांसद कर्नल राज्यवर्धन सिंह राठौड़ द्वारा वीडियो जारी किया है। वीडियो में राठौड़ ने पीएम मोदी व केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल से मायाराम गुर्जर के परिवार की मदद की गुहार लगाई है।

     24 अप्रैल को नदी में नहाने गए

    24 अप्रैल को नदी में नहाने गए

    बता दें कि सुरक्षा बलों के अन्य जवानों के साथ मायाराम गुर्जर की भी पश्चिम बंगाल चुनाव 2021 में ड्यूटी लगाई गई थी। 24 अप्रैल बंगाल चुनाव करवाकर मायाराम साथी जवान के साथ पद्मावती नदी में नहाने चल गया। पैर फिसलने से नदी में डूब गए। साथी को तो बचा लिया गया, मगर मायाराम का आज तक पता नहीं चला।

     टूटी ​जिंदा लौटने की उम्मीद

    टूटी ​जिंदा लौटने की उम्मीद

    वन इंडिया हिंदी से बातचीत में आरपीएफ जवान मायाराम गुर्जर के चाचा बनवारी लाल गुर्जर बताते हैं कि भतीजे मायाराम के जिंदा लौटने की उम्मीद टूट चुकी है, मगर सरकार को जल्द जल्द से उसका शव तलाशकर परिजनों को सौंपना चाहिए।

     11 दिन बाद मिला शोक संदेश

    11 दिन बाद मिला शोक संदेश

    बनवारी लाल के अनुसार आरपीएफ की तरफ से 11 दिन बाद उन्हें एक शोक संदेश मिला था। उसकी तलाश अभी भी जारी है। मायाराम का बड़ा भाई ओमपाल सिंह पश्चिम बंगाल के सिलीगुडी में पद्मावती नदी में एनडीआरएफ टीम और एसओजी टीम के साथ अपने भाई को ढूंढ रहा है।

    परिजनों को नौकरी की मांग

    परिजनों को नौकरी की मांग

    जयपुर ग्रामीण सांसद कर्नल राज्यवर्धन सिंह राठौड़ और मायाराम के चाचा बनवारी लाल सरकार से मांग करते हैं कि मायाराम के परिवार की आर्थिक मदद व उसके भाई कृष्ण व पत्नी को सरकारी नौकरी मिलनी चाहिए।

    नेताओं ने भी की मांग

    नेताओं ने भी की मांग

    उधर, बानसूर युवा कांग्रेस के विधानसभा अध्यक्ष राकेश दायमा तथा नेताओं ने भी अलवर जिला कलेक्टर को ज्ञापन देकर कहा कि मायाराम को जिंदा या उसका शव ढूंढा जाए।

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