राम मंदिर में गंगाजल छिड़कने पर विवाद: BJP नेता ज्ञानदेव आहूजा पार्टी से निलंबित, कांग्रेस का प्रदर्शन
Gyandev Ahuja Tika Ram Jully: राजस्थान की सियासत इन दिनों एक विवाद को लेकर गरमा गई है। मामला रामलला मंदिर में नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली के दर्शन के बाद बीजेपी नेता ज्ञानदेव आहूजा द्वारा गंगाजल छिड़कने का है। इस विवादित कदम के चलते बीजेपी ने ज्ञानदेव आहूजा को पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से निलंबित कर दिया है। 3 दिन में जवाब मांगा है।
ज्ञानदेव आहूजा को भाजपा से निलंबित किए जाने पर राजस्थान भाजपा अध्यक्ष मदन राठौड़ ने कहा, "हमने तत्काल कार्रवाई की और तीन दिन के भीतर जवाब मांगा। हालांकि, उन्होंने फोन पर मुझे स्पष्ट किया कि उन्होंने और टीकाराम जूली ने एक ही थाली में खाना खाया है और जूली के कदम को वह जाति के आधार पर नहीं बल्कि एक नेता के तौर पर देखते हैं। फिर भी, संविधान ऐसी कार्रवाई (आहूजा द्वारा की गई) को बर्दाश्त करने की इजाजत नहीं देता। हम जाति नहीं पूछते। हमारे पास एक कार्यक्रम है, जिसमें हर कोई अपने घर से खाना लाता है, उसमें मिलावट करता है और सभी में बांटता है।"

क्या है पूरा मामला?
6 अप्रैल को कांग्रेस नेता और नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने अलवर जिले के शालीमार में स्थित रामलला मंदिर में दर्शन किए थे। इसके बाद पूर्व बीजेपी विधायक ज्ञानदेव आहूजा ने जूली को "हिंदू विरोधी" बताते हुए उनके मंदिर जाने को "अपवित्रता" करार दिया और कहा कि जहां-जहां उनके पैर पड़े, वहां गंगाजल से शुद्धिकरण किया जाएगा।
7 अप्रैल को आहूजा मंदिर पहुंचे और सार्वजनिक रूप से गंगाजल छिड़कते हुए वीडियो सामने आया। उन्होंने कहा, "रामनवमी पर कांग्रेसियों को बुलाया गया था जिससे मंदिर अपवित्र हो गया, इसलिए मैंने गंगाजल से पवित्र किया।"
BJP की कार्रवाई
घटना के बाद भाजपा प्रदेश महामंत्री दामोदर अग्रवाल ने आहूजा को कारण बताओ नोटिस जारी किया। नोटिस में कहा गया कि यह कदम पार्टी की छवि को नुकसान पहुंचाने वाला और अनुशासनहीनता है। उन्होंने यह भी याद दिलाया कि राम मंदिर के शिलान्यास में पहली ईंट एक दलित, कामेश्वर चौपाल ने रखी थी।
कांग्रेस का तीखा विरोध
कांग्रेस ने इसे दलितों का अपमान बताते हुए राज्यभर में विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिए हैं। सीकर, अलवर और जैसलमेर में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने आहूजा के खिलाफ नारेबाजी की, पुतला जलाया और सरकार से माफी की मांग की। जयपुर में आहूजा के घर के बाहर लगे नेमप्लेट पर कालिख पोती गई।
कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने एक्स (Twitter) पर लिखा "दलित हो, किसान हो, महिला हो, मजदूर हो—भाजपा इनसे इतनी नफरत क्यों करती है? समय आने पर राजस्थान की जनता भाजपा की इस घृणित मानसिकता का जवाब देगी।"
सामाजिक संगठनों का रोष
आजाद विद्रोही संस्था और संवैधानिक विचार मंच ने भी इस बयान की निंदा करते हुए कहा कि आहूजा को पूरे समाज से माफी मांगनी चाहिए, नहीं तो राज्यभर में उग्र आंदोलन होगा।












Click it and Unblock the Notifications