UP: विश्वविद्यालय के शिक्षकों के लिये सरकार ने खोला खजाना, किस कॉलेज को कितना मिला पैसा
इलाहाबाद। उत्तर प्रदेश के सभी राज्य विश्वविद्यालयों में कार्यरत शिक्षकों को नए साल का बेहतरीन तोहफा मिलने वाला है। सरकार इनके लिए सरकारी खजाना खोल रही है। राज्य विश्वविद्यालयों के शिक्षकों को सातवें वेतनमान का लाभ मिलेगा और इसके लिए सरकार ने शासनादेश भी जारी कर दिया है। यह लाभ राज्य विश्वविद्यालयों में 1 जनवरी, 2016 के बाद तैनाती पाने वाले शिक्षकों को मिलेगा। उच्च शिक्षा विभाग ने शिक्षकों को बढ़ी सैलेरी देने के लिए वित्तीय स्वीकृति जारी कर दी है। विशेष सचिव, उच्च शिक्षा ने बताया कि 1 अरब 2 करोड़ 38 लाख 43 हजार रुपये सातवें वेतनमान के लिए स्वीकृत किए गए हैं। इस बजट से शिक्षकों को बढ़ी सैलरी के साथ पुराना एरियर भी दिया जाएगा।

जानिए किस विश्वविद्यालय को कितना मिला पैसा
1- लखनऊ विश्वविद्यालय
सरकार की ओर से जारी किए गए बजट में सर्वाधिक पैसा लखनऊ विश्वविद्यालय को मिला है। लखनऊ विश्वविद्यालय के लिए 27 करोड़ 78 लाख 32 हजार 670 रुपये जारी किए गए हैं। अब इस बजट से ही विश्व विद्यालय में कार्यरत शिक्षकों को सातवें वेतन का लाभ मिलेगा।
2- दीनदयाल उपाध्याय विश्वविद्यालय गोरखपुर
सरकार की ओर से जारी किए गए बजट में सर्वाधिक दूसरा दूसरी बड़ी रकम दीनदयाल उपाध्याय विश्वविद्यालय गोरखपुर का है। गोरखपुर विश्वविद्यालय के लिए 24 करोड़ 99 लाख 55 हजार 513 रुपये स्वीकृत किए गए हैं ।
3- महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ, वाराणसी
महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ वाराणसी को 12 करोड़ तीन लाख 48 हजार रुपये स्वीकृत किए गए हैं।
4- ख्वाजा मोर्नउद्दीन चिश्ती उर्दू अरबी फारसी विश्वविद्यालय
ख्वाजा मोर्नउद्दीन चिश्ती उर्दू अरबी फारसी विश्वविद्यालय को 10 करोड़ 51 लाख 84 हजार 766 रुपये स्वीकृत किए गए हैं।
5- चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय मेरठ
चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय मेरठ को नौ करोड़ 64 लाख 35 हजार रुपये स्वीकृत किए गए हैं ।
6- दयालबाग एजूकेशन इंस्टीट्यूट, आगरा
दयालबाग एजूकेशन इंस्टीट्यूट आगरा के लिये 4 करोड़ 91 लाख दो हजार 854 रुपये स्वीकृत है।
7- राजर्षि टंडन मुक्त विश्वविद्यालय
राजर्षि टंडन मुक्त विश्वविद्यालय के लिये तीन करोड़ 50 लाख रुपये स्वीकृत किए गए हैं।
8- इलाहाबाद राज्य विश्वविद्यालय
इलाहाबाद राज्य विश्वविद्यालय के गठन के बाद अभी विश्वविद्यालय का स्वयं का परिसर भी तैयार हो रहा है। लेकिन, यहां नियमित शिक्षकों की संख्या काफी कम है। इस कारण यहां का बजट भी काफी कम है। इलाहाबाद राज्य विश्वविद्यालय को सिर्फ 80 लाख 18 हजार रुपये ही स्वीकृत किए गए हैं।
9- डॉ. राम मनोहर लोहिया राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय लखनऊ
डॉ. राम मनोहर लोहिया राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय लखनऊ को एक करोड़ 73 लाख 40 हजार 129 रुपये स्वीकृत किए गए हैं।
10- संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय वाराणसी को
यूपी में आचार्य व शास्त्री की डिग्री के लिए सर्वाधिक चर्चित संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय वाराणसी को छह करोड़ 19 लाख 91 हजार 671 रुपये स्वीकृत किए गए हैं।
11- सिद्धार्थ विश्वविद्यालय कपिलवस्तु सिद्धार्थ नगर
सिद्धार्थ विश्वविद्यालय कपिलवस्तु सिद्धार्थ नगर के शिक्षकों को सातवें वेतनमान का लाभ दिए जाने के लिए 14 लाख 21 हजार 553 रुपये स्वीकृत किए गए हैं।
12- जननायक चंद्रशेखर विश्वविद्यालय, बलिया
सातवें वेतनमान के लाभ दिए जाने के लिए सबसे कम बजट की बात करें तो यह जननायक चंद्रशेखर विश्वविद्यालय बलिया को मिला है। इस विश्वविद्यालय के लिए 12 लाख 13 हजार 67 रुपये स्वीकृत किए गए हैं।












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