धर्मेंद्र यादव स्वामी प्रसाद मौर्य की बेटी संघमित्रा के निर्वाचन के खिलाफ इलाहाबाद हाईकोर्ट पहुंचे
प्रयागराज। समाजवादी पार्टी के नेता एवं पार्टी के संस्थापक मुलायम सिंह यादव के भतीजे धर्मेंद्र यादव प्रयागराज हाईकोर्ट पहुंच गए है। धर्मेंद्र यादव ने बदायूं संसदीय सीट से बीजेपी की सांसद संघमित्रा मौर्य के निर्वाचन को हाईकोर्ट में चुनौती दी है। इसके अलावा भदोही लोकसभा सीट से चुनाव जीतने वाले भाजपा प्रत्याशी रमेशचंद्र बिंद के खिलाफ भी एक चुनावी याचिका दाखिल की गई है। जिसे भदोही चुनाव में हारने वाले बसपा प्रत्याशी रंगनाथ मिश्रा ने दाखिल किया है।

बदायूं और भदोही सीटों पर भाजपा प्रत्याशियों की जीत पर अब चुनाव याचिका में क्या फैसला होगा? यह तो वक्त ही बताएगा। लेकिन दोनों ही सीटों पर अब भाजपा प्रत्याशियों की मुश्किल बढ़ने वाली है। गौरतलब है कि समाजवादी पार्टी के फायर ब्रांड नेता व मुलायम सिंह परिवार के सदस्य धर्मेंद्र यादव बदायूं से 2014 में लोकसभा सदस्य चुने गए थे। लेकिन 2019 के लोकसभा चुनाव में वह भाजपा प्रत्याशी संघमित्रा मौर्य से चुनाव हार गए। संघमित्रा मौर्य उत्तर प्रदेश की योगी सरकार के कैबिनेट मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्य की बेटी है और उनकी जीत के लिए स्वामी प्रसाद ने अपनी पूरी ताकत लगा दी थी। फिलहाल हाईकोर्ट में दाखिल इन दोनों याचिकाओं को स्वीकार कर लिया गया है और जल्दी ही इनकी सुनवाई की डेट मुकर्रर की जाएगी।
क्या है आरोप
इलाहाबाद हाईकोर्ट में पूर्व सांसद धर्मेंद्र यादव की ओर से दाखिल याचिका में भाजपा सांसद संघमित्रा मौर्य पर आरोप है कि उन्होंने अपने वैवाहिक स्थिति की गलत सूचना चुनाव आयोग में दी है। इसके अलावा याचिका में आरोप ये भी है कि बिल्सी विधानसभा में 10हजार वोट पड़े थे। लेकिन जब उनकी गिनती हुई तो वोटों की संख्या अधिक थी। इन्हीं आधार पर इलाहाबाद हाईकोर्ट में याचिका दाखिल कर के निर्वाचन को रद्द करने की मांग की गई है। जबकि भदोही से बसपा प्रत्याशी रंगनाथ मिश्र की ओर से दाखिल याचिका में आरोप लगाया गया है कि भाजपा प्रत्याशी रमेश चंद्र बिंद ने अपने नामांकन में गलत जानकारियां चुनाव आयोग को दी है, जो आचार संहिता का उल्लंघन भी है। इसलिए उनका निर्वाचन रद्द किया जाए।












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