माफिया ही नहीं अब 'हिस्ट्रीशीटर' भी कहलाएगी अतीक की पत्नी Shaista Parveen, दोगुना हो सकती है इनाम की राशि
Shaista Parveen News: अतीक अहमद की पत्नी शाइस्ता परवीन अब माफिया ही नहीं, बल्कि हिस्ट्रीशीटर भी कहलाएगी। जल्द ही धूमनगंज पुलिस शाइस्ता परवीन को हिस्ट्रीशीटर घोषित करेगी ।

Shaista Parveen News: अतीक अहमद की पत्नी और 50 हजार रुपए की इनामिया शाइस्ता परवीन उमेश पाल हत्याकांड से फरार चल रही है। अब पुलिस ने शाइस्ता परवीन पर एक और बड़े एक्शन की तैयारी कर ली है। दरअसल, शाइस्ता को माफिया करार दिए जाने के बाद अब पुलिस हिस्ट्रीशीट खोले सकती है।
धूमनगंज पुलिस ने शाइस्ता परवीन की हिस्ट्रीशीट खोलने के लिए अधिकारियों से परामर्श मांगा है। बता दे, शाइस्ता परवीन के खिलाफ आधा दर्जन मुकदमे दर्ज हैं, इन्हीं मुकदमों को आधार बनाकर पुलिस शाइस्ता परवीन की हिस्ट्रीशीटर खोलने की तैयारी में है।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, अतीक अहमद की पत्नी शाइस्ता परवीन पर उमेश पाल और उसके दो सरकारी गनरों की हत्या और तथ्यों को छुपाकर असलहे का लाइसेंस लेने के साथ-साथ अवैध असलहा रखने जैसे कई गंभीर आपराधिक मुकदमे दर्ज है।
धूमनगंज पुलिस का मानना है कि शाइस्ता परवीन आदतन अपराधी है। खबर के मुताबिक, उमेश पाल मर्डर केस में फरार चल रही शाइस्ता परवीन को ढाई महीने बीत जाने के बाद भी पुलिस अभी तक नहीं पकड़ सकी है। वहीं, अब शाइस्ता परवीन के ऊपर पुलिस इनाम की राशि दोगुना कर सकती है।
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इस वक्त शाइस्ता परवीन के ऊपर 50 हजार रुपए का इनाम घोषित है, जिसे पुलिस बढ़ाकर 1 लाख रुपए कर सकती है। गुरुवार को भी शाइस्ता की तलाश में पुलिस ने कई जगह दबिश दी। लेकिन, शाइस्ता का कुछ पता नहीं चल सका।
वहीं, अब धूमनगंज पुलिस अब शाइस्ता की हिस्ट्रीशीट खोलने के प्रयास में है। उसके खिलाफ मुकदमों की जानकारी एकत्र की जा रही है। खबर के मुताबिक, अब तक शाइस्ता के खिलाफ दर्ज आधा दर्जन मुकदमों के बारे में पता चला है। इसमें सबसे प्रमुख उमेश पाल और दो सिपाहियों की हत्या में दर्ज एफआईआर है।
बता दें, इसमें अतीक और अशरफ के साथ शाइस्ता परवीन को भी पुलिस ने नामजद किया गया था। इसके अलावा बेटे अली का फर्जी आई कार्ड बनवाने, असलहों का लाइसेंस लेने के लिए तथ्यों को छिपाने और अवैध असलहा रखने जैसे मामले दर्ज हैं।
पुलिस ने उमेश पाल हत्याकांड की जांच में साफ-साफ शाइस्ता की भूमिका का उल्लेख किया है। शाइस्ता न सिर्फ षड्यंत्र की बैठकों में शामिल होती थी, बल्कि अपने बेटों के माध्यम से शूटरों को आईफोन और लाखों रुपये भी देती थी। हत्या के बाद शूटरों के छिपने में भी उसने मदद की थी।
पुलिस ने जांच में यह भी बताया है कि अतीक के जेल जाने के बाद उसके कारोबार को शाइस्ता परवीन ही संभाल रही थी। शाइस्ता, अतीक के गुर्गों की मदद से गिरोह की पूरी वसूली को अंजाम दे रही थी।












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