Prayagraj News: झोपड़ी पर गिरी बिजली से उजाड़ा परिवार, मां-बाप और दो बेटियों की मौत
Prayagraj News: यूपी के प्रयागराज के यमुनापार क्षेत्र में शनिवार रात ऐसी घटना घटी जिसने पूरे गांव को स्तब्ध कर दिया। बारा थानाक्षेत्र के सोनवर्षा गांव में आकाशीय बिजली गिरने से एक ही परिवार के चार सदस्य जिंदा जल गए। जिनमें पति-पत्नी और उनकी दो मासूम बेटियां शामिल हैं।
घटना उस समय हुई जब पूरा परिवार अपने घर के बाहर बनी मड़ई में सो रहा था। दो चारपाई पर लेटे परिवार पर अचानक बिजली गिरी। बिजली गिरने से चारों की मौके पर ही मौत हो गई। वहीं आकाशीय बिजली गिरने के दौरान तेज आवाज सुनकर बस्ती के लोग उठ गए।

उसके बाद बस्ती के लोग भागते दौड़ते घटनास्थल पर पहुंचे तो वहां जली हुई लाशें और राख बन चुकी चारपाइयों को देखकर उनके रोंगटे खड़े हो गए। उसके बाद लोग रोने चिल्लाने लगे। ग्राम प्रधान ने इसकी सूचना अधिकारियों को दी। सूचना पाकर प्रशासनिक टीमें भी मौके पर पहुंच गईं।
शुरू होने से पहले ही खत्म हुई दो मासूमों की जिंदगी
मरने वालों की पहचान वीरेंद्र वनवासी (35), उनकी पत्नी पार्वती (32), बेटी राधा (3) और करिश्मा (2) के रूप में हुई है। इतना ही नहीं आकाशीय बिजली गिरने पर आग लगने से उनका आशियाना भी पूरी तरह जलकर राख हो गया।
इस बारे में बस्ती में रहने वाले लोगों ने बताया कि यह परिवार बेहद गरीब था और मड़ई ही इनका एकमात्र ठिकाना था। झोपड़ी पर बिजली गिरते ही आग ने सबकुछ तबाह कर दिया। इस दौरान झोपड़ी में सो रहे लोगों को बचने का मौका तक नहीं मिला।
दो बेटियों की बची जान, रो-रोकर बुरा हाल
यह भी बता दें कि वीरेंद्र और पार्वती की चार बेटियां थीं। हादसे के वक्त उनकी दो बेटियां सोन कुमारी (8) और आंचल (6) अपने दादा के साथ मुख्य घर में थीं। जिससे दोनों बच गईं लेकिन मां-बाप और दो बहनों की मौत के बाद दोनों को रो-रोकर बुरा हाल है।
वहीं गांव के लोगों में यह भी चर्चा है कि अगर वीरेंद्र की दोनों बेटियां भी मड़ई में होतीं, तो शायद आज इस परिवार का कोई सदस्य जीवित न होता। वहीं माता पिता और दोनों बहनो की मौत के बाद लचार बेटियों को देख गांव की महिलाएं बेटियों को गले लगाकर रो पड़ीं।
प्रशासन ने किया मुआवजे का ऐलान
इस दर्दनाक हादसे की जानकारी मिलने के बाद उप जिलाधिकारी संदीप तिवारी मौके पर पहुंचे उसके बाद उन्होंने घटना के बारे में बस्ती के लोगों से जानकारी ली। उन्होंने बताया कि पीड़ित परिवार को तत्काल राहत के तौर पर तीन लाख रुपये और एक आवास स्वीकृत किया गया है।
इसके अलावा सरकार की ओर से बेटियों के पालन-पोषण के लिए प्रति माह चार हजार रुपये मिलने की व्यवस्था की जा रही है, जो उनके बालिग होने तक जारी रहेगा। मौके पर मौजूद अधिकारियों ने हरसंभव मदद का भरोसा दिलाया। घटना के बाद सोनवर्षा गांव में सन्नाटा पसरा है।












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