MP-MLA स्पेशल कोर्ट ने पूर्व विधायक स्वामी नाथ सहित तीन को भेजा जेल
प्रयागराज। एमपी-एमएलए स्पेशल कोर्ट ने देवरिया बरहज के पूर्व विधायक स्वामी नाथ यादव सहित तीन लोगों को जेल भेजा है। जबकि बदायूं के पूर्व विधायक योगेन्द्र सागर व बलरामपुर के पूर्व सांसद विनय पांडेय के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी किया है। इसके अलावा बलरामपुर के पूर्व विधायक धीरेन्द्र प्रताप सिंह उर्फ धीरु के विरूद्ध भी जमानतीय वारंट जारी किया गया है। इन मामलों पर सुनवाई स्पेशल कोर्ट के जज पवन कुमार तिवारी कर रहे हैं।

15 साल से जारी था वारंट
देवरिया बरहज के पूर्व विधायक स्वामी नाथ यादव पर 1 मार्च 2003 को बरहज थाने में एफआईआर दिर्ज किया गया था। जिसमें उन पर आरोप है कि सरयू नदी के कटान को लेकर मेहियवां तिराहे पर सभा के बाद सडक पर जाम किया गया था। इसी मामले में पुलिस ने चार्जसीट दाखिल की और मुकदमे पर सुनवाई शुरू हुई। 2003 में ही विधायक के हाजिर ना होने पर गैर जमानती वारंट जारी किया गया था, लेकिन वह हाजिर नहीं हुये। आलम यह रहा कि पिछले 15 साल से वह वारंट पर ही थे, लेकिन ना उन्होंने खुद को सिरेंडर किया और ना ही गिरफ्तारी हुई। यह मामला जब ट्रांसफर होकर प्रयागराज आया तो कोर्ट ने इस सख्त रूख अख्तियार कर लिया। कोर्ट की सख्ती के बाद स्वामी नाथ समेत उनके साथियों ने कोर्ट में सिरेंडर किया और वारंट निरस्त किए जाने की अर्जी दी। लेकिन कोर्ट ने अभियुक्तों के न्यायिक प्रक्रिया का दुरुपयोग करने पर अर्जी निरस्त कर दी और तत्काल गिरफ्तार कर जेल भेजने का आदेश दिया। स्पेशल कोर्ट के आदेश पर पूर्व विधायक स्वामीनाथ के अलावा हरेराम चौधरी और अमेरिका यादव को गिरफ्तार कर नैनी जेल भेज दिया गया है।

बदायूं के पूर्व विधायक की बढी मुश्किल
उत्तर प्रदेश के बदायूं के विल्सी थाने में 23 अप्रैल 2008 को पूर्व विधायक योगेन्द्र सागर पर मुकदमा दर्ज किया गया था। जिसमें उन पर आरोप था कि एक कालेज छात्रा को अपरहृत कर उसके साथ रेप किया गया था। मामले में दर्ज गुमशुदगी के आधार पर लडकी जब बरामद हुई तो पुलिस ने योगेन्द्र पर अपहरण और सामूहिक दुष्कर्म की धारा में मुकदमा दर्ज किया था। विवेचना बाद पुलिस ने अंतिम रिपोर्ट लगा दी थी और मामला कोर्ट में विचाराधीन था। यह मामला प्रयागराज आने के बाद इस पर एक्शन शुरू हुआ और मुकदमे में हमेशा की तरह हाजिर न होने पर माननीय के विरूद्ध गैरजमानतीय वारंट जारी किया गया है। इस मामले की अगली सुनवाई 28 मई 2019 को होगी। गौरतलब है कि इस मामले में हाईकोर्ट ने पूर्व विधायक योगेन्द्र को 1 अप्रैल तक सरेंडर करने का समय दिया था, जिसकी समय सीमा बीत जाने के बाद कोर्ट ने सख्ती बरती है।

इनके खिलाफ जारी हुआ वारंट
सांसद विधायक स्पेशल कोर्ट ने आपराधिक न्यास भंग के मुकदमे में उपस्थित न होने पर बलरामपुर के पूर्व सांसद विनय पांडेय के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी किया है। मामला बलरामपुर के कोतवाली देहात का है। सांसद पर आरोप था कि चुनाव प्रचार के लिए टाटा सफारी किराए पर ली थी, लेकिन ना तो किराया दिया ना ही गाडी वापस की। जबरन गाडी कब्जे में लेने के बाद मुकदमा वरूण पाण्डेय ने दर्ज कराया था। जिसकी सुनवाई अब प्रयागराज में शुरू हो गयी है। वहीं, बलरामपुर के पूर्व विधायक धीरेन्द्र प्रताप सिंह उर्फ धीरु के खिलाफ भी स्पेशल कोर्ट ने जमानती वारंट जारी किया है। इनका मामला बलरामपुर के कोतवाली थाने का है। जिसमें गीता देवी ने रिपोर्ट दर्ज कराई है कि उसके चचिया ससुर वासुदेव को अस्पताल से ले जाकर पूर्व विधायक धीरेन्द्र सिंह ने फर्जी वसीयत कराई थी। और जब वासुदेव की 31 जनवरी को मृत्यु हो गयी तो उनकी बेटी ने सदमे में आत्महतया कर ली थी। इस मामले में पूर्व विधायक को हाजिर होने का वारंट जारी हुआ है।












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