शरीर शोधन क्रियाओं और सात्विक आहार से जल्द कोरोना को दूर भगाया
अहमदाबाद, मई 26। 14 अप्रैल को मैंने मेरे सत्रह वर्षीय बेटे ( द्रव्य जेठवा ) का कोरोना टेस्ट करवाया। रिपोर्ट दो दिन बाद आनी थी। कोरोना होने पर अपने बेटे को प्रतिदिन सुबह-शाम जलनेति करवाया। जिससे उसे बहुत ही लाभ हुआ। बेटे की रिपोर्ट आई तब तक मुझे और मेरे पति ( विजय जेठवा ) को भी कोरोना के लक्षण आने शुरू हो चुके थे। इसी समय मेरे पति ने भी जलनेति सीख कर सुबह-शाम करना शुरू कर दिया। जलनेती और सूत्रनेति करने से मेरा नाक और गले का रास्ता बिल्कुल साफ रहता था। नाक में से सभी गंदगी, कफ निकल कर नाक बिल्कुल साफ रहती है। संस्था द्वारा बताई गई सभी बातों को पूरी श्रद्धा से करने से मैंने पांच दिनों में ही रिकवरी कर ली।

इस दौरान मैंने और बेटे द्रव्य ने दवाइयों का पांच दिन वाला basic treatment ही लिया था। पति को फेफड़ों में इन्फ़ेक्शन था इसलिए उन्हें ठीक होने में थोड़ा समय ज्यादा लगा। शरीर शोधन क्रियायें भारतीय ऋषियों द्वारा खोजी गई योगिक अभ्यास है जिनका पालन करके हम जीवन भर बिना दवाओं के निरोगी रह सकते है।

मैं भावना जेठवा पिछले दो वर्ष से देशयोग चैरिटेबल ट्रस्ट से जुडी हुई हूं और संस्था की ऑनलाइन क्लास के माध्यम से मैंने सात्विक आहार एवं शरीर शोधन क्रियाओं को सीखा है। संस्था ने नयननेति, जलनेति, सूत्रनेति, दंडधौति, वस्त्रधौति, जलबस्ती क्रिया, कपालभाती, अग्निसार, जल-कपालभाती और त्राटक इत्यादि क्रियाओं को ऑनलाइन क्लास में बड़ी सहजता से सिखाया।












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