ATM Fraud: इस ट्रिक से मिनटों में खाली कर देते थे बैंक अकाउंट, अब पहुंचे सलाखों के पीछे, जाने पूरा मामला
ATM Fraud: उत्तर प्रदेश में एसटीएफ ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए एटीएम से ठगी करने वाले अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश किया है। ये ठग लोगों का एटीएम कार्ड बदलकर उनके खाते से लाखों रुपये निकाल लेते थे। इस गैंग के दो सदस्यों को प्रयागराज के नैनी इलाके से गिरफ्तार किया गया है।
गिरफ्तार आरोपियों में गिरोह का मास्टरमाइंड दिलशाद खान और उसका साथी मोहम्मद मोहसिन शामिल है। ये दोनों महाराष्ट्र पुलिस को लंबे समय से वांछित थे। इनके खिलाफ पालघर जिले में दर्ज एक मामले के बाद से तलाश जारी थी।

मिली जानकारी के मुताबिक, एसटीएफ को महाराष्ट्र पुलिस से इनपुट मिला कि दोनों आरोपी प्रयागराज में छिपे हुए हैं। इसके बाद यूपी एसटीएफ और महाराष्ट्र पुलिस की संयुक्त टीम ने 13 अप्रैल को आरटीओ ऑफिस, नैनी के पास से इन दोनों को धर दबोचा।
पिन देखकर बदल देते थे एटीएम कार्ड
पूछताछ में दिलशाद और मोहसिन ने बताया कि वे भीड़भाड़ वाले एटीएम बूथों को टारगेट करते थे। खासतौर पर ऐसे स्थान जहां सुरक्षा गार्ड नहीं होते और लोग तकनीक से ज्यादा परिचित नहीं होते।
ये दोनों खुद को मददगार बताकर एटीएम की लाइन में लगते थे और जैसे ही कोई बुजुर्ग या अनपढ़ व्यक्ति एटीएम में पिन डालता, ये नजर बचाकर पिन नोट कर लेते। फिर चुपचाप उनका असली कार्ड बदलकर क्लोन कार्ड पकड़ा देते थे।
महाराष्ट्र से सामने आया पहला केस
इस गिरोह की करतूतों का पता सबसे पहले महाराष्ट्र के पालघर जिले में चला। 25 मार्च को वसई के एक इंडस बैंक एटीएम से एक बुजुर्ग के खाते से 70 हजार रुपये निकाल लिए गए थे। इससे पहले 23 मार्च को रायगढ़ जिले में भी एक्सिस बैंक एटीएम से 49 हजार रुपये की इसी तरह की ठगी हुई थी।
इन घटनाओं की जांच में पुलिस को गिरोह के नेटवर्क का सुराग मिला और टेक्निकल ट्रैकिंग के जरिए उनके प्रयागराज में छिपे होने की पुष्टि हुई।
कई राज्यों में कर चुके हैं वारदात
गिरफ्तार मास्टरमाइंड दिलशाद खान पर पहले से ही कई राज्यों में केस दर्ज हैं। वह उत्तर प्रदेश, राजस्थान और महाराष्ट्र में कई बार एटीएम कार्ड बदलकर ठगी कर चुका है।
दिलशाद राजस्थान के भिलवाड़ा में जेल भी जा चुका है और 2022 में प्रतापगढ़ के लालगंज में लूट के एक मामले में उसकी गिरफ्तारी हुई थी। अब दोनों को प्रयागराज पुलिस के हवाले कर दिया गया है और महाराष्ट्र पुलिस उन्हें ट्रांजिट रिमांड पर वहां ले जाने की तैयारी कर रही है।
कार्ड क्लोनिंग व स्किमिंग बना हथियार
देशभर में एटीएम से जुड़े साइबर फ्रॉड के मामलों में तेजी आई है। कार्ड क्लोनिंग और स्किमिंग के जरिए अपराधी आसानी से लोगों की मेहनत की कमाई पर हाथ साफ कर रहे हैं।
पुलिस और साइबर सेल लगातार लोगों को अलर्ट कर रहे हैं कि एटीएम इस्तेमाल करते समय सावधानी बरतें, पिन को छिपाकर डालें और किसी अजनबी से मदद न लें।
इस गैंग के सदस्य टेक्नोलॉजी की अच्छी जानकारी रखते हैं और इसका इस्तेमाल मासूम लोगों को फंसाने के लिए करते हैं। खासतौर पर बुजुर्ग, महिलाएं और ग्रामीण इलाकों के लोग इनके आसान शिकार होते हैं। गिरफ्तारी के बाद इस गैंग के नेटवर्क की जांच की जा रही है ताकि इनके साथियों तक भी पहुंचा जा सके।












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